मध्यवर्ती मान प्रमेय

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मध्यवर्ती मान प्रमेय : माना कोई सतत फलन है जो अन्तराल में परिभाषित है तथा एक संख्या हैं जो f(a) से बड़ी और f(b) से छोटी है। इस दशा में और के बीच एक बिन्दु अवश्य होगा जिस पर .

गणितीय विश्लेषण में, मध्यवर्ती मान प्रमेय (intermediate value theorem) के अनुसार, यदि कोई सतत फलन है जिसके डोमेन में अन्तराल [a, b] है, तो इस अन्तराल में इस फलन के मान और के बीच के कोई भी मान हो सकते हैं।

इस प्रमेय के दो महत्वपूर्ण उपप्रमेय हैं-

  1. यदि किसी अन्तराल के अन्दर किसी सतत फलन के दो मान परस्पर विपरीत चिह्न के हैं, तो इस अन्तराल में उस फलन का एक मूल (root) अवश्य होगा। इसे बोल्जानो का प्रमेय (Bolzano's theorem) कहते हैं।[1]
  2. किसी अन्तराल में किसी सतत फलन का इमेज (image) स्वयं ही एक अन्तराल होता है।

सन्दर्भ[संपादित करें]