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महागुच्छ

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महागुच्छ छोटे मंदाकिनी गुच्छों या मंदाकिनी झुंडों का एक बड़ा समूह है; [1] वे ब्रह्मांड में सबसे बड़ी ज्ञात संरचनाओं में से हैं। हमारी आकाशगंगा स्थानीय समूह का भाग है (जिसमें 54 से अधिक मंदाकिनीयाँ हैं), जो बदले में कन्या महागुच्छ का भाग है, जो लानियाके महागुच्छ का भाग है, जो मीन-सेटस महागुच्छ कॉम्प्लेक्स का भाग है। [2] महागुच्छ के बड़े आकार और कम घनत्व का अर्थ है कि वे, मंदाकिनी झुंड के विपरीत, हबल विस्तार के साथ विस्तारित होते हैं। प्रेक्षणीय ब्रह्मांड में महागुच्छों की संख्या 1 करोड़ होने का अनुमान है। [3]

अस्तित्व

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महागुच्छों का अस्तित्व इस तथ्य की ओर संकेत करता है कि ब्रह्माण्ड में मंदाकिनीयाँ समान रूप से वितरित नहीं हैं; इनमें से अधिकांश मंदाकिनीयाँ आपस में खिंचकर गुच्छों और समूहों में संगठित होती हैं। समूहों (groups) में कुछ दर्जनों मंदाकिनीयाँ होती हैं, जबकि गुच्छों (clusters) में कई हज़ार मंदाकिनीयाँ हो सकती हैं। ये समूह, गुच्छ और अतिरिक्त एकाकी मंदाकिनीयाँ मिलकर और भी बड़े ढाँचे बनाते हैं, जिन्हें महागुच्छ कहा जाता है।

अबेल 901/902 महागुच्छ पृथ्वी से लगभग दो अरब प्रकाश-वर्ष की दूरी पर स्थित है।[4]

उनका अस्तित्व सर्वप्रथम जॉर्ज एबेल ने 1958 में अपने एबेल सूची में प्रस्तावित किया था, जिसमें मंदाकिनी गुच्छों का संकलन किया गया था। उन्होंने इन्हें "द्वितीय-कोटि के गुच्छ" (second-order clusters) अथवा गुच्छों के गुच्छ कहा।[5]

महागुच्छ, मंदाकिनियों की विशाल संरचनाएँ बनाते हैं, जिन्हें "सूतकाएँ (filaments)", "महागुच्छ परिसंहतियाँ" (supercluster complexes), "भित्तियाँ" (walls) या "पत्रक" (sheets) कहा जाता है। इनका विस्तार कई करोड़ प्रकाश-वर्ष से लेकर 10 अरब प्रकाश-वर्ष तक हो सकता है, जो प्रेक्षणीय ब्रह्माण्ड (observable universe) का 5% से अधिक भाग आच्छादित करता है। ये अब तक ज्ञात सबसे बड़ी संरचनाएँ हैं।

महागुच्छों का अध्ययन ब्रह्माण्ड की प्रारम्भिक अवस्था के बारे में जानकारी प्रदान कर सकता है, जब इनका निर्माण हुआ था। महागुच्छों के भीतर मंदाकिनियों की घूर्णन धुरियों की दिशाओं का अध्ययन वे खगोलशास्त्री करते हैं, जो मानते हैं कि इससे ब्रह्माण्ड के इतिहास में मंदाकिनियों की आद्य-निर्माण प्रक्रिया के बारे में गहन अंतर्दृष्टि और जानकारी प्राप्त हो सकती है।[6]

महागुच्छों के बीच-बीच में अन्तरिक्ष के विशाल रिक्त क्षेत्र (voids) पाए जाते हैं, जहाँ बहुत कम मंदाकिनियाँ विद्यमान होती हैं। महागुच्छों को प्रायः छोटे-छोटे गुच्छों के समूहों में विभाजित किया जाता है, जिन्हें मंदाकिनी समूह और गुच्छ कहा जाता है।

यद्यपि साम्यसिद्धान्त के अनुसार महागुच्छों को ब्रह्माण्ड की सबसे बड़ी संरचनाएँ माना जाता है, तथापि सर्वेक्षणों में इनसे भी बड़े ढाँचे देखे गए हैं, जिनमें स्लोएन महाभित्ति प्रमुख है।[7]

  1. Cain, Fraser (4 May 2009). "Local Group". Universe Today. अभिगमन तिथि: 6 December 2015.
  2. Gibney, Elizabeth (2014-09-03). "Earth's new address: 'Solar System, Milky Way, Laniakea'". Nature (अंग्रेज़ी भाषा में). डीओआई:10.1038/nature.2014.15819. आईएसएसएन 1476-4687. एस2सीआईडी 124323774.
  3. "The Universe within 14 billion Light Years". Atlas of the Universe. अभिगमन तिथि: 6 December 2015.
  4. "An Intergalactic Heavyweight". ESO Picture of the Week. अभिगमन तिथि: 12 February 2013.
  5. Abell, George O. (1958). "The distribution of rich clusters of galaxies. A catalogue of 2,712 rich clusters found on the National Geographic Society Palomar Observatory Sky Survey" (PDF). The Astrophysical Journal Supplement Series. 3: 211–288. बिबकोड:1958ApJS....3..211A. डीओआई:10.1086/190036. मूल से (PDF) से 21 जुलाई 2018 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 26 अगस्त 2025.
  6. Hu, F. X.; et al. (2006). "Orientation of Galaxies in the Local Supercluster: A Review". Astrophysics and Space Science. 302 (1–4): 43–59. आर्काइव:astro-ph/0508669. बिबकोड:2006Ap&SS.302...43H. डीओआई:10.1007/s10509-005-9006-7. एस2सीआईडी 18837475.
  7. Nurmi, P.; Heinamaki, P.; Martinez, V. J.; Einasto, J.; Enkvist, I.; Einasto, P.; Tago, E.; Saar, E.; Tempel, E. (2011-05-09). "The Sloan Great Wall. Morphology and galaxy content". The Astrophysical Journal (अंग्रेज़ी भाषा में). 736 (1): 51. आर्काइव:1105.1632. बिबकोड:2011ApJ...736...51E. डीओआई:10.1088/0004-637X/736/1/51. एस2सीआईडी 119215944.