ब्राज़ीलियाई जिउ-जित्सु
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| फोकस | ग्रैपलिंग, ग्राउंड फाइटिंग, सब्मिशन |
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| Creator | मित्सुयो माएदा, कार्लोस ग्रेसी, हेलियो ग्रेसी, लुइज़ फ्रांका |
| Parenthood | कोडोकन जूडो |
ब्राज़ीलियाई जिउ-जित्सु (अंग्रेज़ी: Brazilian jiu-jitsu, संक्षेप में BJJ) एक आत्मरक्षा प्रणाली और लड़ाकू खेल है जो मुख्य रूप से ग्रैपलिंग और ग्राउंड फाइटिंग पर केंद्रित है। इस युद्ध कला का मुख्य उद्देश्य अपने प्रतिद्वंद्वी को जमीन पर गिराना, उस पर नियंत्रण स्थापित करना, और अंततः उसे सब्मिशन होल्ड-जैसे कि 'जॉइंट लॉक' या 'चोकहोल्ड' -के माध्यम से हार मानने पर मजबूर करना है। इसका मूल सिद्धांत यह है कि एक छोटा और कमजोर व्यक्ति लीवरेज और शरीर रचना विज्ञान के सही ज्ञान का उपयोग करके एक बड़े और मजबूत प्रतिद्वंद्वी का सफलतापूर्वक बचाव और उसे पराजित कर सकता है।[1][2]
इतिहास
[संपादित करें]ब्राज़ीलियाई जिउ-जित्सु की उत्पत्ति 20वीं सदी की शुरुआत में हुई थी। 1914 में, प्रसिद्ध जापानी जूडो विशेषज्ञ और पहलवान मित्सुयो माएदा ब्राज़ील आए। उन्होंने वहां के एक स्थानीय राजनेता गैस्टाओ ग्रेसी के बेटे, कार्लोस ग्रेसी को जूडो और पारंपरिक जापानी जिउ-जित्सु की शिक्षा दी।
बाद में, कार्लोस ने यह ज्ञान अपने छोटे भाई हेलियो ग्रेसी को दिया। हेलियो शारीरिक रूप से बहुत कमज़ोर और पतले थे, इसलिए वे जापानी जूडो की उन तकनीकों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर पा रहे थे जिनमें बहुत अधिक शारीरिक बल की आवश्यकता होती थी। इसके जवाब में, हेलियो ने उन तकनीकों को संशोधित किया, और बल के बजाय 'बायोमैकेनिक्स' और लीवरेज पर ध्यान केंद्रित किया ताकि ग्राउंड फाइटिंग में शारीरिक ताकत का महत्व कम हो जाए। यहीं से 'ब्राज़ीलियाई जिउ-जित्सु' का जन्म हुआ।[3]
BJJ मुख्य रूप से इस विचार पर आधारित है कि जब कोई लड़ाई जमीन पर जाती है, तो ताकतवर व्यक्ति का शारीरिक लाभ काफी हद तक बेअसर हो जाता है।
- पोजीशनिंग: BJJ में सबसे पहले प्रतिद्वंद्वी पर एक प्रमुख स्थिति प्राप्त करना होता है। इसमें 'गार्ड', 'माउंट' और 'साइड कंट्रोल' शामिल हैं।
- सब्मिशन होल्ड्स: एक बार नियंत्रण स्थापित हो जाने के बाद, एथलीट दो मुख्य प्रकार के हमले करता है:
- जॉइंट लॉक्स: इसमें प्रतिद्वंद्वी के किसी जोड़ (जैसे कोहनी, कंधा या टखना) को उसकी सामान्य गति सीमा से परे मोड़ा जाता है।
- चोकहोल्ड्स: इसमें प्रतिद्वंद्वी की गर्दन की धमनियों (Arteries) पर दबाव डाला जाता है, जिससे मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह रुक जाता है और यदि वह हार न माने तो बेहोश हो सकता है।
बेल्ट प्रणाली
[संपादित करें]BJJ में अभ्यासकर्ता की विशेषज्ञता को रंगीन बेल्ट (Belts) के माध्यम से दर्शाया जाता है। वयस्कों के लिए यह क्रम इस प्रकार है:
- सफेद: शुरुआती स्तर।
- नीला और बैंगनी: मध्यवर्ती स्तर जहाँ तकनीकी दक्षता विकसित होती है।
- भूरा: उन्नत स्तर।
- काला: विशेषज्ञ स्तर (इसमें पहुँचने में औसतन 10-15 वर्ष लगते हैं)।
- लाल: यह बेल्ट केवल खेल के संस्थापकों या जीवन भर योगदान देने वाले ग्रैंडमास्टर्स के लिए आरक्षित है
वैश्विक प्रभाव और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स
[संपादित करें]BJJ ने 1993 में तब वैश्विक ख्याति प्राप्त की जब हेलियो ग्रेसी के बेटे, रॉयस ग्रेसी ने प्रथम अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप में भाग लिया। रॉयस ने अपने से कहीं अधिक भारी और मजबूत मुक्केबाजों और पहलवानों को केवल BJJ तकनीकों का उपयोग करके हरा दिया। इस घटना ने साबित कर दिया कि एक वास्तविक लड़ाई में ग्राउंड फाइटिंग कितनी आवश्यक है। आज, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में प्रतिस्पर्धा करने वाले किसी भी लड़ाके के लिए BJJ का ज्ञान होना अनिवार्य माना जाता है।[4]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Gracie, Renzo; Gracie, Royler (2001). Brazilian Jiu-Jitsu: Theory and Technique. Invisible Cities Press. pp. 14-22. ISBN 978-1931229081.
- ↑ "Luiz Franca"[मृत कड़ियाँ]
- ↑ Peligro, Kid (2003). The Gracie Way: An Illustrated History of the World's Greatest Martial Arts Family. Invisible Cities Press. pp. 35–45. ISBN 978-1931229289.
- ↑ "Strangulation Reference Guide"[मृत कड़ियाँ]