भावना संगम
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| भावना संगम | |
|---|---|
| जीवनसंगी | मारव्वे नायकीती |
| संतान | हरिहर प्रथम, बुक्क राय प्रथम कंपा प्रथम, मरप्पा और मुद्दप्पा |
| घराना | संगम |
भावना संगम जिन्हें केवल संगम भी कहा जाता है, भारत के वर्तमान कर्नाटक में विजयनगर साम्राज्य के संस्थापक भाइयों हरिहर प्रथम और बुक्क राय प्रथम के पिता थे।[1]
जीवनी
[संपादित करें]रामचन्द्र चिंतामन ढेरे के अनुसार संगम चरवाहा (कुरुबा) जाति के चरवाहा समुदाय का मुखिया था।[2] उनका विवाह काम्पिली के राजा काम्पिलीदेव की पुत्री और राजकुमार कुमार राम की बड़ी बहन, मारव्वे नायकीती से हुआ था।[3][4] उनके पाँच पुत्र थे,[5] हरिहर, बुक्क, कंपा प्रथम, मरप्पा और मुद्दप्पा, जिन्होंने विजयनगर साम्राज्य की स्थापना की (मुख्यतः हरिहर और बुक्क द्वारा)।[3]
ग्रन्थसूची
[संपादित करें]- डॉ. सूर्यनाथ यू. कामत, कर्नाटक का संक्षिप्त इतिहास, एमसीसी, बैंगलोर, 2001 (पुनर्मुद्रित 2002)
- चोपड़ा, पीएनटीके रवींद्रन और एन. सुब्रमण्यम। दक्षिण भारत का इतिहास . एस. चंद, 2003. आईएसबीएन 81-219-0153-7
संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ Sen, Sailendra (2013). A Textbook of Medieval Indian History. Primus Books. pp. 103–106. ISBN 978-9-38060-734-4.
- ↑ Dhere, Ramchandra (2011). Rise of a Folk God: Vitthal of Pandharpur South Asia Research. Oxford University Press, 2011. p. 243. ISBN 9780199777648.
- 1 2 "Short biography of Harihara-I (A.D. 1336—A.D. 1355)". 29 October 2011. मूल से से 20 अगस्त 2023 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 22 जून 2025.
- ↑ Dhere, Ramchandra (2011). Rise of a Folk God: Vitthal of Pandharpur South Asia Research. Oxford University Press, 2011. p. 243. ISBN 9780199777648.
- ↑ Burton Stein (1990). The New Cambridge History of India Vijayanagara · Volume 1 (Ebook) (English भाषा में). Cambridge University Press. p. 18. ISBN 9780521266932.
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