भावना कंठ

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भावना कंठ पहली महिला सेनानी पायलट है (मोहन सिंह और अवनी चतुर्वेदी के साथ)। भारतीय वायु सेना में पहली बार महिला युद्ध पायलटों को शामिल किया गया (१८ जून २०१६), मोहन सिंह, भावना कंठ और अवनी चतुर्वेदी को।

भावना का जन्म १ दिसंबर १९९२ को बरौनी में हुआ था। उनके पिता इंडियन ऑयल कंपनी में इंजीनियर हैं। 'मेधा पुरस्कार' भावना को मिला आईओसीएल से १०वीं कक्षा में अपनी परीक्षा में ९०% से जादा अंक लेने पर।

भारतीय वायु सेना में एक पायलट बनने का बचपन का सपना था भावना का जो पूरा हो गया। बेगुसराय के बरौनी रिफ़ाइनरी टाउनशिप में डीएवी विद्यालय में उनकी पढ़ाई हुई और वह राजस्थान में कोटा चली गई इंजीनियरिंग प्रवेश द्वार के लिए तैयार करने। बिहार के पटना में उन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में से एक के दौरान भावना ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के लिए जाने की इच्छा व्यक्त हुए थी पर उस समय महिलाएं एनडीए के लिए अयोग्य थी। तो उसने बेंगलुरु में बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स स्ट्रीम में अपनी इंजीनियरिंग करने का फैसला किया।

फिर उसने भारतीय वायु सेना परीक्षा दी और सफल हुई। जल्द ही भारत की पहली महिला लड़ाकू पायलटों में से एक बन गई।[1][2]

सन्दर्भ[संपादित करें]