भारत-मोजाम्बिक संबंध

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भारत–मोज़ाम्बीक सम्बन्ध
Map indicating locations of India and Mozambique

भारत

मोजा़म्बीक

भारत-मोजाम्बिक संबंध भारत और मोजांबिक के बीच वर्तमान और ऐतिहासिक संबंधों को दर्शाते हैं। भारत का मापुटो में एक उच्चायुक्त[1] स्थित है और मोजाम्बिक का एक उच्चायुक्त नई दिल्ली में स्थित है।

इतिहास[संपादित करें]

मोज़ाम्बिक गोवा की तरह एक पुर्तगाली उपनिवेश हुआ करता था। गोवा के Aquino de Braganca मोज़ाम्बिक के पूर्व राष्ट्रपति समोरा मचेल के एक करीबी सहयोगी थे और 1986 में एक विमान दुर्घटना में दोनों की साथ ही में मृत्यु हुई। उन्होंने FRELIMO केसाथ पुर्तगालियों के खिलाफ संघर्ष में भी काम किया। [2]

अर्थव्यवस्था[संपादित करें]

मुंबई स्थित वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज मोजाम्बिक के उत्तरी काबो डेलगाडो प्रांत के तट से हाइड्रोकार्बन की खोज करने वाली कंपनियों के एक संघ का हिस्सा है। वीडियोकॉन का इरादा भारत में मोजाम्बिक प्राकृतिक गैस का आयात और बिक्री करना है।[3] मोजाम्बिक में कोयला उत्पादन में भी भारत की कोयला कंपनियां करीब से जुड़ी हुई हैं। [4]

5 अगस्त 2015 को मोजाम्बिक के राष्ट्रपति फिलिप जैसिंटो न्युसी ने अपनी भारत यात्रा के दौरान नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग के संबंध में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। [5]

सैन्य सहयोग[संपादित करें]

सितंबर 1986 में, भारत को बीरा कॉरिडोर की सुरक्षा के लिए तकनीकी सहायता और सुरक्षा बल प्रदान करने के लिए कहा गया था। जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे ने इस गलियारे के लिए हवाई कवर प्रदान करने के लिए भारतीय पायलटों के साथ भारतीय वायु सेना के मिग -21 विमान के एक स्क्वाड्रन की तैनाती का निवेदन किया था, जिनमें से आधे विमान हरारे में और आधे चाइमियो (मोजाम्बिक) में स्थित होने थे। लेकिन राजीव गांधी ने फैसला किया कि मोजाम्बिक में भारतीय वायुसेना की तैनाती भारत के सार्वजनिक रुख (भारतीय बलों की विदेशी तैनाती के खिलाफ) के बहुत उलट थी और यह भारत के लिए बहुत बड़ा जोखिम था। इसके बजाय नई दिल्ली ने मोजाम्बिक में गुप्त रूप से सहायता प्रदान करने यह निर्णय लिया (मोजाम्बिक चैनल में थोड़ी सी नौसेना उपस्थिति स्थापित की गई। [6]

दोनों देश सुरक्षा के मुद्दों पर भी काम करते हैं, विशेष रूप से हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा। जून 2011 में, सरकार के मंत्रियों ने बैठक की और इस मुद्दे पर एक साथ काम करने पर सहमति व्यक्त की।[7] 2010 में, भारतीय नौसेना ने एक मोजाम्बिक जहाज समुद्री लुटेरों से को बचाया। [7] 2012 में, भारतीय नौसेना ने मोजाम्बिक चैनल में (दक्षिण अफ़्रीका के साथ पूर्व परामर्श के बिना) एंटीपाइरेसी गश्त शुरू करने पर सहमति व्यक्त की। [8]

भारतीय नौसेना के पास मोजांबिक में शायिका अधिकार (berthing rights) है। [9]

यह सभी देखें[संपादित करें]

  • मोजांबिक में भारतीय

संदर्भ[संपादित करें]

  1. High Commission of India in Mozambique
  2. Alexandre Moniz Barbosa (2 April 2011). "Mozambique's immortal Goan connection". अभिगमन तिथि 11 April 2014.
  3. "allAfrica.com: Mozambique: Country May Export Natural Gas to India". AllAfrica.com. अभिगमन तिथि 11 January 2012.
  4. Sengupta, Debjoy (June 21, 2011). "Coal India's Mozambique venture hits a glitch - Economic Times". Indiatimes. Kolkata. अभिगमन तिथि 11 January 2012.
  5. "India, Mozambique finalise MoU on cooperation in renewable energy: PM Modi". अभिगमन तिथि 2015-11-17.
  6. David Brewster. "India's Ocean: the Story of India's Bid for Regional Leadership". अभिगमन तिथि 30 August 2014.
  7. "Mozambique, India to work together on maritime security". The Hindu. June 29, 2011. अभिगमन तिथि 11 January 2012.
  8. David Brewster. "India's Ocean: the Story of India's Bid for Regional Leadership". अभिगमन तिथि 30 August 2014.
  9. "Naval muscle should fetch economic returns.", The Tribune, 20 March 2015.