मज्झिमनिकाय (संस्कृत: मध्यम निकाय), बौद्ध धर्मग्रन्थ है। यह सुत्तपिटक के पाँच बौद्ध निकायों में से दूसरा निकाय है। इसकी रचना ३री शताब्दी ईसापूर्व से लेकर २री शताब्दी ई के मध्य हुई।
मज्झिम निकाय पालि साहित्य का एक अत्यंत महत्वपूर्ण संग्रह है, जिसमें मध्यम लंबाई के कुल १५२ सूत्र संकलित हैं। इसकी भाषा स्पष्ट, संक्षिप्त और विषय पर केंद्रित है, इसी कारण यह साधकों के बीच सबसे लोकप्रिय और व्यवहारिक निकाय माना जाता है। पाँच निकायों में इसे सबसे रोचक और ज्ञानवर्धक कहना अनुचित नहीं होगा।
इस निकाय में भगवान बुद्ध की विविध साधना-संबंधी शिक्षाएँ सरल और सीधे रूप में प्रस्तुत हैं। कुछ सूत्रों की देशना अग्र भिक्षुओं द्वारा दी गई है, जबकि कई सूत्रों में उनके बीच हुई गहन चर्चाएँ और संवाद सुरक्षित हैं। कहीं-कहीं जातक कथाओं का समावेश भी मिलता है, जो सूत्र को जीवन्त और स्मरणीय बना देता है।
मध्यम निकाय तीन भागों में विभाजित है— (१) मूलपण्णास (२) मज्झिमपण्णास (३) उपरिपण्णास