सामग्री पर जाएँ

माधुरी पत्रिका

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से

माधुरी पत्रिका का प्रकाशन अगस्त १९२१ ई० में लखनऊ से हुआ। इसके संपादक विष्णुनारायण भार्गव थे।[1] प्रारम्भ में कई वर्ष तक इसके संपादक दुलारेलाल भार्गव और रूपनारायण पाण्डेय थे। बाद में प्रेमचन्द और कृष्णबिहारी मिश्र ने इसका संपादन किया। इसके अतिरिक्त कुछ समय तक इसका संपादन जगन्नाथदास रत्नाकर और ब्रजरत्नदास भी करते रहे। १९२५ में कुछ समय तक आचार्य शिवपूजन सहाय ने भी इसका संपादन किया। हिन्दी की प्रारम्भिक पत्रिकाओं में "सरस्वती" के साथ ही "माधुरी" की गणना होती है। अमृतलाल नागर ने भी मेरी प्रिय कहानियाँ में लिखा है कि उनकी पहली कहानी १९३४ में माधुरी में छपी थी।[2]

सन्दर्भ

[संपादित करें]
  1. बाहरी, डॉ॰ हरदेव (१९८६). साहित्य कोश, भाग-2,. वाराणसी: ज्ञानमंडल लिमिटेड. p. ४४४. {{cite book}}: |access-date= requires |url= (help)
  2. "मेरी प्रिय कहानियाँ" (पीएचपी). भारतीय साहित्य संग्रह. अभिगमन तिथि: 26 जून 2008. {{cite web}}: Check date values in: |access-date= (help)[मृत कड़ियाँ]

बाहरी कड़ियाँ

[संपादित करें]