माउंटस्टुअर्ट एल्फिन्स्टन

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माउंटस्टुअर्ट एल्फिन्स्टन
Mountstuart Elphinstone
Mountstuart Elphinstone 1911.jpg

बॉम्बे का गवर्नर
पद बहाल
1 नवम्बर 1819 – 1 नवम्बर 1827
गर्वनर जनरल The Marquess of Hastings
The Earl Amhurst
पूर्वा धिकारी Sir Evan Nepean, Bt
उत्तरा धिकारी Sir John Malcolm

जन्म 6 October 1779
Dumbarton, Dumbartonshire, Scotland
मृत्यु 20 नवम्बर 1859(1859-11-20) (उम्र 80)
Hookwood, Surrey, England
राष्ट्रीयता British
शैक्षिक सम्बद्धता Royal High School
व्यवसाय Statesman, historian
माउंटस्टुअर्ट एल्फिन्स्टन का स्मारक (सेन्ट पॉल्स कैथेड्रल में)

माउंटस्टुअर्ट एल्फिन्स्टन (Mountstuart Elphinstone ; 6 अक्टूबर 1779 – 20 नवम्बर 1859) स्कॉटलैण्ड का एक राजनयिक तथा इतिहासकार था जो ब्रितानी शासन में सरका में भी रहा। बाद में वह मुम्बई का गवर्नर बना जहाँ उसने कई शैक्षणिक संस्थान आरम्भ किए। प्रशासन के साथ ही उसने भारत तथा अफगानिस्तान के बारे में पुस्तकें लिखी।

एल्फिंस्टन भारत में आधुनिक भारतीय भाषाओं के माध्यम से शिक्षा देने के समर्थक थे। सन १८२४ में अपना मत स्पष्ट करते हुए उन्होने कहा था कि यदि यूरोप के नए-नए ज्ञान को भारतीय जनता तक ले जाना है तो, यह कार्य यहाँ की जनता की आधुनिक भाषाओँ के माध्यम से ही किया सकता है। उन्होने पुरजोर शब्दों में इस बात पर भी बल दिया था कि – नैतिक और प्राकृतिक विज्ञानों की पुस्तकें भारत की आधुनिक भाषाओँ में तैयार करवाई जाएँ और उन्हीं भाषाओँ के माध्यम से भारत की जनता को शिक्षित किया जाए तथा जो लोग अंग्रेजी सीखकर यूरोपीय ज्ञान के सीधे संपर्क में आना चाहते हैं, उनके हित के लिए अंग्रेजी के स्कूल ख़ास तौर पर खोले जायें। उनका विचार था कि भारतीय जनता की मानसिक और नैतिक उन्नति के लिए अंग्रेजी का स्थान मात्र गौण ही नहीं है अपितु भारत में पाश्चात्य ज्ञान का प्रचार-प्रसार केवल अंग्रेजी के माध्यम से होना असम्भव भी है। रामधारीसिंह 'दिनकर' के अनुसार एल्फिंस्टन उन थोड़े से अंग्रेजों में भी श्रेष्ठ थे, जिनका लक्ष्य भारत को आत्मनिर्भरता प्रदान कर उसे अपने पांवों पर खड़ा होने के योग्य बनाना था। उल्लेखनीय है कि माउंटस्टुअर्ट एल्फिंस्टन ने जनशिक्षा के प्रसार के लिए सन १८२४, मुंबई में "बम्बई नेटिव एजुकेशन सोसायटी" की स्थापना की थी।

सन्दर्भ[संपादित करें]