मल्लू आदिल शाह
| मल्लू आदिल शाह | |
|---|---|
| बीजापुर का सुल्तान | |
| शासनावधि | 27 अगस्त 1534 – फ़रवरी 1535 |
| पूर्ववर्ती | इस्माइल आदिल शाह |
| उत्तरवर्ती | इब्राहीम आदिल शाह प्रथम |
| जन्म | बीजापुर |
| निधन | फ़रवरी 1535 |
| पिता | इस्माइल आदिल शाह |
मल्लू आदिल शाह बीजापुर सल्तनत अथवा जिसे आदिलशाही सल्तनत भी कहते हैं, का तीसरा शासक था। इस्माइल की वसीयत के अनुसार, उसके पुत्र मल्लू ख़ान को सरदार असद ख़ान की सहायता से गद्दी पर बैठाया गया, जो राज्य का संरक्षक बना। मल्ला शासन करने के योग्य नहीं था। उसने अपने कर्तव्यों की उपेक्षा की और दुर्व्यसनों में लिप्त रहा, जिसके परिणामस्वरूप राज्य में असंतोष और अव्यवस्था फैल गई। इसे रायचूर दोआब को पुनः प्राप्त करने का उपयुक्त अवसर पाकर,विजयनगर साम्राज्य के राजा अच्युत देव राय ने आक्रमण किया और उसे बीजापुर से छीनने में सफल रहा, जिससे मल्लू को उसकी शर्तें स्वीकार करने के लिए विवश होना पड़ा।
मल्लू आदिल शाह के अत्याचार इतने असहनीय हो गए कि पुंजी ख़ातून, मल्लू आदिल शाह की पितृ दादी ने सेनापति असद ख़ान की सहायता से मल्लू को पदच्युत कर दिया और उसके छोटे भाई इब्राहिम आदिल शाह प्रथम को राजा घोषित किया। [1]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Mughal Empire - R. C. Majumdar. 1974-03-01.