भारतीय बौद्ध महासभा

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भारतीय बौद्ध महासभा (अंग्रेजी: The Buddhist Society of India) भारत का राष्ट्रीय बौद्ध संगठन है। इसे भीमराव आम्बेडकर द्वारा शुरू किया गया, इसकी स्थापना 4 मई 1955 को मुंबई, महाराष्ट्र में गई थी। 8 मई 1955 को नरे पार्क, बॉम्बे में आयोजित एक समारोह में आम्बेडकर ने बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए इस संगठन की स्थापना की औपचारिक घोषणा की।[1] इसका मुख्यालय मुंबई में है। वर्तमान में इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में राजरत्न आम्बेडकर कार्य कर रहे हैं, वह डॉ॰ आम्बेडकर के भाई आनंदराव के प्रपौत्र हैं। यह अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध संघटन वर्ल्ड फैलोशिप ऑफ बुद्धिस्ट्स का सदस्य हैं। इससे कई भारतीय राज्यों के बौद्ध अनुयायि सदस्य के रूप में जुडे हुए हैं।[2]

उद्देश[संपादित करें]

इसके उद्देश्य हैं:[3]

  1. भारत में बौद्ध धर्म के प्रसार को बढ़ावा देना।
  2. बौद्ध पूजा के लिए विहार (बौद्ध मंदिर) स्थापित करना।
  3. धार्मिक और वैज्ञानिक विषय के लिए स्कूलों और कॉलेजों की स्थापना करना।
  4. अनाथालयों, अस्पतालों और राहत केंद्रों की स्थापना करना।
  5. बौद्ध धर्म के प्रसार करनेवाले लोगों की तैयारी के लिए बौद्ध सेमिनार शुरू करना।
  6. सभी धर्मों के तुलनात्मक अध्ययन को बढ़ावा देना।
  7. बौद्ध धर्म के प्रकाशन को और बड़े पैमाने पर बौद्ध धर्म की वास्तविक समझ देने के लिए पुस्तिकाओं और पुस्तिकाओं को जारी करना।
  8. पुजारी के नए आदेश बनाने के लिए, यदि ऐसा करना आवश्यक हो जाता है।
  9. प्रकाशन के काम को आगे बढ़ाने के उद्देश्य के लिए एक प्रेस या कई प्रेस स्थापित करना।
  10. आम कार्रवाई के लिए और फैलोशिप स्थापित करने के लिए भारत के बौद्धों की सभा और सम्मेलन आयोजित करना।

सन्दर्भ[संपादित करें]