गुना ज़िला
| गुना ज़िला | |
|---|---|
|
मध्य प्रदेश में गुना ज़िले की अवस्थिति | |
| राज्य |
मध्य प्रदेश |
| प्रभाग | ग्वालियर।[1] |
| मुख्यालय | गुना |
| क्षेत्रफल | 6,390[2] kमी2 (2,470 वर्ग मील) |
| जनसंख्या | 1,240,938 (2011) |
| जनघनत्व | 194/किमी2 (500/मील2) |
| शहरी जनसंख्या | 24.46% |
| साक्षरता | 65.1 per cent |
| लिंगानुपात | 910 |
| औसत वार्षिक वर्षण | 65 मिमी |
| आधिकारिक जालस्थल | |
गुना जिला मध्य भारत के राज्य मध्य प्रदेश के 55 जिलों में से एक है। इसका प्रशासनिक मुख्यालय गुना नगर में स्थित है। 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की जनसंख्या 12,41,519 थी, जबकि इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 6,390 वर्ग किलोमीटर है।[3]
जिले की सीमाएँ उत्तर-पूर्व में शिवपुरी जिला, पूर्व में अशोकनगर जिला, दक्षिण-पूर्व में विदिशा जिला, दक्षिण-पश्चिम में राजगढ़ जिला तथा पश्चिम और उत्तर-पश्चिम में राजस्थान के झालावाड़ जिला और बारां जिला से मिलती हैं।[4]
जिले की भौगोलिक संरचना में नदियों का महत्वपूर्ण योगदान है। सिंध नदी जिले की पूर्वी सीमा के साथ उत्तर दिशा में बहती है और अशोकनगर जिले के साथ प्राकृतिक सीमा का निर्माण करती है। वहीं पार्वती नदी जिले के दक्षिणी भाग से उत्तर-पश्चिम दिशा में प्रवाहित होती है तथा राजस्थान में प्रवेश करने से पहले बारां जिले के साथ सीमा निर्धारित करती है। गुना जिला मालवा और बुंदेलखंड क्षेत्रों के बीच स्थित होने के कारण भौगोलिक तथा सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।[5]
गुना जिला का वर्तमान स्वरूप 15 अगस्त 2003 को अस्तित्व में आया, जब इसके पूर्वी भाग को अलग करके अशोकनगर जिला का गठन किया गया।
ऐतिहासिक रूप से यह क्षेत्र प्राचीन अवंती महाजनपद का हिस्सा था, जिस पर चंड प्रद्योत महसेन का शासन था। बाद में मगध साम्राज्य ने अवंती को अपने अधीन कर लिया और गुना का क्षेत्र भी मगध साम्राज्य में सम्मिलित हो गया।
18वीं शताब्दी के प्रारम्भ में मराठा सेनानायक रामोजी राव सिंधिया ने इस क्षेत्र पर अधिकार स्थापित किया। इसके बाद गुना लंबे समय तक ग्वालियर राज्य का हिस्सा रहा और भारतीय स्वतंत्रता तक उसी के अधीन रहा। प्रशासनिक रूप से यह ग्वालियर राज्य के ईसागढ़ जिला के अंतर्गत आता था।
1897 में इंडियन मिडलैंड रेलवे ने गुना से होकर गुजरने वाली रेल लाइन का निर्माण किया, जिससे क्षेत्र की यातायात और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला।
स्वतंत्रता के बाद, 28 मई 1948 को गुना नवगठित मध्य भारत के 16 जिलों में से एक बना। बाद में राज्यों का पुनर्गठन 1956 के तहत 1 नवंबर 1956 को मध्य भारत राज्य का विलय मध्य प्रदेश में कर दिया गया, जिसके बाद गुना मध्य प्रदेश का एक जिला बन गया।[6]
तहसीलें
[संपादित करें]सब- डिवीजन
[संपादित करें]ब्लॉक
[संपादित करें]धार्मिक स्थान
[संपादित करें]- पंचमुखी हनुमान आश्रम
- हनुमान टेकरी
- बीस भुजा देवी
- हनुमान मंदिर कैंट
- जैनगढ़
- हनुमान मंदिर ए बी रोड
- श्री बाग बागेश्वर धाम चाचौड़ा
- राम जानकी मंदिर बमौरी
- खैरोदा मंदिर बमौरी
- कंकाली मंदिर बमौरी
- क्राइस्ट द किंग चर्च
- निहाल देवी मन्दिर
- संतोषी माता मंदिर नई सडक गुना
- पाटई हनुमान जी मन्दिर
- टुका श्री हनुमान मंदिर राघोगढ़
- प्राचीन गादेर गुफा
- चार धाम मंदिर जामनेर
- टेकरी सरकार कोंतर
चित्र दीर्घा
[संपादित करें]- Urban Primary Health Center
- Govt.H.S.Secondary School Cantt.Guna,
- Hanuman Temple Kalapatha
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "जिले के बारे में". guna.nic.in.
- ↑ "संग्रहीत प्रति". मूल से से 21 जून 2015 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 23 जून 2015.
- ↑ "गुना". आजतक.
- ↑ Census of India, 1991: Guna District. जनगणना संचालन निदेशालय, मध्य प्रदेश. 1997.
- ↑ एक्सपर्ट्स, अरिहंत (2021). हमारा मध्य प्रदेश. अरिहंत पब्लिकेशन इंडिया लिमिटेड. ISBN 9789325296183.
- ↑ "गुना विकास योजना" (PDF). mptownplan.gov.in. मूल से (PDF) से 15 जून 2024 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 26 अक्टूबर 2021.
- ↑ "संग्रहीत प्रति". मूल से से 21 जून 2015 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 23 जून 2015.
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]- Guna District On the Bundelkhanddarshan.com Archived 2011-06-09 at the वेबैक मशीन
- गुना न्यूज़
