भारत की शास्त्रीय भाषाएँ
भारतीय शास्त्रीय भाषाएं, भारत की उन भाषाओं को कहा जाता है जिनका साहित्य और साहित्यिक धरोहर अमूल्य, उच्च-स्तरीय, प्राचीन, तथा अनोखी है। भारत गणराज्य प्रशासनिक तौर पर, संस्कृति मंत्रालय द्वारा, 11 भाषाओं को यह उपाधि देता है। 2004 में, भारत सरकार ने पहली बार घोषणा की कि अगर ऐसी कोई भारतीय भाषाएं हुईं जो कुछ विशिष्ट और कठोर मानदंडों पर खड़ी उतर पाएं, तो उन्हें भारत सरकार शास्त्रीय भाषा का पद एवं इस उपाधि समेत आने वाले सभी लाभ देगी। सरकार ने भाषाविदों की एक समिति का गठन भी किया कि वह शास्त्रीय भाषा का दर्जा प्राप्त करने की उम्मीदवार भाषाओं के प्रस्तावों का मूल्यांकन कर सके और उन्हें स्वीकार/अस्वीकार कर सके।
मानदंड
[संपादित करें]2004 में, चूंकि इस कार्यक्रम का आरंभ ही हुई थी, एक प्रारंभिक और अंदाजन मानदंड का गठन किया गया। इस मानदंड के अनुसार भाषाओं को यदि यह पद चाहिए, तो उनकी और उनके साहित्य की न्यूनतम 1000 वर्ष की उम्र होनी चाहिए।[1]
2006 में, एक प्रेस रिलीज द्वारा, पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय की प्रतिनिधि और मंत्री अंबिका सोनी जी ने राज्य सभा में कुछ अन्य स्पष्टीकरण भी दिए। उन्होंने किसी भारतीय भाषा के शास्त्रीय भाषा होने के वर्गीकरण पर कुछ अन्य टिप्पणियां कीं और कुछ नए मापदंड साझा करे: [2][3]
- 1500-2000 वर्ष या उससे अधिक प्राचीनता के लेख या इतिहास इस भाषा में उपस्थित होना चाहिए
- इस भाषा को बोलने वाले या समझने वाले लोगों द्वारा इस भाषा के प्राचीन साहित्य और लेखों को अमूल्य साहित्यिक धरोहर मानना भी एक प्रकार से अनिवार्य है
- भाषा की साहित्यिक परंपरा अनोखी होनी चाहिए और किसी और भाषा समूह से उधार ली हुई नहीं होनी चाहिए
- इस शास्त्रीय भाषा में लिखा साहित्य इसकी आधुनिक संस्करण भाषा से अलग हो सकता है, या फिर इसकी पुत्री भाषाओं से भी यह अलग हो सकती है। यह आवश्यक नहीं कि भाषा सहस्त्रों वर्षों तक हुबहू रहे।
लाभ
[संपादित करें]भारत सरकार के संकल्प संख्या 2-16/2004-US (अकादमियों) तारीख 1 नवंबर 2004 के अनुसार, "शास्त्रीय भाषा" के रूप में घोषित भाषा को मिलने वाले लाभ इस तरह हैंः
- शास्त्रीय भारतीय भाषाओं में विद्वानों के लिए दो प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार हर साल प्रदान किए जाएंगे।
- शास्त्रीय भाषाओं में अध्ययन के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा।
- विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से अनुरोध किया जाएगा कि वह कम से कम केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शास्त्रीय भारतीय भाषाओं में स्थापित विद्वानों के लिए शास्त्रीय भाषाओं के लिए एक निश्चित संख्या में व्यावसायिक पीठ बनाए।
आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त शास्त्रीय भाषाएं
[संपादित करें]| भाषा | भाषा परिवार | भाषा शाखा | सबसे पहले प्रमाणन | स्वीकृति की तारीख |
|---|---|---|---|---|
| तमिल: தமிழ் | द्रविड़ | दक्षिण द्रविड़
मध्य तमिल |
500 और 300 ईसा पूर्व के बीच [4][5] | 12 अक्टूबर 2004 [6] |
| संस्कृत: संस्कृतम् | हिंद-यूरोपीय | इंडो-आर्यन | ईसा पूर्व पहली सदी [7] | 25 नवंबर 2005 [6] |
| कन्नड़: ಕನ್ನಡ | द्रविड़ | दक्षिण द्रविड़
कन्नड़ बोलियां |
370 ईस्वी [8][9] | 31 अक्टूबर 2008 [10] |
| तेलुगु: తెలుగు | द्रविड़ | दक्षिण-मध्य द्रविड़
प्रारंभिक तेलुगु |
400 ईस्वी [11][12] | 31 अक्टूबर 2008 [10] |
| मलयालम: മലയാളം | द्रविड़ | दक्षिण द्रविड़ | 830 ईस्वी [13] | 23 मई 2013 [14] |
| ओड़िया: ଓଡ଼ିଆ | हिंद-यूरोपीय | पूर्वी इंडो-आर्यन | 1051 ईस्वी [15] | 20 फरवरी 2014 [16] |
| बंगाली: বাংলা | हिंद-यूरोपीय | पूर्वी इंडो-आर्यन | 10वीं सदी ईस्वी | 3 अक्टूबर 2024 [17] |
| असमिया: অসমীয়া | हिंद-यूरोपीय | पूर्वी इंडो-आर्यन | 9वीं सदी ईस्वी | 3 अक्टूबर 2024 [17] |
| मराठी: मोड़ी: 𑘦𑘨𑘰𑘙𑘲, देवनागरी: मराठी | हिंद-यूरोपीय | दक्षिणी इंडो-आर्यन | 739 ईस्वी | 3 अक्टूबर 2024 [17] |
| पालि: खरोष्ठी: 𐨤𐨫𐨁, देवनागरी: पालि | हिंद-यूरोपीय | मध्य इंडो-आर्यन | तीसरी सदी ईसा पूर्व | 3 अक्टूबर 2024 [17] |
| प्राकृत: ब्राह्मी: 𑀧𑁆𑀭𑀸𑀓𑀾𑀢, सिद्धं: 𑖢𑖿𑖨𑖯𑖎𑖴𑖝, देवनागरी: प्राकृत | हिंद-यूरोपीय | मध्य इंडो-आर्यन | तीसरी सदी ईसा पूर्व | 3 अक्टूबर 2024 [17] |
यह भी देखें
[संपादित करें]संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ "India sets up classical languages". BBC (ब्रिटिश अंग्रेज़ी भाषा में). 2004-09-17. मूल से से 2007-03-04 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 2023-01-18.
- ↑ "CLASSICAL LANGUAGE STATUS TO KANNADA". Press Information Bureau, Government of India. 8 August 2006. मूल से से 18 January 2012 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 6 November 2008.
- ↑ "शास्त्रीय भाषाएँ - केन्द्रीय भारतीय भाषा संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट". Central Institute of Indian Languages. 3 October 2024. अभिगमन तिथि: 3 October 2024.
{{cite web}}: Invalid|ref=harv(help) - ↑ "Archived copy". मूल से से 2024-09-21 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 2024-06-08.
{{cite web}}: CS1 maint: archived copy as title (link) - ↑ "Tamil language | Origin, History, & Facts | Britannica". www.britannica.com (अंग्रेज़ी भाषा में). 2023-11-03. मूल से से 2023-10-07 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 2023-11-09.
- 1 2 "Notification" (PDF). 25 November 2005. मूल से (PDF) से 16 मई 2024 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 21 January 2024.
- ↑ Jain, Dhanesh (2007). "Sociolinguistics of the Indo-Aryan languages". In George Cardona; Dhanesh Jain (eds.). The Indo-Aryan Languages. Routledge. pp. 47–66, 51. ISBN 978-1-135-79711-9. मूल से से 2024-03-29 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 2023-11-09.
- ↑ "Kannada language | History, Script & Dialects | Britannica". www.britannica.com (अंग्रेज़ी भाषा में). 2023-10-10. मूल से से 2020-01-02 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 2023-11-09.
- ↑ "Kannada inscription at Talagunda may replace Halmidi as oldest". मूल से से 2023-11-14 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 2023-11-14.
- 1 2 "Declaration of Telugu and Kannada as classical languages". Press Information Bureau. Ministry of Tourism and Culture, Government of India. मूल से से 3 March 2016 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 31 October 2008.
- ↑ "Telugu language | Origin, History, & Facts | Britannica". www.britannica.com (अंग्रेज़ी भाषा में). 2023-11-01. मूल से से 2024-09-21 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 2023-11-09.
- ↑ Service, Express News (2022-01-10). "First Telugu inscription claim sparks debate". The New Indian Express (अंग्रेज़ी भाषा में). मूल से से 2024-06-17 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 2024-06-17.
- ↑ "Malayalam language | Dravidian, India, Scripts | Britannica". www.britannica.com (अंग्रेज़ी भाषा में). मूल से से 2018-11-16 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 2023-11-09.
- ↑ "Classifying Malaylam as 'Classical Language'". PIB. 23 May 2013. मूल से से 19 August 2024 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 21 January 2024.
- ↑ "Odia language | Region, History, & Basics | Britannica". www.britannica.com (अंग्रेज़ी भाषा में). 2023-10-13. अभिगमन तिथि: 2023-11-09.
- ↑ "Classifying Odia as classical Language". PIB. 20 February 2014. मूल से से 21 September 2024 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 21 January 2024.
- 1 2 3 4 5 "5 More Languages, Including Marathi and Bengali, To Get "Classical" Status". NDTV.com. अभिगमन तिथि: 2024-10-03.
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