ब्रिटिश राज के दौरान भारत में प्रमुख अकाल की समयरेखा

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१८७६-७८ का बड़ा अकाल

ये ब्रिटिश राज के दौरान भारत में प्रमुख अकालों की समयसरेखा है। ये सन् १७६५ से १९४७ तक का कालखन्ड दर्शाती है। बक्सर के युद्ध के बाद ब्रिटिशोंको १७६५ में बंगाल प्रेसीडेंसी की दिवानी मिली और १७८४ में निजामत जिससे वो सिधा प्रशासन करने लगे। १९४७ में ब्रिटिश राज खतम हो कर भारत के भारतीय अधिराज्य और पाकिस्तान अधिराज्य एसे दो विभाग हुए।

समयसरेखा[संपादित करें]

साल अकाल का नाम ब्रिटिश क्षेत्र भारतीय राज्य / रियासतें मृतकों की संख्या
१७६९-७० बंगाल का भीषण अकाल बिहार, उत्तरी और मध्य बंगाल एक करोड़
(तब की बंगाल की आबादी का लगभग एक तिहाई हिस्सा)
१७८३-८४ चालीसा अकाल दिल्ली, अवध, पूर्वी पंजाब क्षेत्र, राजपूताना, और कश्मीर १॰१ करोड़
१७९१-९२ दोजी बारा अकाल / स्कल फेमाइन मद्रास प्रेसीडेंसी हैदराबाद, दक्षिणी मराठा देश, दक्कन, गुजरात और मारवाड़ १॰१ करोड़ लोग मारे गए। इस अकाल का एसा वर्णन किया गया है कि मृतकोंकी संख्या ज्यादा होने के कारण कईओंके दाह संस्कार नहीं हुए और उनकी पडी हुई हड्डियों से जमीन और रास्ते सफेद दिखने लगे। इस लिए इसे अग्रेजी में स्कल फेमाइन (स्कल = खोपडी, फेमाइन = अकाल) कहा जाने लगा।
१८३७-३८ १८३७-३८ का आगरा अकाल उत्तर-पश्चिमी प्रान्त, आगरा प्रान्त, दिल्ली, हिसार ८ लाख
१८६०-६१ १८६०-६१ का ऊपरी दोआबा का अकाल आगरा का ऊपरी दोआबा, दिल्ली, हिसार, पंजाब पूर्वी राजपुताना २० लाख
१८६५-६७ १८६५-६७ का उड़ीसा अकाल उड़ीसा, बिहार, बेल्लरी, गंजम १० लाख
१८६८-७० १८६९ का राजपूताना अकाल अजमेर, पश्चिमी आगरा, पूर्वी पंजाब राजपूताना १५ लाख (ज्यादातर राजपूताना के रियासत में)
१८७३-७४ १८७३-७४ का बिहार अकाल बिहार इस अकाल में कुछ ज्यादा महत्वपूर्ण मृत्यु दर नहीं रहा क्योंकि राहत कार्य
१८७६-७८ १८७६-७८ का बड़ा अकाल मद्रास प्रेसिडेंसी और बॉम्बे प्रेसिडेंसी मैसूर और हैदराबाद ५५ लाख ब्रिटिश क्षेत्र में मारे गए और रियासतों की मृतक संख्या का पता नहीं हैं। पर कुल अनुमान ६१ लाख से १ करोड तक है।
१८९६-९७ १८९६-९७ का भारतीय अकाल मद्रास प्रेसिडेंसी, बॉम्बे प्रेसिडेंसी, डेक्कन, बंगाल, संयुक्त प्रान्त आगरा व अवध, मध्य प्रांत और बरार उत्तरी और पूर्वी राजपूताना, मध्य भारत और हैदराबाद के कुछ हिस्सों ५० लाख ब्रिटिश क्षेत्र में मारे गए
१८९९-१९०० १८९९-१९०० का भारतीय अकाल बॉम्बे प्रेसिडेंसी, मध्य प्रांत और बरार, अजमेर हैदराबाद, राजपुताना, मध्य भारत, बड़ौदा, काठियावाड़, कच्छ १० लाख ब्रिटिश क्षेत्र में मारे गए
१९४३-४४ १९४३ का बंगाल का अकाल बंगाल भुखमरी से १५ लाख और कुल महामारी मिलाकर ३५ लाख मृत्यु

सन्दर्भ[संपादित करें]