भारत में रेल दुर्घटना

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भारत का रेल तन्त्र दुनिया के सबसे बड़े तन्त्रों में से एक हैं। भारतीय रेलगाड़ियों में हर दिन सवा करोड़ से अधिक लोग यात्रा करते हैं। एक अनुमान के अनुसार देश में प्रति वर्ष औसतन ३०० छोटी-बड़ी रेल दुर्घटनाएँ होती हैं। भारत में वर्ष २००० से बाद घटित हुई रेल दुर्घटनाओं का घटनाक्रम इस प्रकार है:-

२०००-२०१०[संपादित करें]

  • ३१ मई, २००१- उत्तर प्रदेश में एक रेलवे क्रॉसिंग पर खड़ी बस और रेल के टक्कर में ३१ लोग मारे गए।
  • ५ जनवरी, २००२: महाराष्ट्र के घाटनदुर स्टेशन पर सिकंदराबाद-मनमाडएक्सप्रेस के एक खड़ी मालगाड़ी से टकरा जाने से २१ लोगों मारे गए और ४१ घायल हो गए।
  • २३ मार्च, २००२: पटना से मुंबई जाने वाली लोकमान्य तिलक सुपरफास्ट एक्सप्रेस की १३ बोगियों के मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में पटरी से उतर जाने से सात लोग घायल हो गए।
  • १२ मई, २००२ - नई दिल्ली से पटना जा रही श्रमजीवी एक्सप्रेस के पटरी से उतर जाने से १२ लोगों की मृत्यु हो गई।
  • ९ सितंबर, २००२: बिहार के औरंगाबाद जिले में हावड़ा-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस की एक बोगी के धावे नदी में गिर जाने से सौ यात्री मारे गए और डेढ़ सौ घायल हो गए।
  • १५ मई, २००३: अमृतसर जाने वाली फ्रंटियर मेल की तीन बोगियों में आग लग जाने से महिलाओं एवं बच्चों सहित ३८ लोग मारे गए एवं १३ लोग घायल हो गए।
  • २२ जून, २००३: करवार-मुंबई सेंट्रल हॉलीडे विशेष ट्रेन के महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के वैभववाड़ी स्टेशन पार करते ही पटरी से उतर जाने से ५३ लोग मारे गए एवं २५ लोग घायल हो गए।
  • २ जुलाई, २००३: वारंगल में ट्रेन का इंजन एवं इसके साथ लगे दो बोगियों के एक पुल से गिर जाने से १८ लोग मारे गए।
  • २७ सितंबर, २००४: गुवाहाटी जाने वाली कंचनजंगा एक्सप्रेस के पश्चिम बंगाल के दिनाजपुर जिले में मानव रहित फाटक पर एक ट्रक से टकरा जाने से ३० लोग मारे गए।
  • १५ दिसम्बर, २००४: पंजाब के जालंधर से ४० किलोमीटर दूर अहमदाबाद जाने वाली जम्मू तवी एक्सप्रेस के लोकल ट्रेन से आमने-सामने हुई टक्कर में ११ महिलाओं सहित ३४ लोग मारे गए और लगभग ५० लोग घायल हो गए।
  • फ़रवरी २००५- महाराष्ट्र में एक रेलगाड़ी और ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर में कम से कम ५० लोगों की मौत हो गई और लगभग इतने ही घायल हुए।
  • २१ अप्रैल, २००५- गुजरात में बड़ोदरा के पास साबरमती एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी की टक्कर में कम से कम १७ लोगों की मौत हो गई और ७८ अन्य घायल हो गए।
  • १८ अगस्त, २००६: सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के पास चेन्नई-हावड़ा एक्सप्रेस की दो बोगियों में आग लग गई।
  • ९ नवंबर, २००६: पश्चिम बंगाल में एक रेल दुर्घटना में लगभग ४० लोग मारे गए और १५ लोग घायल हो गए।
  • १ दिसम्बर, २००६: बिहार के भागलपुर जिले में डेढ़ सौ वर्ष पुराने एक पुल को तोड़ने के दौरान यह वहां से गुजर रही एक ट्रेन पर गिर गया, जिसमें ३५ लोग मारे गए एवं १७ लोग घायल हो गए।
  • १६ अप्रैल, २००७ - तमिलनाडु में थिरुमातपुर के कांचीपुरम गांव के पास एक ट्रेन और मिनीबस की टक्कर हो गई जिसमें कम से कम ११ लोग मारे गए।
  • अगस्त २००८ - सिकंदराबाद से काकिनाडा जा रही गौतमी एक्सप्रेस में देर रात आग लगी, इसके कारण ३२ लोग मरे जबकि कई घायल।
  • १३ फरवरी, २००९: उड़ीसा के जयपुर रोड स्टेशन पर कोरोमंडल एक्सप्रेस की १२ बोगियां पटरी से उतर गई। इसमें १५ लोगों की मौत हो गई और ५० से अधिक लोग घायल हो गए।
  • २१ अक्टूबर, २००९: मथुरा के निकट हुई रेल दुर्घटना में गोवा संपर्कक्रांति एक्सप्रेस, मेवाड़ एक्सप्रेस से टकरा गई, जिसमें २२ लोग मारे गए और २० यात्री घायल हुए।
  • 20 नवंबर, 2016: कानपुर उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के पुखरायां में इंदौर-पटना एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतरे, 100 से ज्यादा यात्रियों की मौत जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल.

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