मरनपता शिला
| मरनपता शिला या मरनपता स्टेले | |
|---|---|
मरनपता शिला (2023 में) | |
| सामग्री | ग्रेनाइट |
| लेखन | प्राचीन मिस्र चित्रलिपि |
| कृति | ल॰ 1208 ईसापूर्व |
| खोज | 1896 थेबीस, मिस्र 25°43′14″N 32°36′37″E / 25.72056°N 32.61028°Eनिर्देशांक: 25°43′14″N 32°36′37″E / 25.72056°N 32.61028°E |
| खोजकर्ता | फ्लिन्डर्स पेत्री (Flinders Petrie) |
| अवस्थिति | मिस्र संग्रहालय, काहिरा |
| अभिज्ञानन | JE 31408 |
| काल | मिस्र का नव राज्य |
मरनपता स्टील (Merneptah Stele), जिसे इज़राइल स्टील या 'मरनपता की विजय शिला' के नाम से भी जाना जाता है, प्राचीन मिस्र के मरनपता नामक एक फिरौन का एक शिलालेख है। फिरौन ने 1213 से 1203 ईसा पूर्व तक शासन किया था। सन 1896 में फ्लिंडर्स पेट्री ने इसे थीब्स में पाया था। सम्प्रति यह काहिरा स्थित मिस्र के संग्रहालय में रखा गया है।[1][2]
इस शिला पर लिखा गया लेख काफी हद तक प्राचीन लीबिया और उनके सहयोगियों पर मरनपता (Merneptah) की विजय का एक विवरण है, लेकिन 28 पंक्तियों में से अंतिम तीन पंक्तियों में कनान में एक अलग सैन्य अभियान का उल्लेख है। कनान तब मिस्र की शाही संपत्ति का हिस्सा था। इस शिला को कभी-कभी "इज़राइल स्टील" भी कहा जाता है क्योंकि अधिकांश विद्वान 27वीं पंक्ति में चित्रलिपियों के एक समूह का अनुवाद "इज़राइल" के रूप मे करते हैं। कुछ लोगों ने इसके अन्य अनुवाद भी प्रस्तुत किये हैं लेकिन वे अधिकांशतः अस्वीकृत हैं।[3]
इस शिलालेख में 'इज़राइल' का प्राचीनतम उल्लेख प्राप्त होता है। साथ ही प्राचीन मिस्र का एकमात्र संदर्भ यही है।[4] यह शिलालेख लौह युग के चार ज्ञात शिलालेखों में से एक है जो प्राचीन इज़राइल के समय का है और 'इजराइल' नाम का उल्लेख करता है। परिणामतः कुछ लोग मरनपता शिला को पेट्री की सबसे प्रसिद्ध खोज मानते हैं।[5][1]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- 1 2 Drower 1995, p. 221.
- ↑ Redmount 2001, pp. 71–72, 97.
- ↑ Sparks 1998, pp. 96–.
- ↑ Hasel 1998, p. 194.
- ↑ The Biblical Archaeologist, American Schools of Oriental Research, 1997, p. 35.