भद्रकाली

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
नेविगेशन पर जाएँ खोज पर जाएँ
भद्रकाली
प्रलय, निर्मोहिता और काल की देवी
Goddess Bhadrakali Worshipped by the Gods- from a tantric Devi series - Google Art Project.jpg
त्रिमूर्ति द्वारा पूजित मां भद्रकाली
संस्कृत लिप्यंतरण भद्र कालि
संबंध देवी, महाकाली, पार्वती, सती
मंत्र ॐ ग्लौम् भद्रकाल्यै नमः
अस्त्र त्रिशूल, कैंची, कटार, डमरू, चक्र, शंख, भाला, गदा, वज्र, ढाल, खप्पर, खड्ग, कृपाण, अंकुश, खंजर, दानव सिर
जीवनसाथी वीरभद्र (भगवान शिव का उग्र रूप)
संतान पोनभद्र , कल्हनभद्र , जखभद्र , अतिसुरभद्र , ब्रह्मभद्र और दहीभद्र
सवारी शव
शास्त्र सभी धार्मिक ग्रंथ

भद्रकाली (शाब्दिक अर्थ : 'अच्छी काली')[1] हिन्दुओं की एक देवी हैं जिनकी पूजा मुख्यतः दक्षिण भारत में होती है। वे देवी दुर्गा की अवतार तथा भगवान शंकर के वीरभद्र अवतार की शक्ति अथवा पत्नी हैं।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "संग्रहीत प्रति". मूल से 20 जून 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 19 अक्तूबर 2018.

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]