भारत–सूरीनाम संबंध

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भारत–सूरीनाम सम्बन्ध
Map indicating locations of India and Suriname

भारत

सूरीनाम

भारत-सूरीनाम संबंधों का तात्पर्य भारत और सूरीनाम के बीच मौजूद अंतर्राष्ट्रीय संबंधों से है। वहाँ एक प्रवासी भारतीयों का एक काफ़ी बड़ा जातीय समूह है, जो अंग्रेज़ों के ज़माने से है। वे लोग आज भी हिन्दी, भोजपुरी और अन्य भारतीय भाषाएँ बोलते हैं। सूरीनाम की हिन्दी को सरनामी हिंदी कहा जाता है। सूरीनाम के वर्तमान उपराष्ट्रपति अश्विन अधीन भारतीय मूल के हैं।

इतिहास[संपादित करें]

ब्रिटिश राज के दौरान, कई भारतीयों को काम के लिए अन्य ब्रिटिश उपनिवेशों में भेजा गया था। सूरीनाम के डच उपनिवेश में दासता के उन्मूलन के बाद, डच सरकार ने अनुबंध श्रमिकों की भर्ती पर यूनाइटेड किंगडम के साथ एक संधि पर हस्ताक्षर किए। परिणामस्वरूप 1873 से बड़ी संख्या में भारतीयों ने गिरमिटिया मजदूर के रूप में में सूरीनाम की ओर पलायन शुरू कर दिया। इनमे से ज्यादातर मूल रूप से आज के उत्तर प्रदेश, बिहार, और आसपास के क्षेत्रों से थे।

आज़ादी के बाद[संपादित करें]

भारत और सूरीनाम ने 1976 में राजनयिक संबंध स्थापित किए। भारत ने 1977 में पारामरिबो में अपना दूतावास खोला और सूरीनाम ने 2000 में नई दिल्ली में अपना दूतावास खोला। [1]सूरीनाम का बंगलौर में एक मानद कौंसल भी है। [2]

दोनों देशों के सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए सितंबर 1992 में सूरीनाम-भारत संयुक्त आयोग की स्थापना की गई थी। 1998 से सूरीनाम ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक स्थायी सीट के लिए भारत की उम्मीदवारी का समर्थन किया है। [3]

सूरीनाम के राष्ट्रपति आरआर वेनेशियान ने 16-20 मार्च 2003 के दौरान भारत यात्रा की। इस दौरान, उन्होंने भारतीय राष्ट्रपति ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम और प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ मुलाकात की और दोनों देशों ने कृषि में सहयोग, एक सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (सीईपी) की स्थापना और भारत की ओर से सूरीनाम को 50 मिलियन डॉलर के ऋण के विस्तार से समझौतों पर हस्ताक्षर किए। [4][5]

1 मार्च 2016 से सूरीनाम जाने वाले भारतीय नागरिकों के लिए आने पर वीजा (वीज़ा ऑन अराइवल) की सुविधा उपलब्ध है।[6]

सूरीनाम में भारतीय[संपादित करें]

भारतीय-सरनामी इस देश में सबसे बड़ा जातीय समूह है, जो कुल आबादी का 27.4% है। 2012 की सूरीनाम की जनगणना के अनुसार, सूरीनाम के 148,443 नागरिक भारतीय मूल के हैं। [7]

1972 की जनगणना में भारत-सूरीनाम की आबादी 37.6% थी। [8] 25 नवंबर 1975 को सूरीनाम की स्वतंत्रता से ठीक पहले और बाद में, कई भारतीय-सरनामी नीदरलैण्ड पलायन कर गए। इसके परिणामस्वरूप सूरीनाम में भारतीय समुदाय की आबादी में गिरावट आई।

भारतीय मूल के समुदाय की उपस्थिति के कारण, भारत की प्रवासी नागरिकता के लिए हर साल सूरीनाम के नागरिकों की ओर से हर साल लगभग 400 आवेदन किए जाते हैं। [9]

आर्थिक संबंध[संपादित करें]

भारत और सूरीनाम के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2014-15 में कुल 228.49 मिलियन अमेरिकी डॉलर था। सूरीनाम में भारत से निर्यात की जाने वाली मुख्य वस्तुएं बॉयलर, मशीनरी, लोहा और इस्पात, विद्युत मशीनरी और उपकरण, साउंड रिकॉर्डर, फार्मास्युटिकल उत्पाद, कपड़ा, वाहन, कॉफी, चाय और मसाले, रबर, कागज, तंबाकू, कार्बनिक रसायन, फर्नीचर, कालीन, सिरेमिक उत्पाद, जूते और मुद्रित पुस्तकें हैं।

सूरीनाम से भारत में आयात की जाने वाली मुख्य वस्तुएं लकड़ी, एल्यूमीनियम और इलेक्ट्रिकल मशीनरी हैं। [10]

सूरीनाम को मिलने वाली भारतीय सहायता[संपादित करें]

सूरीनाम के नागरिक भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के तहत छात्रवृत्ति के लिए पात्र हैं।[11] इसके अतिरिक्त भारत दशकों से सूरीनाम को आर्थिक[12] और सैन्य[13] सहायता भी प्रदान करता आया है।

सांस्कृतिक संबंध[संपादित करें]

भारतीय सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना 1978 में सूरीनाम में की गई थी। केंद्र हिन्दी, कथक, योग और भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्रदान करता है। दिसंबर 2016 में देश में लगभग 80 स्वैच्छिक हिंदी विद्यालय थे। [14]

बैठक गाना भारतीय-सरनामी समुदाय के द्वारा विकसित संगीत की एक श्रेणी है। इसमें भोजपुरी लोक गीत होते हैं, जिनपर अन्य कैरिबियन क्षेत्रों का प्रभाव देखने को मिलता है। यह चटनी संगीत के समान है, जिसकी उत्पत्ति त्रिनिदाद और टोबैगो में हुई थी। शैली के लोकप्रिय प्रतिपादकों में रामदेव चैतो, द्रोपती और देसी राघोसिंह शामिल हैं।

सूरीनाम में भारतीय[संपादित करें]

भारतीय-सरनामी इस देश में सबसे बड़ा जातीय समूह है, जो कुल आबादी का 27.4% है। 2012 की सूरीनाम की जनगणना के अनुसार, सूरीनाम के 148,443 नागरिक भारतीय मूल के हैं। [7]

1972 की जनगणना में भारत-सूरीनाम की आबादी 37.6% थी। [8] 25 नवंबर 1975 को सूरीनाम की स्वतंत्रता से ठीक पहले और बाद में, कई भारतीय-सरनामी नीदरलैण्ड पलायन कर गए। इसके परिणामस्वरूप सूरीनाम में भारतीय समुदाय की आबादी में गिरावट आई।

भारतीय मूल के समुदाय की उपस्थिति के कारण, भारत की प्रवासी नागरिकता के लिए हर साल सूरीनाम के नागरिकों की ओर से हर साल लगभग 400 आवेदन किए जाते हैं। [9]

वर्तमान उपराष्ट्रपति अश्विन अधीन का कार्यकाल[संपादित करें]

9 जनवरी, 2017 को उपराष्ट्रपति अधीन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बेंगलुरु, भारत में मुलाकात की। वहां उन्होंने दोनों राज्यों के बीच आर्थिक और तकनीकी द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। अधीन ने इस बात पर जोर दिया कि सूरीनाम में कृषि, पशुपालन, ताड़ के तेल, लकड़ी के प्रसंस्करण के क्षेत्र में बहुत अधिक संभावनाएं हैं, इसके अलावा वे निकाले गए उद्योगों (सोना, कच्चा तेल और बॉक्साइट) में हैं।[15]

अधीन की योजना भारत के सहयोग से सूरीनाम विश्वविद्यालय और प्राकृतिक और समग्र चिकित्सा संस्थान में आयुर्वेद पर एक चेयर स्थापित करने की है। उनकी योजनाओं में औषधीय वृक्षारोपण, अनुसंधान प्रयोगशालाएं स्थापित करना, सूरीनाम के बाजार के लिए आयुर्वेद उत्पादों का निर्माण और लातिनी अमरीकी देशों और कैरेबियाई द्वीपों को कवर करने के लिए विस्तार करना शामिल है। उनकी यह दृष्टि न सिर्फ़ सूरीनाम की अर्थव्यवस्था में विविधता लाने के उनके प्रयासों का समर्थन करती है, बल्कि सरकार की स्वास्थ्य सेवा को सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता बनाने के दृष्टिकोण को भी मद्देनज़र रखती हैं। इस स्वास्थ्य सेवा को गवर्नमेंट हेल्थ इन ऑल पॉलिसीज (HIAP) कार्यक्रम द्वारा भी बल दिया गया है।[16][17]

भारतीय मूल के एक युवा निपुण व्यक्ति के रूप में, अधीन को 7 जनवरी, 2016 को आयोजित युवा प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में भारत आमंत्रित किया गया था, जो वार्षिक प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन (भारतीयों के लिए एक वैश्विक मंच) का हिस्सा था, और इसे कर्नाटक राज्य की राजधानी बेंगलुरु में 8-9 जनवरी, 2017 से आयोजित किया गया।[18][19]

कश्मीर मुद्दे पर समर्थन[संपादित करें]

उन्होंने कश्मीर मुद्दे (अनुच्छेद ३७० को हटाना) को भारत का आंतरिक मुद्दा बताकर भी भारत का अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर समर्थन किया है।[20]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. "Suriname- India Relations". Embassy of Suriname, New Delhi. अभिगमन तिथि 7 January 2017.
  2. "Indian business and trade delegation visits Suriname". Caribbean News Now!. 26 May 2014. अभिगमन तिथि 7 January 2017.
  3. "Suriname- India Relations". Embassy of Suriname, New Delhi. अभिगमन तिथि 7 January 2017.
  4. Gaur, Mahendra (1 January 2005). Foreign Policy Annual, 2001-2009: Documents (अंग्रेज़ी में). Gyan Publishing House. पपृ॰ 96–99. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9788178354026. अभिगमन तिथि 7 January 2017.
  5. "India-Suriname, Joint Statement". Ministry of External Affairs. 17 March 2003. अभिगमन तिथि 7 January 2017.
  6. "India-Suriname Relations" (PDF). Ministry of External Affairs. December 2016. अभिगमन तिथि 7 January 2017.
  7. "Censusstatistieken 2012" (PDF). Algemeen Bureau voor de Statistiek in Suriname (General Statistics Bureau of Suriname). पृ॰ 76.
  8. "National Census Report: Suriname" (PDF). Caricom. 2009. पृ॰ 32.
  9. "India-Suriname Relations" (PDF). Ministry of External Affairs. December 2016. अभिगमन तिथि 7 January 2017.
  10. "India-Suriname Relations" (PDF). Ministry of External Affairs. December 2016. अभिगमन तिथि 7 January 2017.
  11. "India-Suriname Relations" (PDF). Ministry of External Affairs. December 2016. अभिगमन तिथि 7 January 2017.
  12. "India - Suriname Relations" (PDF). Ministry of External Affairs. January 2012. अभिगमन तिथि 7 January 2017.
  13. "India-Suriname Relations" (PDF). Ministry of External Affairs. December 2016. अभिगमन तिथि 7 January 2017.
  14. "India-Suriname Relations" (PDF). Ministry of External Affairs. December 2016. अभिगमन तिथि 7 January 2017.
  15. https://economictimes.indiatimes.com/topic/Michael-Ashwin-Adhin. गायब अथवा खाली |title= (मदद)
  16. http://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/suriname-hopes-ayurveda-will-propel-its-economy-to-path-of-prosperity/articleshow/56529384.cms. गायब अथवा खाली |title= (मदद)
  17. https://www.paho.org/sur/index.php?option=com_content&view=article&id=494:health-in-all-policies-suriname&Itemid=563. गायब अथवा खाली |title= (मदद)
  18. http://www.caribbeannewsnow.com/topstory-Suriname-vice-president-calls-on-India-to-take-a-more-active-global-role-33117.html. गायब अथवा खाली |title= (मदद)
  19. https://pbdindia.gov.in/panels. गायब अथवा खाली |title= (मदद)
  20. "भारत को कश्मीर मुद्दे पर सूरीनाम का समर्थन".