मझली दीदी
| मझली दीदी | |
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मझली दीदी का पोस्टर | |
| निर्देशक | हृषिकेश मुखर्जी |
| पटकथा | नबेन्दु घोष |
| आधारित |
उपन्यास: मेझ दीदी लेखक: शरत चन्द्र चट्टोपाध्याय |
| निर्माता |
गोपाल मुखर्जी कोची सरकार |
| अभिनेता |
मीना कुमारी, धर्मेन्द्र |
| संगीतकार | हेमन्त कुमार |
प्रदर्शन तिथि |
1967 |
| देश | भारत |
| भाषा | हिन्दी |
मझली दीदी 1967 में बनी हिन्दी भाषा की है। यह शरत चन्द्र चट्टोपाध्याय की बंगाली भाषा की कहानी, मेझदीदी पर आधारित है जिसका निर्देशन हृषिकेश मुखर्जी ने किया है।[1] इसमें मीना कुमारी और धर्मेन्द्र हैं।[2]
यह फ़िल्म टिकट खिड़की पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई। लेकिन यह आलोचनात्मक नजरिये से सफल रही। 16वें फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कारों में, इसने नबेन्दु घोष के लिए सर्वश्रेष्ठ पटकथा पुरस्कार और अजीत बनर्जी के लिए सर्वश्रेष्ठ कला निर्देशन पुरस्कार जीता। साथ ही यह फ़िल्म 41वें अकादमी पुरस्कार में भारत की तरफ से सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फ़िल्म के लिए भेजी गई थी।[3]
संक्षेप
[संपादित करें]बिपिनचन्द्र (धर्मेन्द्र) शहर की एक लड़की हेमांगिनी (मीना कुमारी) से शादी करके पारिवारिक परंपरा को तोड़ देता है। इस तरह वह अपनी भाभी कादम्बिनी (ललिता पवार) और अपने भाई नवीनचन्द्र की नाराज़गी झेलता है। दोनों महिलाओं के दो-दो बच्चें हो जाने के बावजूद स्थिति नाजुक बनी रहती है। फिर हेमांगिनी नवीनचन्द्र के खिलाफ कोर्ट में गवाही देती है, जिससे संपत्ति का बंटवारा होता है।
कादम्बिनी के अनाथ स्कूल जाने वाले सौतेले भाई किशन (सचिन) के आने से स्थिति और खराब हो जाती है। उसे न केवल कादम्बिनी और नवीनचन्द्र बल्कि उनके अधिक वजन वाले बेटे द्वारा भी पीटा जाता है। उसके साथ इस दुर्व्यवहार के कारण हेमांगिनी आपत्ति जताती है। तो बिपिन परिवार के बाकी सदस्यों का पक्ष लेता है। हेमा को शायद किशन को उसके हाल पर छोड़ना होगा।
मुख्य कलाकार
[संपादित करें]- मीना कुमारी — हेमा
- धर्मेन्द्र — बिपिनचन्द्र 'बिपिन'
- ललिता पवार — कादम्बिनी
- सचिन — किशन
- बिपिन गुप्ता — नवीनचन्द्र 'नवीन'
- लीला चिटनिस — किशन की माता
- लीला मिश्रा — किशन की पड़ोसी
- केष्टो मुखर्जी — भोला
- सारिका — उमा, हेमा की बेटी
संगीत
[संपादित करें]सभी गीत नीरज द्वारा लिखित; सारा संगीत हेमन्त कुमार द्वारा रचित।
| क्र॰ | शीर्षक | गायक | अवधि |
|---|---|---|---|
| 1. | "माँ ही गंगा माँ ही जमुना" | लता मंगेशकर, हेमन्त कुमार | 3:14 |
| 2. | "उमरिया बिन सेवक की नैया" | हेमन्त कुमार | 3:06 |
| 3. | "मैं लाल लाल मुचकन" | लता मंगेशकर, कमल बैरोट, हेमन्त कुमार | 3:29 |
| 4. | "नदियों की भरी गोद में" | हेमन्त कुमार | 3:11 |
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "'याद करोगे जब मैं नहीं रहूंगी..' मीना कुमारी 'किशन' को सिखा गईं ऐसे गुर, धर्मेंद्र को पीछे छोड़, जीता नेशनल अवॉर्ड". न्यूज़ 18. 16 दिसम्बर 2023. मूल से से 28 जून 2024 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 28 जून 2024.
- ↑ "'शोले' में डबल रोल निभाकर हुआ मशहूर, आज है बड़ा स्टार, 1 फिल्म में तो धर्मेंद्र को ही दे डाली थी टक्कर". न्यूज़ 18. 20 जनवरी 2024. मूल से से 28 जून 2024 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 28 जून 2024.
- ↑ "Meena Kumari को लगातार दो बार मिला बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड, ये हैं ट्रैजडी क्वीन की बेस्ट फिल्में - Meena Kumari Birth Anniversary Best films of veteran actress meena kumari". दैनिक जागरण. अभिगमन तिथि: 28 जून 2024.