भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) या भाकपा माओवादी भारत का प्रमुख भूमिगत नक्सली संगठन है। इसकी स्थापना दो खूंखार नक्सली संगठनों के आपसी विलय के बाद हुई. माओइस्ट कम्युनिस्ट सेंटर यानी एमसीसी और भाकपा माले, पीपुल्सवार ने साल 2004 में 21 सितम्बर को आपस में विलय कर लिया। वैसे विलय की आधिकारिक घोषणा उसी साल 14 अक्टूबर को की गयी। विलय के बाद तदर्थ केन्द्रीय कमेटी बनी जिसका महासचिव पीपुल्स वार नेता गणपति को बनाया गया। उनका सही नाम मुप्पला लक्ष्मणा राव है। 22 जून,2009 को भारत सरकार ने भाकपा माओवादी को आतंकवादी संगठन घोषित करते हुए इसे प्रतिबंधित कर दिया। अब भाकपा माओवादी के कार्यकर्ताओं पर यूएपीए के तहत कार्रवाई हो सकेगी. आंध्रप्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, उड़ीसा जैसे राज्यों में पहले से हीं संगठन पर प्रतिबंध लागू है। देशव्यापी प्रतिबंध लगने के बाद रैलियों, आमसभा और दूसरे सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक रहेगी साथ ही उनके कार्यालय और बैंक अकाउंट भी जब्त हो जाएंगे. गृह मंत्रालय में उच्चस्तरीय बैठक के बाद माओवादियों को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया गया। सरकार ने ये फैसला ऐसे समय में लिया है जब पश्चिम बंगाल के लालगढ़ में सुरक्षा बल के जवान माओवादियों से लोहा ले रहे हैं। माओवादियों द्वारा भारत के विभिन्न हिस्सों मे सशस्त्र आन्दोलन के नाम पर लाखों किसानों, भूमिहीन श्रमिकों को मुखबीर बताकर, जन अदालतों के जरिये उनकी हत्या कर दी गयी। गणपति के बाद माओवादियों का दूसरा सबसे बड़ा नेता मेल्लाजुला कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी हुआ, इसका लालगढ़ के खूनी संघर्ष मे बहुत बड़ा हाथ था। किशनजी भी भारतीय सशस्त्र बलों की गोलियों से मारा गया और फिलहाल भारत मे नक्सली गतिविधियाँ काफी हद तक नियंत्रण मे हैं।