भारतीय रेल डिब्बा भण्डार
भारतीय रेल के डिब्बों (अंग्रेज़ी: Indian Railways coaching stock) में विविध यात्रा-वर्ग के यात्री डिब्बे, माल-वाहक डिब्बे तथा अन्य विशिष्ट उपयोगों के लिए समर्पित डिब्बे सम्मिलित हैं। भारतीय रेल भारत की रेल व्यवस्था का संचालन करती है और यह भारत सरकार के रेल मन्त्रालय के अन्तर्गत कार्यरत है।
२०२२ तक, यह प्रतिदिन ८,००० से अधिक गाड़ियों का संचालन करती थी तथा इसके पास ३,१८,१९६ माल-वाहक डिब्बों और ८४,८६३ यात्री डिब्बों का भण्डार था। यह चल-सम्पत्ति भारतीय रेल की स्वामित्व वाली पाँच इकाइयों, चार सार्वजनिक क्षेत्रीय उपक्रमों तथा एक निजी कम्पनी द्वारा निर्मित की जाती है।
इतिहास
[संपादित करें]भारतीय रेल के डिब्बों का देशी उत्पादन सन् १९५६ से आरम्भ हुआ जब सवारी डिब्बा कारख़ाना (इण्टिग्रल डिब्बा फैक्ट्री; ICF) की स्थापना हुई।[1] ये डिब्बे स्विट्ज़रलैण्ड की एक कम्पनी के नमूने पर आधारित थे और इन्हें आइसीएफ़ (ICF) डिब्बे कहा जाता था। इन डिब्बों का निर्माण १९५५ से २०१८ तक हुआ और वे मुख्यतः २०१० के आरम्भ तक व्यापक रूप से उपयोग में रहे।[2] ICF डिब्बों का स्थान जर्मनी की लिंके-हॉफ़्मन-बुश (LHB) द्वारा अभिकल्पित नवीन डिब्बों ने ले लिया। १९६० के दशक में स्थानीय तथा निकट दूरी के मार्गों के लिये विद्युत्-बहु-इकाइयाँ (EMU) विकसित की गयीं।[3][4] सन् २०१८ में, ICF ने एक अर्ध-उच्चगति रेल-सेट प्रस्तुत किया, जिसमें पूर्णतः वातानुकूलित डिब्बे आधुनिक सुविधाओं सहित सम्मिलित थे तथा यह १६० कि॰मी॰/घं॰ (९९ मील/घं॰) से अधिक गति प्राप्त करने में सक्षम था।[5][6] २०१० के अन्तिम दशक में भारतीय रेल ने चयनित गाड़ियों के डिब्बों को LHB से नवीन तेजस डिब्बों में परिवर्तित करना प्रारम्भ किया, जिनमें उन्नत सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं।[7][8]
डिब्बा भण्डार
[संपादित करें]भारतीय रेल अपने डिब्बों में विविध यात्रा-वर्ग उपलब्ध कराती है; इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के माल-वाहक डिब्बे तथा अन्य विशिष्ट प्रयोजनों हेतु समर्पित डिब्बे भी रखे जाते हैं।[9]
वर्ष २०२२ तक, भारतीय रेल की चल-संपत्ति में ३,१८,१९६ माल-वाहक डिब्बे और ८४,८६३ यात्री-डिब्बे सम्मिलित थे। इन डिब्बों का निर्माण निम्नलिखित इकाइयों द्वारा किया जाता है-[10]
| कम्पनी | संक्षेप | स्थान | राज्य | प्रकार | स्थापित |
|---|---|---|---|---|---|
| सवारी डिब्बा कारख़ाना | आई॰सी॰एफ़॰ (ICF) | चेन्नई | तमिलनाडु | राज्य-स्वामित्व | १९५५ |
| रेल कोच कारख़ाना | आर॰सी॰एफ़॰के॰ (RCFK) | कपूरथला | पंजाब | राज्य-स्वामित्व | १९८५ |
| आधुनिक कोच कारख़ाना | एम॰सी॰एफ़॰ (MCF) | रायबरेली | उत्तर प्रदेश | राज्य-स्वामित्व | २०१२ |
| मराठवाड़ा रेल कोच कारख़ाना | एम॰आर॰सी॰एफ़ ॰(MRCF) | लातुर | महाराष्ट्र | राज्य-स्वामित्व | २०२० |
| रेल कोच कारख़ाना | आर॰सी॰एफ़॰एस॰ (RCFS) | सोनीपत | हरियाणा | राज्य-स्वामित्व | २०२२ |
| ब्रेथवेट एण्ड कम्पनी | बी॰सी॰एल॰(BCL) | कोलकाता | पश्चिम बंगाल | सार्वजनिक क्षेत्रीय उपक्रम | १९१३ |
| भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड | बी॰एच॰ई॰एल॰ (BHEL) | नई दिल्ली | दिल्ली | सार्वजनिक क्षेत्रीय उपक्रम | १९५६ |
| भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड | बी॰ई॰एम॰एल॰ (BEML) | बेंगलूरु | कर्नाटक | सार्वजनिक क्षेत्रीय उपक्रम | १९६४ |
| भारत वैगन एवं अभियान्त्रिकी | बी॰डब्ल्यू॰ई॰एल॰ (BWEL) | पटना | बिहार | सार्वजनिक क्षेत्रीय उपक्रम | १९७८ |
| टिटागढ़ रेल प्रणालियाँ | टी॰आर॰एस॰ (TRS) | कोलकाता | पश्चिम बंगाल | निजी | १९८४ |
यात्रीगण
[संपादित करें]प्रथम वातानुकूलित (१ए/1A)
[संपादित करें]प्रथम वातानुकूलित डिब्बे भारतीय रेल की अधिकांश तीव्रगामिनी रेलगाड़ियों में सर्वाधिक विलासपूर्ण तथा महँगे वर्ग होते हैं। इन डिब्बों में पृथक् कक्ष होते हैं जिनमें निजी ताले लगाने योग्य द्वार होते हैं। कक्ष पूर्णतः वातानुकूलित रहते हैं तथा एक ओर शयनकक्ष और दूसरी ओर मार्गिका रहती है।[12]
प्रथम श्रेणी कक्षों में कक्षिका दो शय्याओं के आमने–सामने संयोजन, अथवा युग्मक, एक ही शय्या–संयोजन, होते हैं, जिनमें बिस्तर प्रदान किया जाता है। कुल पाँच कक्षिकाएँ और तीन युग्मक होते हैं, जिनमें २६ यात्रीगण की क्षमता होती है।[13]
कुछ डिब्बों में स्नान–सुविधा उपलब्ध होती है, तथा कुछ रेलगाड़ियों में कक्षों के भीतर ही पृथक् जल-स्नान-पात्र (वॉश बेसिन) होते हैं। इन डिब्बों में नियत परिचारक होता है और प्रायः भोजन के लिये विशेष मेनू भी होता है। चुनिन्दा रेलगाड़ियों में भोजन पात्रों और धातु–कटलरी सहित परोसा जाता है।[14] यात्रीगण को प्रति व्यक्ति १५० किलोग्राम तक सामान ले जाने की अनुमति होती है।[15]
प्रथम श्रेणी (एफ़॰सी॰/FC)
[संपादित करें]प्रथम श्रेणी डिब्बे तीव्रगामिनी रेलगाड़ियों में प्रथम वातानुकूलित डिब्बों के समान ही कक्षिका और शय्या–संयोजन का मिश्रण होते थे।[16] ये डिब्बे अवातानुकूलित होते थे और इनमें प्रथम वातानुकूलित डिब्बों जैसी सभी सुविधाएँ नहीं होती थीं।[17]
सन् २००० के दशक से इनका सामान्य तीव्रगामिनी रेलगाड़ियों से क्रमशः निष्कासन आरम्भ हुआ और अन्तिम डिब्बा सन् २०१५ में सेवा–मुक्त किया गया। वर्तमान में प्रथम श्रेणी केवल पर्वतीय रेल में प्रयुक्त होती है, जहाँ डिब्बों में आसन कुर्सी यान के समान होते हैं।[18][19][20]
कार्यकारी अनुभूति (ई॰ए॰/EA)
[संपादित करें]कार्यकारी अनुभूति श्रेणी कुर्सी यान का प्रीमियम वर्ग है। इसमें २x२ विन्यास में समायोज्य आसन होते हैं। डिब्बे वातानुकूलित होते हैं और इनमें ५६ यात्रीगण के बैठने की क्षमता होती है।[21]
इनमें विशाल खिड़कियाँ, गद्देदार आसन, पैर और हाथ रखने के लिये सहारा होता है, जो विमान के व्यवसाय–वर्ग के समान होते हैं। प्रत्येक आसन में एल॰सी॰डी॰ तथा मनोरंजन–तन्त्र, बड़े सामान–खण्ड, एल॰ई॰डी॰ पठन–दीपक, विद्युत्–सॉकेट और आह्वान–बटन होते हैं।[22]
डिब्बों में जैव–शौचालय होते हैं जिनमें स्वचालित नल, हाथ–शोषक और साबुन–वितरक होते हैं। बाह्य और आन्तरिक भागों पर विनाइल आवरण होता है जो ग्रैफ़िटी–रोधी होता है। यात्री–सूचना–तन्त्र भी उपलब्ध होता है।[23]
भोजन प्रायः यात्रा–प्रवेश–पत्र (टिकट) का अंग होता है। यह श्रेणी केवल चुनिन्दा रेलगाड़ियों में उपलब्ध है।[24]
वातानुकूलित कार्यकारी श्रेणी (ई॰सी॰/EC)
[संपादित करें]वातानुकूलित कार्यकारी श्रेणी तीव्रगामिनी रेलगाड़ियों में कुर्सी यान का सर्वोच्च वर्ग है। इसमें २x२ विन्यास में समायोज्य आसन होते हैं। डिब्बे वातानुकूलित होते हैं और इनमें ४६ यात्रीगण के बैठने की क्षमता होती है।
आसन बड़े, गद्देदार होते हैं जिनमें पैर और हाथ रखने का सहारा तथा भोजन–पट्टिका होती है। प्रत्येक आसन में एल॰ई॰डी॰ पठन–दीपक और विद्युत्–सॉकेट होते हैं। डिब्बों में जैव–शौचालय होते हैं जिनमें स्वचालित नल, हाथ–शोषक और साबुन–वितरक होते हैं। भोजन प्रायः यात्रा–प्रवेश–पत्र का अंग होता है।[25]
वन्दे भारत एक्सप्रेस रेलगाड़ियों में इस श्रेणी के डिब्बों में ५२ यात्रीगण की क्षमता होती है और इनमें अतिरिक्त सुविधाएँ होती हैं, घूमने योग्य आसन, सी॰सी॰टी॰वी॰, यात्री–सूचना–तन्त्र, बड़े शौचालय, यू॰एस॰बी॰ पोर्ट और स्वचालित द्वार।[26][27]
द्वितीय वातानुकूलित या वातानुकूलित 2 टियर (२ए/2A)
[संपादित करें]द्वितीय वातानुकूलित डिब्बा शयनयान होता है जिसमें चौड़ी, बन्द खिड़कियाँ होती हैं।[28] प्रत्येक खण्ड में चार शय्याएँ दो–दो स्तरों में आमने–सामने रहती हैं, तथा मार्गिका के पार्श्व में भी दो–स्तरीय शय्याएँ रहती हैं। एक डिब्बे में कुल ४६ से ५४ शय्याओं की क्षमता होती है।[29]
इन डिब्बों में चार प्रवेश–निर्गम द्वार तथा चार शौचालय होते हैं। प्रत्येक शय्या पर निजता हेतु पृथक् परदे दिये जाते हैं। शय्याओं पर पठन–दीपक और विद्युत्–सॉकेट उपलब्ध होते हैं। यात्रीगण को साधारण शय्यापत्र, कम्बल और तकिया प्रदान किया जाता है।[30][31] भोजन आदेशानुसार अथवा टिकट का अंग होकर उपलब्ध होता है।[32] प्रति यात्री १०० किलोग्राम सामान ले जाने की अनुमति होती है।[33]
प्रथम श्रेणी वातानुकूलित एवं 2 टियर (एच॰ए॰/HA)
[संपादित करें]यह डिब्बा होता है जिसमें एक ही डिब्बे में दो श्रेणियों का संयोजन रहता है। इसमें प्रथम वातानुकूलित श्रेणी के दस आसन होते हैं, दो कक्षिकाएँ (चार–चार शय्याओं वाली) और एक युग्मक (दो शय्याओं वाला), साथ ही द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी की २० शय्याएँ होती हैं।[34][35]
तृतीय वातानुकूलित या वातानुकूलित 3 टियर (३ए/3A)
[संपादित करें]तृतीय वातानुकूलित डिब्बा भी शयनयान होता है।[36] प्रत्येक खण्ड में छह शय्याएँ तीन–तीन स्तरों में आमने–सामने रहती हैं। मध्य शय्या मोड़ने योग्य होती है। मार्गिका के पार्श्व में दो–स्तरीय शय्याएँ रहती हैं। एक डिब्बे में कुल ६४ से ७२ शय्याओं की क्षमता होती है।[37]
इन डिब्बों में चार प्रवेश–निर्गम द्वार तथा चार शौचालय होते हैं। पूर्व में निजता हेतु परदे दिये जाते थे किन्तु सुरक्षा कारणों से हटा दिये गये। प्रत्येक खण्ड में सामूहिक विद्युत्–सॉकेट और दीपक होते हैं।[38] यात्रीगण को साधारण शय्यापत्र, कम्बल और तकिया प्रदान किया जाता है।[39] भोजन आदेशानुसार अथवा टिकट का अंग होकर उपलब्ध होता है।[40] इसका भोजन–मेनू द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी के समान होता है। प्रति यात्री ४० किलोग्राम सामान ले जाने की अनुमति होती है।[41]
तृतीय वातानुकूलित अर्थ-श्रेणी (३ई/3E)
[संपादित करें]तृतीय वातानुकूलित अर्थ–श्रेणी डिब्बे तृतीय वातानुकूलित डिब्बों के समान ही होते हैं, किन्तु इनमें ७२ शय्याओं के स्थान पर ८१ यात्रीगण की क्षमता होती है।[42][43]
इनमें शय्याओं हेतु पृथक् वातानुकूलन–नलिका, लचीले जल–पात्र–धारक, पठन–दीपक, विद्युत्–सॉकेट आदि सुविधाएँ होती हैं। शय्यापत्र किराये पर उपलब्ध होता है।[44][45]
कुर्सी यान (सी॰सी॰/CC)
[संपादित करें]वातानुकूलित कुर्सी यान अथवा कुर्सी यान डिब्बे ऐसे होते हैं जिनमें समायोज्य आसन और बन्द खिड़कियाँ होती हैं। प्रत्येक पंक्ति में पाँच आसन ३x२ विन्यास में रहते हैं। एक डिब्बे में ७३ से ७८ यात्रीगण की क्षमता होती है।[46]
आसन गद्देदार होते हैं जिनमें पैर और हाथ रखने का सहारा तथा भोजन–पट्टिका होती है। डिब्बों में चार प्रवेश–निर्गम द्वार होते हैं, जिनमें से फिसलने वाले द्वार बैठने के क्षेत्र में ले जाते हैं। चार शौचालय भी होते हैं।
इनमें एल॰ई॰डी॰ पठन–दीपक, विद्युत्–सॉकेट, सामान–रैक आदि होते हैं। चुनिन्दा रेलगाड़ियों में भोजन टिकट का अंग होता है। प्रति यात्री ४० किलोग्राम सामान ले जाने की अनुमति होती है।[47][48]
वन्दे भारत एक्सप्रेस में इस श्रेणी के डिब्बों में ७८ यात्रीगण की क्षमता होती है और इनमें अतिरिक्त सुविधाएँ होती हैं — यात्री–सूचना–तन्त्र, सी॰सी॰टी॰वी॰, बड़े शौचालय और स्वचालित द्वार।[49][50]
डबल डेकर
[संपादित करें]डबल डेकर कुर्सी यान के समान ही आसनों वाले होते हैं, किन्तु इनमें दो स्तरों पर आसन रहते हैं। प्रत्येक डिब्बे में आन्तरिक सीढ़ियों द्वारा ऊपरी तल तक पहुँचा जा सकता है। ये डिब्बे सामान्य डिब्बों से ऊँचे होते हैं — ४,३६६ मि॰मी॰ (१७१॰९ इंच)। प्रत्येक डिब्बे में १२० यात्रीगण के बैठने की क्षमता होती है।[51]
ये डिब्बे विशेष रूप से डबल डेकर रेलगाड़ियों में प्रयुक्त होते हैं।[52]
वातानुकूलित टूरिस्ट कार
[संपादित करें]वातानुकूलित टूरिस्ट कार विस्टाडोम प्रकार के होते हैं जिनमें काँच की छत और अत्यधिक चौड़ी खिड़कियाँ होती हैं। आन्तरिक विन्यास वातानुकूलित कुर्सी यान के समान होता है। चुनिन्दा रेलगाड़ियाँ, विशेषतः पर्यटन–मार्गों पर चलने वाली, ऐसे डिब्बों से सुसज्जित होती हैं।[53]
भारतीय रेल की योजना है कि इन डिब्बों को सभी पर्वतीय रेल–मार्गों पर प्रस्तुत किया जाये।
शयनयान श्रेणी (एस॰एल॰/SL)
[संपादित करें]शयनयान श्रेणी या स्लीपर डिब्बे भारतीय रेल में सर्वाधिक सामान्य शयन–डिब्बे होते हैं।[54] प्रत्येक खण्ड में छह शय्याएँ तीन–तीन स्तरों में आमने–सामने रहती हैं। मध्य शय्या मोड़ने योग्य होती है। मार्गिका के पार्श्व में दो–स्तरीय शय्याएँ रहती हैं।[55]
एक डिब्बे में ७२ से ८१ शय्याओं की क्षमता होती है। ये डिब्बे अवातानुकूलित होते हैं और इनमें खुलने योग्य खिड़कियाँ रहती हैं। प्रत्येक खण्ड में सामूहिक विद्युत्–सॉकेट, छत पर पंखे और दीपक होते हैं।[56]
भोजन आदेशानुसार अथवा विक्रेताओं से क्रय किया जा सकता है। प्रति यात्री ८० किलोग्राम सामान ले जाने की अनुमति होती है।[57]
द्वितीय आसन–श्रेणी (२एस/2S)
[संपादित करें]द्वितीय आसन–श्रेणी भारतीय रेल में सर्वाधिक सामान्य कुर्सी–कार डिब्बा है और यह सर्वाधिक सस्ता भी है। प्रत्येक डिब्बे में १०८ यात्रीगण के बैठने की क्षमता होती है, जबकि जन शताब्दी रेलगाड़ियों में प्रति डिब्बा १०३ आसन होते हैं।[58]
यह श्रेणी प्रायः दिन–भर चलने वाली रेलगाड़ियों में प्रयुक्त होती है। इसमें छह–छह आसन ३x३ विन्यास में रहते हैं।[59] आसन आमने–सामने अथवा एक ही दिशा में हो सकते हैं। ये डिब्बे अवातानुकूलित होते हैं और इनमें खुलने योग्य खिड़कियाँ रहती हैं। प्रत्येक खण्ड में सामूहिक विद्युत्–सॉकेट, छत पर पंखे और दीपक होते हैं।[60] भोजन आदेशानुसार अथवा विक्रेताओं से क्रय किया जा सकता है। प्रति यात्री ७० किलोग्राम सामान ले जाने की अनुमति होती है।[61]
अनारक्षित (यू॰आर॰/UR) / सामान्य (जी॰एस॰/GS)
[संपादित करें]अनारक्षित अथवा सामान्य डिब्बे द्वितीय आसन–श्रेणी के ही होते हैं, किन्तु इनमें आरक्षण नहीं होता। यात्री उपलब्ध आसनों पर बैठते हैं।[62]
एक या अधिक सामान्य डिब्बे तीव्रगामिनी रेलगाड़ियों में जोड़े जाते हैं, जबकि विशिष्ट यात्री–रेलगाड़ियों में सभी डिब्बे अनारक्षित हो सकते हैं। टिकट किसी भी रेलगाड़ी में उसी मार्ग पर २४ घण्टों के भीतर मान्य होता है।[63]
उपनगरीय एवं स्थानीय
[संपादित करें]उपनगरीय रेल–प्रणालियाँ विद्युत् बहु–एकक (EMU) तथा डीज़ल–विद्युत् बहु–एकक (DEMU) रेल–समूहों का प्रयोग करती हैं। इनमें मोटर–डिब्बे रहते हैं जो रेल–समूह को शक्ति प्रदान करते हैं और उनके बीच यात्री–डिब्बे रहते हैं।[64]
मोटर–डिब्बों में सामान्य डिब्बों की अपेक्षा कम आसन रहते हैं। इन डिब्बों में दोनों ओर बड़े प्रवेश–निर्गम द्वार होते हैं तथा विभिन्न विन्यासों में अनेक आसन–समूह रहते हैं।[65]
मेमू (MEMU) रेलगाड़ियाँ, जो लघु–दूरी अन्तर–नगर मार्गों पर प्रयुक्त होती हैं, भी इसी प्रकार की संरचना रखती हैं। प्रत्येक रेल–समूह में एक या दो प्रथम श्रेणी डिब्बे हो सकते हैं जिनमें उत्तम आसन रहते हैं। ये डिब्बे सामान्यतः अवातानुकूलित होते हैं, किन्तु चुनिन्दा मार्गों पर वातानुकूलित डिब्बे भी प्रयुक्त होते हैं।[66][67]
विशेष एवं विलास श्रेणी
[संपादित करें]सामान्य रेलगाड़ियों के अतिरिक्त भारतीय रेल विलास–रेलगाड़ियाँ भी चलाती है — जैसे महाराजा एक्सप्रेस, डेक्कन ओडिसी तथा अन्य विशेष पर्यटन–रेलगाड़ियाँ। इनमें विभिन्न श्रेणियों के डिब्बे होते हैं, मानक डिब्बे, संशोधित डिब्बे, तथा विशेष रूप से निर्मित डिब्बे जिनमें युग्मक, नियत कक्ष और सुइट होते हैं।[68]
सलून–डिब्बे भी उपलब्ध होते हैं जिन्हें चार्टर किया जा सकता है। इनमें शयनकक्ष और रसोई होती है और इन्हें सामान्य रेलगाड़ियों में जोड़ा जा सकता है।[69] विशेष परिस्थितियों में सामान्य रेलगाड़ियों में विशेष डिब्बे भी जोड़े जा सकते हैं।[70]
वर्गीकरण
[संपादित करें]
डिब्बा–संख्या
[संपादित करें]भारतीय रेल के प्रत्येक डिब्बे का अद्वितीय पाँच अथवा छह अंकों का परिचायक होता है। सन् २०१८ तक प्रथम दो अंक निर्माण–वर्ष को सूचित करते थे और अन्तिम तीन अंक श्रेणी को।[71]
सन् २०१८ में संख्या–प्रणाली परिवर्तित की गयी — अब प्रथम दो अंक निर्माण–वर्ष को सूचित करते हैं और अन्तिम चार अंक क्रम–संख्या को।[72]
- २०१८ तक
डिब्बा–संख्या (अन्तिम ३ अंक)
[संपादित करें]| संहिता
(कोड) |
००१–०२५
(001-025) |
०२६–०५०
(026-050) |
०५१–१००
(051-100) |
१०१–१५०
(101-150) |
१५१–२००
(151-200) |
२०१–४००
(201-400) |
४०१–६००
(401-600) |
६०१–७००
(601-700) |
७०१–८००
(701-800) |
८००+
(800+) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| श्रेणी
(क्लास) |
प्रथम वातानुकूलित | प्रथम वातानुकूलित + द्वितीय वातानुकूलित | द्वितीय वातानुकूलित | तृतीय वातानुकूलित | वातानुकूलित कुर्सी यान | शयनयान | सामान्य | द्वितीय आसन–श्रेणी | एस॰एल॰आर॰ (गार्ड–वैन) | अन्य |
- सन् २०१८ के पश्चात्
डिब्बा–संख्या (अन्तिम ४ अंक)[73]
[संपादित करें]| संहिता
(कोड) |
८००१–९९९९
(8001-9999) |
१००१–७९९९
(1001-7999) |
०००१–०९९९
(0001-0999) |
|---|---|---|---|
| श्रेणी
(क्लास) |
ई॰एम॰यू॰ (EMU), डी॰ई॰एम॰यू॰, मेमू (MEMU) | अन्य सभी | आरक्षित |
यात्रीगण की रेलगाड़ियों में डिब्बों की पहचान हेतु अक्षर–संख्या–संहिता दी जाती है। प्रथम अक्षर डिब्बा–श्रेणी को सूचित करता है और द्वितीय अक्षर डिब्बा–संख्या को।[74]
डिब्बा–संहिता (प्रथम अक्षर)
[संपादित करें]| संहिता | एच/H | एफ़/F | ई॰ए॰/EA | ई/E | ई॰वी॰/EV | ए/A | एच॰ए॰/HA | बी/B | सी/C | जी/G | एस/S | डी/D | जे/J | एम/M |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| श्रेणी | प्रथम वातानुकूलित | प्रथम श्रेणी | कार्यकारी अनुभूति | कार्यकारी | विस्टाडोम | द्वितीय वातानुकूलित | प्रथम + द्वितीय वातानुकूलित | तृतीय वातानुकूलित | वातानुकूलित कुर्सी यान | तृतीय वातानुकूलित अर्थ–श्रेणी (ग़रीब–रथ) | शयनयान | द्वितीय आसन–श्रेणी | कुर्सी यान (ग़रीब–रथ) | तृतीय वातानुकूलित अर्थ–श्रेणी |
आसन–वर्गीकरण
[संपादित करें]डिब्बों में शय्याएँ और आसन अक्षर–संख्या–संहिता द्वारा अंकित किये जाते हैं। अक्षर शय्या/आसन–प्रकार को सूचित करते हैं और अंक स्थिति को।[75]
शय्या (Berth)
[संपादित करें]- LB = एल॰बी॰ (अधः–शय्या / Lower Berth)
- MB = एम॰बी॰ (मध्य–शय्या / Middle Berth)
- UB = यू॰बी॰ (ऊर्ध्व–शय्या / Upper Berth)
- SL = एस॰एल॰ (पार्श्व–अधः–शय्या / Side Lower)
- SM = एस॰एम॰ (पार्श्व–मध्य–शय्या / Side Middle)
- SU = एस॰यू॰ (पार्श्व–ऊर्ध्व–शय्या / Side Upper)
आसन (Seat)
[संपादित करें]- WS = डब्ल्यू॰एस॰ (खिड़की–पार्श्व / Window Side)
- M = एम (मध्य / Middle)
- A = ए (मार्गिका–पार्श्व / Aisle)
मध्य (M) और मार्गिका–पार्श्व (A) टिकट पर अंकित नहीं होते। केवल खिड़की–पार्श्व (WS) टिकट पर अंकित होता है।
मालगाड़ी
[संपादित करें]भारतीय रेल प्रतिदिन ४,००० से अधिक माल–वाहक तथा वस्तु–रेलगाड़ियाँ चलाती है।[76] यह विविध प्रकार का माल ढोती है और प्रत्येक माल के अनुरूप विशेष रोलिंग–स्टॉक प्रयुक्त होता है। माल–परिवहन हेतु कुल २४३ प्रकार के रोलिंग–स्टॉक प्रयुक्त होते हैं।[77]
इनमें सम्मिलित हैं — आच्छादित माल–डिब्बे, बक्सा–डिब्बे, समतल डिब्बे, खुले डिब्बे, हॉपर डिब्बे, कन्टेनर, वाहन–वाहक डिब्बे, रक्षा–वाहन–वाहक डिब्बे तथा टैंकर।[78][79]
प्रत्येक माल–डिब्बा विन्यासानुसार १० से ८० टन तक भार वहन कर सकता है।[80]
अन्य
[संपादित करें]सामान्य यात्री–श्रेणियों के अतिरिक्त भारतीय रेल में विशिष्ट कार्यों हेतु विशेष प्रकार के डिब्बे प्रयुक्त होते हैं।[81][82]
दुर्घटना राहत चिकित्सा यान (Accident Relief Medical Van)
[संपादित करें]ये विशेष रूप से संशोधित डिब्बे होते हैं जिनमें बचाव तथा मरम्मत उपकरण रहते हैं। इनमें बहु–शय्या–युक्त चिकित्सालय, शल्य–कक्ष, पुनर्वास–कक्ष तथा चिकित्सक–कक्ष हो सकते हैं। अधिकांशतः ये डीज़ल–इंजन द्वारा स्व–चालित होते हैं।[83]
इनमें प्राथमिक उपचार–सामग्री, शव–थैले, स्ट्रेचर, अग्नि–निवारक, हाइड्रॉलिक उपकरण, वायु–थैले, रस्सियाँ, काटने के औज़ार, विद्युत्–जनित्र तथा संचार–उपकरण रहते हैं।[84]
ब्रेक यान (Brake Van)
[संपादित करें]ब्रेक यान ऐसा माल–डिब्बा होता है जिसमें हाथ से चलने वाला ब्रेक रहता है जिसे गार्ड द्वारा संचालित किया जाता है। यह प्रायः रेलगाड़ी के अन्तिम डिब्बे के रूप में जोड़ा जाता है और इसमें गार्ड हेतु खुला कक्ष अथवा केबिन होता है।[85]
इसमें आपात–सामग्री, प्रकाश–पेटी, संकेत–उपकरण तथा मापन–यन्त्र रहते हैं। ब्रेक–वैन प्रायः छोटे पार्सल–यान अथवा जनरेटर यान के साथ संयोजित रहते हैं।[86]
जनरेटर यान (Generator Car)
[संपादित करें]जनरेटर यान में विद्युत्–उत्पादन उपकरण रहते हैं, प्रायः डीज़ल–जनित्र, जो रेलगाड़ी के उपकरणों को शक्ति प्रदान करते हैं। एक या दो जनित्र–डिब्बे रेलगाड़ियों में जोड़े जाते हैं।[87]
रेल–मार्गों के विद्युतीकरण के साथ भारतीय रेल हेड–ऑन–जनरेशन (HOG) प्रणाली अपना रही है, जिसमें शक्ति ऊपर के तारों से प्राप्त होगी और पृथक् जनित्र–डिब्बों की आवश्यकता नहीं रहेगी।[88]
निरीक्षण यान (Inspection Carriage)
[संपादित करें]निरीक्षण यान डीज़ल–चालित स्व–प्रेरित वाहन होते हैं जो रेल–पथ की जानकारी संकलित करने, विश्लेषण करने और योजनाएँ बनाने हेतु प्रयुक्त होते हैं।[89]
सैन्य यान (Military Car)
[संपादित करें]भारतीय सशस्त्र–बलों हेतु विशेष डिब्बे निर्मित किये जाते हैं — यात्री तथा माल–वाहक दोनों। सैन्य चिकित्सालय–वैन अस्थायी चिकित्सालय के रूप में प्रयुक्त होती है जिसमें घायल सैनिकों को ले जाया जाता है और चिकित्सालय–सामग्री रहती है।[90]
क्रेन यान तथा अन्य माल–वाहक यान भी विशेष सैन्य प्रयोजनों हेतु प्रयुक्त होते हैं।
रसोई यान (Pantry Car)
[संपादित करें]रसोई यान विशेष डिब्बा होता है जिसमें यात्रीगण के लिये भोजन और अल्पाहार तैयार किये जाते हैं। इसमें शीतक, बॉयलर, चूल्हे, गरम करने वाले उपकरण, भण्डारण–खण्ड, धुलाई–सिंक तथा अन्य पाक–सामग्री रहती है।[91]
कुछ रेलगाड़ियों में भोजन–गृह के साथ भोजनालय–सुविधा भी रहती है। सामान्यतः रसोई यान पृथक् रूप से रेक में जोड़े जाते हैं, किन्तु कुछ डिब्बों में लघु–भोजन–गृह भी रहता है।[92]
पार्सल यान (Parcel Van)
[संपादित करें]पार्सल–वैन डिब्बे डाक, पार्सल और अन्य माल ले जाने हेतु प्रयुक्त होते हैं। ये समर्पित पार्सल–वैन हो सकते हैं अथवा सामान–डिब्बों के साथ संयोजित हो सकते हैं जिन्हें यात्री–रेलगाड़ियों में जोड़ा जाता है।[93]
इनमें मोड़ने योग्य सामान–रैक, संकुचित विभाजन तथा फिसलने वाले द्वार रहते हैं।[94]
सम्बन्धित विषय
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ "Historical Background of Railway Electrification". Indian Railways. अभिगमन तिथि: 19 May 2023.
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ "Historical Background of Railway Electrification". Indian Railways. अभिगमन तिथि: 19 May 2023.
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ "Rolling stock". IRFCA. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ Types of passenger coaches. Asian Institute of Transport Development. (Report).
- ↑ "Indian railway classes". Trainman. मूल से से 3 October 2023 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ Indian Railways (1 August 2018). Limit of Free Luggage in Trains. प्रेस रिलीज़. https://pib.gov.in/Pressreleaseshare.aspx?PRID=1541065. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ Types of passenger coaches. Asian Institute of Transport Development. (Report).
- ↑ "Indian railway classes". Trainman. मूल से से 3 October 2023 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ Ayyappan, V. (4 January 2021). "Leakage Found in ICF Coaches". The Times of India. अभिगमन तिथि: 6 June 2023.
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ "Indian railway classes". Trainman. मूल से से 3 October 2023 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ "Anubhuti coaches with aircraft-like features to replace Shatabdi 1st-AC Executive chair cars; 20 amazing facts". Financial Express. 9 December 2017. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ "Anubhuti coaches with aircraft-like features to replace Shatabdi 1st-AC Executive chair cars; 20 amazing facts". Financial Express. 9 December 2017. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ "Indian railway classes". Trainman. मूल से से 3 October 2023 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ Ayyappan, V. (4 January 2021). "Leakage Found in ICF Coaches". The Times of India. अभिगमन तिथि: 6 June 2023.
- ↑ "Rolling stock". IRFCA. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ Types of passenger coaches. Asian Institute of Transport Development. (Report).
- ↑ "Why you may not see curtains in AC coaches". The Economic Times. 15 October 2018. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ "Indian Railways to provide bedrolls". Mint. 18 September 2022. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ "Indian railway classes". Trainman. मूल से से 3 October 2023 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ Indian Railways (1 August 2018). Limit of Free Luggage in Trains. प्रेस रिलीज़. https://pib.gov.in/Pressreleaseshare.aspx?PRID=1541065. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ Types of passenger coaches. Asian Institute of Transport Development. (Report).
- ↑ "Rolling stock". IRFCA. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ "Rolling stock". IRFCA. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ Types of passenger coaches. Asian Institute of Transport Development. (Report).
- ↑ "Why you may not see curtains in AC coaches". The Economic Times. 15 October 2018. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ "Indian Railways to provide bedrolls". Mint. 18 September 2022. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ "Indian railway classes". Trainman. मूल से से 3 October 2023 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ Indian Railways (1 August 2018). Limit of Free Luggage in Trains. प्रेस रिलीज़. https://pib.gov.in/Pressreleaseshare.aspx?PRID=1541065. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ "Rolling stock". IRFCA. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ "Indian railway classes". Trainman. मूल से से 3 October 2023 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ "Garib Rath trains to get new AC 3-tier economy class coaches; to have cheaper fare than AC 3-tier". Times now. 27 August 2021. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ "Rolling stock". IRFCA. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ "Indian railway classes". Trainman. मूल से से 3 October 2023 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ Indian Railways (1 August 2018). Limit of Free Luggage in Trains. प्रेस रिलीज़. https://pib.gov.in/Pressreleaseshare.aspx?PRID=1541065. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ Ayyappan, V. (4 January 2021). "Leakage Found in ICF Coaches". The Times of India. अभिगमन तिथि: 6 June 2023.
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ "Rolling stock". IRFCA. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ Types of passenger coaches. Asian Institute of Transport Development. (Report).
- ↑ "Indian railway classes". Trainman. मूल से से 3 October 2023 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ Indian Railways (1 August 2018). Limit of Free Luggage in Trains. प्रेस रिलीज़. https://pib.gov.in/Pressreleaseshare.aspx?PRID=1541065. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ "Rolling stock". IRFCA. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ Types of passenger coaches. Asian Institute of Transport Development. (Report).
- ↑ "Indian railway classes". Trainman. मूल से से 3 October 2023 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ Indian Railways (1 August 2018). Limit of Free Luggage in Trains. प्रेस रिलीज़. https://pib.gov.in/Pressreleaseshare.aspx?PRID=1541065. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ "Rolling stock". IRFCA. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ Ayyappan, V. (4 January 2021). "Leakage Found in ICF Coaches". The Times of India. अभिगमन तिथि: 6 June 2023.
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ Coach classification. Indian Railways. (Report). Archived 2024-01-08 at the वेबैक मशीन
- ↑ Indian Railways. Coach numbering. प्रेस रिलीज़. https://indianrailways.gov.in/railwayboard/uploads/directorate/mec_engg/downloads/Coaching/2018/20_Numbering%20of%20coaching%20stock.pdf. अभिगमन तिथि: 1 January 2024.
- ↑ Indian Railways. Coach numbering. प्रेस रिलीज़. https://indianrailways.gov.in/railwayboard/uploads/directorate/mec_engg/downloads/Coaching/2018/20_Numbering%20of%20coaching%20stock.pdf. अभिगमन तिथि: 1 January 2024.
- ↑ Indian Railways. Abbreviations for Coaches. प्रेस रिलीज़. Archived from the original on 8 जनवरी 2024. https://digitalscr.in/bzadiv/circulars/misc_circulars/uploads/Abbrevations%20for%20different%20types%20of%20coaches.pdf. अभिगमन तिथि: 1 January 2024.
- ↑ Rail seat layout. Indiarailinfo. (Report). Archived 2024-01-07 at the वेबैक मशीन
- ↑ Indian Railways Year Book 2021–22. Indian Railways. (Report). Archived 2023-11-03 at the वेबैक मशीन
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ Types of freight cars. Indian Railways. (Report).
- ↑ "Cargo and other rolling stock". IRFCA. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ Types of freight cars. Indian Railways. (Report).
- ↑ Types of passenger coaches. Asian Institute of Transport Development. (Report).
- ↑ "Cargo and other rolling stock". IRFCA. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ "ICF on a roll". Frontline. 25 April 2003. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ "ICF on a roll". Frontline. 25 April 2003. अभिगमन तिथि: 1 December 2023.
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ {{{title}}}. (Report).
- ↑ {{{title}}}. (Report).
बाह्य कड़ियाँ
[संपादित करें]- भारतीय रेल
- भारतीय रेल खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) Archived 2024-02-17 at the वेबैक मशीन