महंत मोहरनाथ

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

महंत मोहरनाथ नाथ पंथ संवत् 1922 से संवत् 1935 में तीसरे महंत बने थे। अस्थल बोहर स्थान पर बाबा मस्तनाथ ने घोर तपस्या की और इसका जीर्णोद्धार करके ‘अस्थल बोहर मठ’ की स्थापना की।[1][2]

मठ के अभी तक के महंत[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. "संग्रहीत प्रति". मूल से 8 मई 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 8 मई 2019.
  2. "संग्रहीत प्रति". मूल से 8 मई 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 8 मई 2019.