भारत के राजनीतिक दलों की सूची

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भारत में बहुदलीय प्रणाली बहु-दलीय पार्टी व्यवस्था है जिसमें छोटे क्षेत्रीय दल अधिक प्रबल हैं। राष्ट्रीय पार्टियां वे हैं जो चार या अधिक राज्यों में मान्यता प्राप्त हैं। उन्हें यह अधिकार भारत के चुनाव आयोग द्वारा दिया जाता है, जो विभिन्न राज्यों में समय समय पर चुनाव परिणामों की समीक्षा करता है। इस मान्यता की सहायता से राजनीतिक दल कुछ पहचानों पर अपनी स्थिति की अगली समीक्षा तक विशिष्ट स्वामित्व का दावा कर सकते हैं जैसे की पार्टी चिन्ह. अक्टूबर 2004 के अनुसार राष्ट्रीय पार्टियां नीचे दी गयी हैं।

भारत के संविधान के अनुसार भारत में संघीय व्यवस्था है जिस में नयी दिल्ली में केन्द्र सरकार तथा विभिन्न राज्यों व केन्द्र शासित राज्यों के लिए राज्य सरकार है। इसीलिए, भारत में राष्ट्रीय व राज्य (क्षेत्रीय), राजनीतिक दलों का वर्गीकरण उनके क्षेत्र में उनके प्रभाव के अनुसार किया जाता है। भारत में मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों की सूची निम्न है:

राष्ट्रीय दल [संपादित करें]

यदि कोई पंजीकृत दल निम्न शर्तों में कोई एक शर्त पूरी करता है तो उसे राष्ट्रीय स्तर की मान्यता भारतीय चुनाव आयोग देता है ;

  1. कोई पंजीकृत दल तीन विभिन्न राज्यों में कम से कम लोक सभा की कुल सीटों की २% सीटें हासिल की हों।
  2. कोई दल लोक सभा या विधान सभा चुनाव में कम से कम ६% मत पाये हों और लोक सभा में कम से कम ४ सीटें हासिल की हों।
  3. किसी भी दल को कम से कम चार या उससे अधिक राज्यों में राज्य स्तर की मान्यता हो।

02 सितंबर 2016 को जारी भारतीय चुनाव आयोग की अधिसूचना के अनुसार भारत में निम्नलिखित दल "राष्ट्रीय दल" के रूप में मान्यता प्राप्त हैं:[1]

राष्ट्रीय दल प्रतीक राष्ट्रीय अध्यक्ष स्थापना
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस हाथ राहुल गाँधी १८८५
भारतीय जनता पार्टी कमल अमित शाह १९८०
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी बाल और हँसिया सुवावरम सुधाकर रेड्डी १९२५
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) हथौड़ा, हँसिया और सितारा सीताराम येचुरी १९६४
बहुजन समाज पार्टी हाथी (असम राज्य को छोड़कर) मायावती १९८४
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी घड़ी शरद पवार १९९९
सर्वभारतीय तृणमूल कांग्रेस पार्टी फूल और घास ममता बनर्जी १९९८

लोकसभा[संपादित करें]

लोकसभा वयस्क मताधिकार के आधार पर प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा चुने हुए लोगों के प्रतिनिधियों से बनी है। संविधान द्वारा रचित सदन की अधिकतम संख्या 552 है, जो कि चुने हुए 530 सदस्यों तक राज्यों का प्रतिनिधित्व करने के लिए, 20 सदस्यों तक केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने के लिए तथा एंग्लो इंडियन समुदाय के अधिकतम 2 सदस्यों से बनी है जिन्हें माननीय राष्ट्रपति द्वारा मनोनित किया जाता है, यदि उन्हें लगता है कि इस समुदाय का सदन में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है। कुल सदस्यता राज्यों के बीच इस तरह से वितरित की जाती है कि प्रत्येक राज्य को आवंटित सीटों की संख्या और राज्य की जनसंख्या के बीच का अनुपात, जहाँ तक संभव हो सके, व्यवहारिक हो.

राज्य दल/पार्टियाँ[संपादित करें]

वे दल जिनके पास एक राज्य में पर्याप्त वोट या सीटें हों, उन्हें चुनाव आयोग द्वारा राज्य पार्टी के रूप में अधिकृत किया जा सकता है। संबंधित राज्य में राज्य दल के रूप में मान्यता मिलने से दल को एक विशेष चुनाव चिन्ह आरक्षित करने का विकल्प मिल सकता है। एक पार्टी को एक या अधिक राज्यों में मान्यता प्राप्त हो सकती है। चार राज्यों में मान्यता प्राप्त पार्टी को स्वतः ही एक राष्ट्रीय पार्टी के रूप में मान्यता प्राप्त हो जाती है। राज्य स्तर की मान्यता के लिए चुनाव आयोग में पंजीकृत दल को निम्न में किसी एक शर्त को पूरा करना होगा:

  1. दल को विधान सभा चुनाव में कम से कम कुल सीटों की ३% सीटें या ३ सीटें जीतनी होंगी।
  2. दल को राज्य में निर्धारित लोक सभा सीटों में प्रत्येक २५ सीटों पर एक या कम से कम एक या उसके अंश पर जो राज्य में निर्धारित हो।
  3. दल को लोक सभा /विधान सभा के चुनाव में वैध मतों का कम से कम ६% मत प्राप्त हों ,तथा लोक सभा में कम से कम एक सीट और विधान सभा में २ सीटों पर विजय प्राप्त की हो।
  4. यदि दल ने लोक सभा और विधान सभा में कोई सीट न जीती हो लेकिन यदि उसने लोक सभा /विधान सभा चुनाव में वैध मतों के ८% मत हासिल किये हों।

नीचे १६ सितम्बर २०१४ को मान्यता प्राप्त दलों की सूची दी गयी है।[2] वे राज्य जहां पार्टी को मान्यता मिली है, का भी वर्णन किया गया है, यद्धपि हो सकता है कि पार्टी अन्य राज्यों तथा शासित प्रदेशों में अच्छी तरह से सक्रिय हो.

विभिन्न राजनैतिक दलों के नेतृत्व वाली भारत की राज्य सरकारें

राज्य सभा में प्रतिनिधित्व करने वाले अन्य दल[संपादित करें]

भारतीय सर्वजन पार्टी ((राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अशोक निषाद ))

पंजीकृत अज्ञात दल[संपादित करें]

राजनीतिक दलों की एक बड़ी संख्या चुनाव आयोग में पंजीकृत है, जिन्हें राष्ट्रीय अथवा राज्य दल के रूप में मान्यता नहीं मिली है। कई मामलों पंजीकरण बना रहता है, चाहे संबंधित पार्टी भंग हो चुकी हो या कई वर्ष पूर्व उसका किसी और पार्टी में विलय हो चुका हो. नीचे अक्टूबर 2005 के चुनावों से पहले चुनाव आयोग द्वारा पर्काषित 730 पंजीकृत अज्ञात (बिना पहचान वाली) पार्टियों की सूची दी गयी है:

भारतीय सर्वजन पार्टी

बहुजन मुक्ति पार्टी

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यू[संपादित करें]

वि[संपादित करें]

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यू[संपादित करें]

अन्य दल[संपादित करें]

भारत में कई राजनैतिक दल चुनाव आयोग में कभी पंजीकृत नहीं हुए हैं।

भूतपूर्व दल[संपादित करें]

गठबंधन[संपादित करें]

1990 के बाद से, भारतीय मतदाताओं ने लगातार राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खंडित जनादेश दिया है। इस वज़ह से कई दल, जिनमें छोटे (और कभी कभी मौलिक) वैचारिक मतभेद हैं, सत्ता पर दावा करने के लिए गठबंधन कर लेते हैं। भारत में निम्नलिखित राजनैतिक दलों का गठबंधन है।

चौदहवीं लोक सभा में सीटों का आबंटन[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

आधिकारिक पार्टी साइट्स[संपादित करें]

अन्य साइट्स[संपादित करें]

आगे पढ़ने के लिए[संपादित करें]

  • सुब्रत के. मित्र तथा वी.बी. सिंह. 1999.भारत में लोकतंत्र व सामाजिक परिवर्तन : राष्ट्रीय मतदाताओं का एक गहन विश्लेषण. नई दिल्ली: सेज प्रकाशन. ISBN 81-7036-809-X (India HB) ISBN 0-7619-9344-4 (U.S. HB).
  • सुब्रत के. मित्र, माइक एन्स्कट, क्लेमेंस स्पिएस (eds.). 2004. दक्षिण एशिया में राजनीतिक dal. ग्रीनवुड: प्रेजेर.

सन्दर्भ[संपादित करें]