मा'लोउला

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मा'लोउला
Maaloula

Maҁlūlā
शहर
Maaloula 01.jpg
Mar Takla monastery 01.jpg Monastery St Sergios 3.JPG -From Chapel of St Tekla - panoramio.jpg
मा'लोउला के दृश्य
मा'लोउलाMaaloula स्थित है Syria
मा'लोउलाMaaloula
मा'लोउला
Maaloula
Location in Syria
निर्देशांक: 33°50′39″N 36°32′48″E / 33.84417°N 36.54667°E / 33.84417; 36.54667
देश Flag of Syria.svg सीरिया
प्रांत रिफ दिमाश्क
जिला अल-कूतायफाह
नाहिया मालूला
ऊँचाई 1,500
जनसंख्या (2004 census)
 • कुल 2,762
संत थेक्ला गिरिजाघर।

मा'लोउला (अरबी: معلولا, अरामैक शब्द ܡܥܠܐ, मा'ला, से जिसका अर्थ है 'प्रवेश') सीरिया में एक कस्बा है जो पश्चिमी नीयो-अरामैक बोलने वालो का प्रभुत्व है। पास के दो अन्य कस्बों, बाख'आ और जुब्ब'आदिन, के साथ यह एकमात्र ऐसा स्थान है जहाँ अरामैक भाषाओं की पश्चिमी शाखा अभी भी बोली जाती है। यह कस्बा सीरिया की राजधानी डेमेस्कस से ५६ किमी उत्तरपूर्व में स्थित है और बीहड़ पहाड़ी किनारे पर, १५०० मीटर से भी अधिक की ऊँचाई पर बसा है। इस स्थान की दूरी और भूवैज्ञानिक विशेषताओं ने इस भाषाई शाद्वल (ओएसिस) को १५०० वर्षों तक जीवन्तता प्रदान की। लेकिन अब आधुनिक सड़कों और यातायात के कारण और अरबी भाषा के टीवी चैनलों और समाचार पत्र-पत्रिकाओं की उपलब्धता के कारण - और पिछ्ले कुछ समय से, शासकीय नीतियों के कारण - इस स्थान की भाषाई विरासत नष्ट को रही है। २००५ तक, इस कस्बे की जनसंख्या २,००० थी।[1]

Maaloula-VillageView.jpg मा'लोउला कस्बा।

धार्मिक रूप से यहाँ दोनो ईसाई और मुसलमन रहते हैं। मुस्लिम निवासियों के लिए तो विरासत और भी अधिक विलक्षण है इसलिए की उनका अरबीकरण नहीं हुआ। अन्य सीरियाईयों ने जहाँ इस्लाम के साथ-साथ अरबी को भी अपना लिया और अपने को "अरबी" पहचान से जोड़ लिया।

इन अरामैको की पहचान[संपादित करें]

बहुत से लोग यह मान कर चलते हैं की मध्य-पूर्व के सभी लोग अरब हैं। यद्यपि उनमें से अधिकांध हैं भी और ये भी की अरबी आधिकारिक भाषा है - "अरब" देशों में ऐसे समूह हैं, जिनकी संस्कृति बिल्कुल भिन्न है। ये लोग एक आम भाषा से एकिकृत हैं जैसे की अरामैक सीरियाई ऑर्थोडॉक्स चर्च (Syriac Orthodox Church)। ये अरामैक अरब नहीं है लेकिन अरबों के आने से पूर्व हज़ारों वर्षों से सीरिया में रहते आ रहे हैं। ये अस्सुरों के वंशज है और अस्सिरियाईयों के नाम से भी जाने जाते हैं। यद्यपि इनमें से बहुत लोग अब अरबी बोलते हैं लेकिन इन लोगो ने अपनी पहचान बना कर रखी है और उस भाषा को भी जो ये चर्च सभा में उपयोग करते हैं।

अन्य मामलों में जैसे भोजन, दोनों संस्कृतियों में समानता पाई जाती है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. रॉबर्ट एफ. वर्थ (२२-०४-२००८). "सीरिया में लुप्त होती ईसा मसीह की अनुमानित भाषा". इंटरनैशनल हैराल्ड ट्रिब्यून. pp. २. Archived from the original on 2008-04-30. http://web.archive.org/web/20080430071618/http://www.iht.com/articles/2008/04/22/mideast/syria.php. अभिगमन तिथि: २२-०४-२००८. 

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]