महाराणा फतेह सिंह

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

फतेह सिंह मेेवाड़, राजस्थान के शिशोदिया राजवंश के शासक थे।

मेवाड़ के फतेह सिंह
Maharana Fateh Singh of Udaipur.jpg
उदयपुर रियासत के शासक
शासनावधि1884–1930
पूर्ववर्तीउदयपुर के सज्जन सिंह
उत्तरवर्तीमहाराणा भूपाल सिंह
जन्म16 दिसम्बर 1849
निधन24 मई 1930(1930-05-24) (उम्र 80)
पितादल सिंह
मेवाड़ के राजपूत राजवंश
(1326–1884)
राणा हम्मीर सिंह (1326–1364)
राणा क्षेत्र सिंह (1364–1382)
राणा लखा (1382–1421)
राणा मोकल (1421–1433)
राणा कुम्भ (1433–1468)
उदयसिंह प्रथम (1468–1473)
राणा रायमल (1473–1508)
राणा सांगा (1508–1527)
रतन सिंह द्वितीय (1528–1531)
राणा विक्रमादित्य सिंह (1531–1536)
बनवीर सिंह (1536–1540)
उदयसिंह द्वितीय (1540–1572)
महाराणा प्रताप (1572–1597)
अमर सिंह प्रथम (1597–1620)
करण सिंह द्वितीय (1620–1628)
जगत सिंह प्रथम (1628–1652)
राज सिंह प्रथम (1652–1680)
जय सिंह (1680–1698)
अमर सिंह द्वितीय (1698–1710)
संग्राम सिंह द्वितीय (1710–1734)
जगत सिंह द्वितीय (1734–1751)
प्रताप सिंह द्वितीय (1751–1754)
राज सिंह द्वितीय (1754–1762)
अरी सिंह द्वितीय (1762–1772)
हम्मीर सिंह द्वितीय (1772–1778)
भीम सिंह (1778–1828)
जवान सिंह (1828–1838)
सरदार सिंह (1838–1842)
स्वरूप सिंह (1842–1861)
शम्भू सिंह (1861–1874)
उदयपुर के सज्जन सिंह (1874–1884)
फतेह सिंह (1884–1930)
भूपाल सिंह (1930–1947)
भगवंत सिंह (1947–1971)

1911 ई.मे जॉर्ज पंचम के भारत आगमन पर फतेहसिंह दिल्ली दरबार मे शामिल होने के लिए दिल्ली गए परन्तु केशरी सिंह बारहट द्वारा लिखित चेतावनी रा चुगठीया पढ़कर दिल्ली दरबार मे शामिल हुए बगैर वापस मेवाड़ लौट आए। 1888 मे फतेहसागर झील का पुनःनिर्माण फतेहसिंह ने करवाया जिसे केनोट बाँध भी कहते है।