भारत की झीलों की सूची

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सो मोरिरी, लद्दाख
चिल्का झील, उड़ीसा

यहां भारत की प्रमुख झीलों की सूची दी जा रही है।[1]

भारत की झीलों की राज्यवार सूची[संपादित करें]

आन्ध्र प्रदेश[संपादित करें]

कर्नाटक[संपादित करें]

बेलान्दुर झील

केरल[संपादित करें]

केरल में वेम्बनाड झील

चण्डीगढ़[संपादित करें]

सुखना झील, चंडीगढ़

जम्मू और कश्मीर[संपादित करें]

डल झील में शिकारा की सैर, जम्मू & कश्मीर
डल झील

उड़ीसा[संपादित करें]

उत्तराखण्ड[संपादित करें]

देवरिया ताल

उत्तर प्रदेश[संपादित करें]

तमिलनाडु[संपादित करें]

मध्यप्रदेश[संपादित करें]

महाराष्ट्र[संपादित करें]

मणिपुर[संपादित करें]

लोकटक झील, मणिपुर

पंजाब[संपादित करें]

राजस्थान[संपादित करें]

खारे पानी की झीले

  • सांभर झील (जयपुर)
  • पचपदरा झील (बाड़मेर)
  • डीडवाना (नागौर)
  • लुणकरणसर (बीकानेर)

मीठे पानी की झीले
उदयपुर, पिछोला झील
पुष्कर झील
साम्भर झील

सिक्किम[संपादित करें]

सोंगमा झील, सिक्किम

हरियाणा[संपादित करें]

ब्रह्म सरोवर, कुरुक्षेत्र

हिमाचल प्रदेश[संपादित करें]

रेणुका झील, हिमाचल प्रदेश
गंगासागर झील

अवर्गीकृत[संपादित करें]

मिरिक झील, पश्चिम बंगाल

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. M.S.Reddy1 and N.V.V.Char2 (2004-10-04). "ANNEX 2 LIST OF LAKES". Management of Lakes in India (PDF). World Lakes Network.

भारत का भूगोल या भारत का भौगोलिक स्वरूप से आशय भारत में भौगोलिक तत्वों के वितरण और इसके प्रतिरूप से है जो लगभग हर दृष्टि से काफ़ी विविधतापूर्ण है। दक्षिण एशिया के तीन प्रायद्वीपों में से मध्यवर्ती प्रायद्वीप पर स्थित यह देश अपने ३२,८७,२६३ वर्ग किमी क्षेत्रफल के साथ विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा देश है। साथ ही लगभग १.३ अरब जनसंख्या के साथ यह पूरे विश्व में चीन के बाद दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश भी है।

भारत की भौगोलिक संरचना में लगभग सभी प्रकार के स्थलरूप पाए जाते हैं। एक ओर इसके उत्तर में विशाल हिमालय की पर्वतमालायें हैं तो दूसरी ओर और दक्षिण में विस्तृत हिंद महासागर, एक ओर ऊँचा-नीचा और कटा-फटा दक्कन का पठार है तो वहीं विशाल और समतल सिन्धु-गंगा-ब्रह्मपुत्र का मैदान भी, थार के विस्तृत मरुस्थल में जहाँ विविध मरुस्थलीय स्थलरुप पाए जाते हैं तो दूसरी ओर समुद्र तटीय भाग भी हैं। कर्क रेखा इसके लगभग बीच से गुजरती है और यहाँ लगभग हर प्रकार की जलवायु भी पायी जाती है। मिट्टी, वनस्पति और प्राकृतिक संसाधनो की दृष्टि से भी भारत में काफ़ी भौगोलिक विविधता है।

प्राकृतिक विविधता ने यहाँ की नृजातीय विविधता और जनसंख्या के असमान वितरण के साथ मिलकर इसे आर्थिक, सामजिक और सांस्कृतिक विविधता प्रदान की है। इन सबके बावजूद यहाँ की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक एकता इसे एक राष्ट्र के रूप में परिभाषित करती है। हिमालय द्वारा उत्तर में सुरक्षित और लगभग ७ हज़ार किलोमीटर लम्बी समुद्री सीमा के साथ हिन्द महासागर के उत्तरी शीर्ष पर स्थित भारत का भू-राजनैतिक महत्व भी बहुत बढ़ जाता है और इसे एक प्रमुख क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थापित करता है।