भारतीय भाषा परिषद, कोलकाता

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

कोलकाता में स्थित यह संस्था अनेक प्रकार के साहित्यिक पुरस्कार देती है। इनकी साहित्यिक पत्रिका वागर्थ मासिक है।

सीताराम सेकसरिया और उनके अभिन्न मित्र दिवंगत भागीरथ कानोडिया ने १९७४ में अपनी पचहत्तर-अस्सी वर्ष की वृद्धावस्था में अंग्रेजी के बढ़ते वर्चस्व को रोकने और भारतीय भाषाओं के बीच आदान-प्रदान, सम्पर्क, सहयोग और अनुवाद बढ़ाने के लिए भारतीय भाषा परिषद की स्थापना की थी। दोनों मित्रों की दृष्टि यह थी कि हिन्दी का ढोल पीटने के बजाए भारतीय भाषाओं को संपन्न और समृद्ध कर ही अंग्रेजी के सर्वभक्षी अभियान को रोका जा सकता है। परिषद के उद्देश्यों की सत्रह सूत्री सूची का प्रथम उद्देश्य ही – 'विभिन्न भारतीय भाषाओं… को निकट लाने और उनमें पारस्परिक सम्मान पैदा करने की दृष्टि से विचारों में समन्वय और आदान–प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय मंच की स्थापना करना' था। यह कहने की जरूरत नहीं कि दोनों ही मित्र स्वतंत्रता सेनानी थे और अंग्रेजी साम्राज्यवाद के भुक्तभोगी।

वाह्य संपर्क[संपादित करें]