बेपनाह (धारावाहिक)

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बेपनाह
अन्य नाम अधूरा अलविदा
शैली प्यार
सर्जक प्रेम किशन
सुनील मेहता
सितारे हरशद चोपड़ा
जेनिफर विंगेट
सेहबान अजीम
नमिता दुबे
शेहजाद शेख़
निर्माण का देश भारत
भाषा(एं) हिंदी
प्रकरणों की संख्या 45 (20 मई 2018 तक)
निर्माण
निर्माता

प्रेम किशन मल्होत्रा

सुनील मेहता
धीरज कुमार
प्रसारण अवधि 25 मिनट (लगभग)
निर्माण कंपनी सिनेविस्टास लिमिटेड
प्रसारण
मूल चैनल कलर्स
छवि प्रारूप 576i
1080i HDTV
मूल प्रसारण 19 मार्च 2018 (2018-03-19) – वर्तमान
बाह्य सूत्र
आधिकारिक जालस्थल

बेपनाह एक भारतीय हिन्दी धारावाहिक है, जिसका प्रसारण कलर्स में 19 मार्च 2018 से शुरू हुआ। इसका निर्माण सिनेविस्टास लिमिटेड ने किया है। इसमें जेनिफर विंगेट और हर्षद चोपड़ा मुख्य किरदार में हैं।

कहानी[संपादित करें]

ये कहानी आदित्य और जोया की है, उन दोनों को उनके जीवनसाथी धोखा दे देते हैं।

आदित्य और जोया को पता चलता है कि उनके जीवनसाथी पूजा और यश की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है, और ये भी पता चलता है कि वे दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे। आदित्य को ये बात पता चलने से बहुत गुस्सा आता है और वहीं जोया इस बात को मानने से ही इंकार कर देती है। यश के कंपनी को ज़ोया अपने अधिकार में ले लेती है, और जब आदित्य को पता चलता है कि उसमें पूजा ने भी पैसा लगाया है, तो वो भी उसमें हिस्सेदार बन जाता है। आदित्य और ज़ोया को बहुत देर से तलाक के कागजात मिलते हैं। इस कागजात के मिलने के बाद ज़ोया सच्चाई से और भाग नहीं पाती, और ख़ुदकुशी करने की कोशिश करती है, पर आदित्य उसे बचा लेता है। इसी बीच सीबीआई इंस्पेक्टर राजवीर खन्ना का आगमन भी उन दोनों के जीवन में होता है। राजवीर को लगता है कि उन दोनों की हत्या हुई है और वो हत्या आदित्य और जोया ने सच्चाई सामने आने के बाद की है। आदित्य और जोया अपने आपको बेकसूर साबित करने की कोशिश करने लगते हैं।

आदित्य के पिता और एक बहुत बड़े वकील, हर्षवर्धन हूडा उन दोनों को बेकसूर साबित कर देते हैं। ज़ोया एक दिन पूजा की डायरी पढ़ती है, और उसे पता चलता है कि किस प्रकार यश उसको धोका दे रहा था। उसे पता चलता है कि पूजा माँ बनने वाली थी, ये बात उसे तोड़ कर रख देती है। जब आदित्य उसकी डायरी पढ़ता है तो उसे कई सारी सच्चाई पता चलती है और उसकी गलतियों के बारे में भी पता चलता है। बाद में दोनों इन सब से आगे बढ़ने का सोचते हैं और वे दोनों यश और पूजा को माफ कर आगे बढ़ जाते हैं। आदित्य पेरिस चले जाता है और वहीं ज़ोया कंपनी को आगे बढ़ाने में लग जाती है।

6 माह बाद

ज़ोया एक सफल व्यवसायी बन जाती है और आदित्य पेरिस में ही ज़िंदगी बिताते रहता है। जब आदित्य अपने घर वापस आता है तो उसे ज़ोया में और ज्यादा आत्मविश्वास दिखता है, वहीं वो अपने आपको शांत और अपने में ही खोया हुआ पाता है। दोनों जब साथ में ज्यादा वक्त गुजारते हैं तो उन दोनों में बहुत अच्छी दोस्ती हो जाती है। आदित्य को एहसास होता है कि उसे ज़ोया से प्यार हो गया है। जब वो अपने प्यार का इकरार करने जाता है तो उसे पता चलता है कि वसीम अपने दोस्त के बेटे, अर्शद हबीब को ज़ोया के मिलाने की कोशिश कर रहा है।

कलाकार[संपादित करें]

मुख्य
अन्य
  • सहबान अज़ीम - यश अरोड़ा
  • नमिता दुबे - पूजा हूडा
  • शहज़ाद शैख - अर्जुन हूडा
  • उर्फी जावेद - बेला कपूर
  • आँचल गोस्वामी - नूर सिद्दीकी, ज़ोया की छोटी बहन
  • राजेश खट्टर - हर्षवर्धन "हर्ष" हूडा, आदित्य और अर्जुन के पिता

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]