भिंड ज़िला
भिंड ज़िला भारत के मध्य प्रदेश राज्य का एक ज़िला है। ज़िले का मुख्यालय भिंड है।[1][2] जिसकी सीमा उत्तर प्रदेश से लगती है
विवरण
[संपादित करें]भिण्ड के गाँव के लोगो के रोज़गार का साधन कृषि है। आज़ादी के बाद से यहाँ के लोगों को एक नई पहचान मिली वो देश की सेवा में संलग्न हो गए, ओर तभी यहाँ के लोग भारतीय सेना में हैं। यहां पर सबसे ज्यादा लोगो आर्मी बीएसएफ सीआरपीएफ आदि जाते हैं
प्रमुख तथ्य
[संपादित करें]- गौरी सरोवर के किनारे एक प्राचीन गणेश मन्दिर स्थित है।
- भिण्ड का सबसे बड़ा गाँव अमायन है।
- दंदरौआ मंदिर यहाँ का एक प्राचीन मंदिर है। वहाँ पर प्रतिष्ठित हनुमान जी की मूर्ति डॉ हनुमान के नाम से प्रसिद्ध है,यह मंदिर भिंड जिले की मौ तहसील में आता है।
- वनखंडेश्वर मन्दिर पृथ्वीराज चौहान द्वारा निर्मित एक शिवालय है। जो कि गौरी सरोवर के निकट है।
- भिंड चम्बल नदी के बीहड़ के लिए भी प्रसिद्ध है, जहाँ कुछ समय पहले तक डाकुओं का राज़ रहा।
- ऐसा माना जाता है ,भिण्ड का नाम महान भिन्डी ऋषि के नाम पर रखा गया है। जिनका संबंध यदुवंश से था ।
- भारत के सर्वाधिक साक्षर जिलों में से एक भिण्ड मंत्रमुग्ध कर देने वाली वास्तुकला के लिए भी जाना जाता है।
- भिंड जिले से करीब 30,000 सैनिक देश की सुरक्षा में तत्पर है
- मध्यप्रदेश में सबसे कम वर्षा भिंड जिले की
- मौ तहसील में होती है।
- गोहद में एक प्रसिद्ध छैकुर वाले हनुमान जी का मंदिर है मालनपुर यहाँ का औद्योगिक क्षेत्र है, जो कि गोहद तहसील में ही पड़ता है। जिसे सूखा पॉर्ट भी कहा जाता है।
- भिंड जिले की मौ तहसील सबसे छोटी तहसील है।
- गोहद तहसील स्थित गोहद का किला बहुत ही प्राचीन स्थल है।
- भिंड जिला भोपाल इंदौर जबलपुर के बाद सर्वाधिक पुरूष साक्षर जिला है।
प्रमुख स्थल
[संपादित करें]- वनखण्डेश्वर मन्दिर भिंड * आजी माता शक्तिपीठ सड़ा * काक्सी सरकार हनुमान मन्दिर * रावतपुरा सरकार हनुमान मन्दिर * मां मंगला देवी लहार
- त्रयम्बकेश्वर महादेव मंदिर भिंड
- बटेश्वर महादेव मंदिर
- भिंडी ऋषि का मंदिर भिंड
- मनसा पूर्ण हनुमान भिंड
- माँ रेणुका मंदिर जमदारा(मौ)
- गहियर धाम देबगढ
- डिडी हनुमान जी मंदिर
- गौरी सरोवर पार्क भिंड
- नरसिंह भगवान मन्दिर सायना(मेहगांव)
- भिण्ड का किला(भदौरिया राजाओं का)
- अटेर का किला(भदौरिया राजाओं की राजधानी)
- श्री नरसिंह भगवान मंदिर मौ
- दंदरौआ मंदिर मौ
- जागा सरकार हनुमान मंदिर लौहरपुरा(मौ)
- जामना वाले हनुमानजी
- पावई वाली शारदा माता
- श्री सीताराम बाबा रतवा(मौ)
- श्री मस्तराम बाबा रसनोल(मौ)
- कचनाव खुर्द(गोरमी से 9 कि.मी.दूर उत्तर दिशा) में प्राचीन शिव मंदिर जिसे काई बाले शंकर जी के नाम से जाना जाता है ।
- भिंड में शिव के मंदिरों की श्रृंखला में 100 से अधिक मंदिर है जो अपने आप में एक धाम है साथ ही इन मंदिरों की अपनी-अपनी महत्ता है और गौरी सरोवर की नौका विहार अत्यंत मनोरम है यहाँ राष्ट्रीय नौका प्रतियोगिता का आयोजन होता है।
ज़िले की तहसीलें
[संपादित करें]ज़िले के गाँव
[संपादित करें]ज़िले के कुछ प्रमुख ग्राम: धोचरा सरसई, कनावर, ग्राम मानहड़, पड़राई का पुरा (सतपाल),, जरपुरा,, मुस्तरा,, मेघपुरा,, सेंपुरा,, असोखर,, पीपरी, हीरापुरा, रमपुरा, सोनपुरा, रावतपुरा, रजगढ़िया, कृपेकापुरा, कल्याणपुरा, हसनपुरा, मोहनपुरा, राऊपुरा, आलमपुरा, रजपुरा, कुरथरा, भुजपुरा, उदोतपुरा, बुलाखी का पुरा।, परा, सुखवासी का पूरा, रिदौली, रमटा, प्रताप, पुरा, विंडवा, जवासा, मड़ैया, गडू़पुरा, पुलावली, मुरलीपुरा, मेहदोली, जगन्नाथपुरा, बिहारीपुरा, कल्यानपुरा, ऊमरी, अकोड़ा, देवगढ, किटी, मौतीपुरा, रुर, गैवत, मिरचौली, दीनपुरा, जवाहरपुरा, डिडी, कमई, मधुपुरा, पांडरी, सगरा, नयागांव, टेहनगुर, गहेली, अमायन, कनाथर, इटायली(मौ) बिलाव, बिलाव का पुरा.
मानहड ग्राम देश का भदौरियो का सबसे बड़ा गांव है। कुछेक गांव भिंड नगर पालिका में आ गये है साथ ही अटेर के आस पास के गांव बीहड़ क्षेत्र में आते है। मेहगांव तहसील के गाँवों की भूमि का स्तर सीधा है, और भूमि अधिक उपजाऊ है ।
मौ एक दबंगों का गांव रहा है और भिंड जिले मैं यादवों की सर्वाधिक आबादी यही है जो आरंभ से ही यादवों के दबंगई के लिए प्रसिद्ध है, कहा जाता है यहां के राजा सहस्त्रबाहु हुआ करते थे जिनकी सहस्त्रों भुजाए थी और ये इतने बलशाली थे की रावण को भी इन्होंने बांध लिया था,हालांकि यह का घड़ी पर बना किला भगवान परशुराम ने पलट दिया था,, साक्ष्य आज भी खुदाई मैं निकलते है बबेड़ी पंचायत में सरबाधिक कुशवाह समाज बाला गांव नदरौली है जिस्मे सिर्फ बघेल और कुशवाह ही निवास करते है इस गांव से सट्टा हुआ गांव अकोड़ा है उसमें भी कुशवाह ही निवास करते हैं दोनो गांव के समाज सेवक श्री सुल्तान सिंह कुशवाह है (पिता श्रीTehaleram )
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Inde du Nord: Madhya Pradesh et Chhattisgarh Archived 2019-07-03 at the वेबैक मशीन," Lonely Planet, 2016, ISBN 9782816159172
- ↑ "Tourism in the Economy of Madhya Pradesh," Rajiv Dube, Daya Publishing House, 1987, ISBN 9788170350293