बेन रॉय मोटलसन
| बेन रॉय मोटलसन | |
|---|---|
![]() 1963 में मोटलसन | |
| जन्म |
9 जुलाई 1926 शिकागो, इलिनॉय, संयुक्त राज्य अमेरिका |
| मौत |
13 मई 2022 (उम्र 95 वर्ष) कोपनहेगन, डेनमार्क |
| नागरिकता | अमेरिकी, डेनिश |
| शिक्षा की जगह |
पर्ड्यू विश्वविद्यालय (BS) हार्वर्ड विश्वविद्यालय (पीएचडी) |
| प्रसिद्धि का कारण | Geometry of atomic nuclei |
| जीवनसाथी |
नैन्सी जेन रेनो (1948–1975; 3 बच्चे) ब्रिटा मार्गर सीगमफेल्ड्ट (वि॰ 1983) |
| पुरस्कार |
एटम्स फॉर पीस अवार्ड (1969) जॉन प्राइस वेदरिल मेडल (1974) भौतिकी में नोबेल पुरस्कार (1975) मारियन स्मोलुचोव्स्की मेडल (1980) |
बेन रॉय मोटलसन (9 जुलाई 1926 – 13 मई 2022) एक अमेरिकी-डेनिश परमाणु भौतिक विज्ञानी थे, जिन्होंने परमाणु नाभिक की संरचना के अध्ययन में अत्यंत महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। वे विशेष रूप से इस खोज के लिए प्रसिद्ध हैं कि सभी परमाणु नाभिक पूर्णतः गोलाकार नहीं होते, बल्कि अनेक नाभिक विकृत अथवा गैर-गोलाकार आकार भी धारण कर सकते हैं।
परमाणु नाभिक की इस संरचनात्मक समझ ने नाभिकीय भौतिकी के सिद्धांतों को नई दिशा प्रदान की और परमाणु के आंतरिक व्यवहार को अधिक गहराई से समझने में सहायता की। उनके अनुसंधान ने यह स्पष्ट किया कि नाभिक के भीतर उपस्थित प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की सामूहिक गतियाँ उसके आकार और गुणों को प्रभावित करती हैं।
इन्हीं मौलिक योगदानों के लिए बेन रॉय मोटलसन को वर्ष 1975 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।[1] यह सम्मान उन्होंने परमाणु नाभिक की संरचना और उसकी गैर-गोलाकार ज्यामिति से संबंधित सिद्धांतों के विकास में अपने अग्रणी कार्य के लिए प्राप्त किया। वे 20वीं और 21वीं शताब्दी के प्रमुख नाभिकीय भौतिकविदों में गिने जाते हैं।
प्रारंभिक जीवन
[संपादित करें]बेन रॉय मोटेलसन का जन्म 9 जुलाई 1926 को संयुक्त राज्य अमेरिका के इलिनॉय राज्य के शिकागो नगर में हुआ था। वे जॉर्जिया ब्लम और अभियंता गुडमैन मोटेलसन के पुत्र थे।[2] उनका परिवार यहूदी परंपरा से संबंधित था।[3]
इलिनॉय के ला ग्रेंज नगर स्थित लायंस टाउनशिप उच्च विद्यालय से शिक्षा पूर्ण करने के बाद उन्होंने संयुक्त राज्य नौसेना में प्रवेश लिया। नौसेना सेवा के दौरान उन्हें अधिकारी प्रशिक्षण के लिए पर्ड्यू विश्वविद्यालय भेजा गया, जहाँ उन्होंने 1947 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके पश्चात उन्होंने उच्च अध्ययन के लिए हार्वर्ड विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया और 1950 में परमाणु भौतिकी में डॉक्टरेट की उपाधि अर्जित की।
उनके शोध-निर्देशक जुलियन श्विंगर थे, जो 20वीं शताब्दी के सबसे प्रतिष्ठित सैद्धांतिक भौतिकविदों में गिने जाते हैं। श्विंगर ने बाद में क्वांटम विद्युतगतिकी के क्षेत्र में अपने मौलिक योगदान के लिए 1965 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्राप्त किया।[2]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Ben R. Mottelson". नोबेल संस्थान. 1975.
- 1 2 मैक्लेन, डायलन लोएब (19 मई 2022). "Ben Roy Mottelson Dies at 95; Shed Light on the Shape of Atoms". द न्यू यॉर्क टाइम्स. अभिगमन तिथि: 20 मई 2022.
- ↑ "Jewish Nobel Prize Winners in Physics". www.jinfo.org. अभिगमन तिथि: 2023-03-29.
