बेणीमाधव बड़ुया

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बेणीमाधव बड़ुया

डॉ. बेणीमाधव बड़ुया (३१ दिसम्बर, १८८८ - २३ मार्च, १९४८) एक भारततत्त्वविद, पालिबौद्धशास्त्र के विद्वान थे।

उनका जन्म चट्टग्राम में हुआ था जो अब बांग्लादेश में है।

रचनावली[संपादित करें]

अंग्रेजी[संपादित करें]

  • A History of Pre-Buddhist Indian Philosophy
  • A Prolegomena to the History of Buddhist Philosophy (1918)
  • A History of Pre-Buddhistic Indian Philosophy (1921)
  • The Ajivikas (1921)
  • Prakrit Dharmapad (which he wrote jointly with Shailendranath Mitra)
  • Old Brāhmi Inscriptions in the Udayagiri and Khandgiri (1926)
  • Barhut Inscriptions (which he wrote jointly with Gangananda Singh)
  • Gaya and Buddha Gaya (1st part 1931, 2nd part 1934)
  • Asoka and His Inscriptions (1946)
  • Brahmachari Kuladananda and His Guru Bijaya Krishna Goswami (1938)
  • Ceylon Lecture (1945)
  • Studies in Buddhism (1947)
  • Philosophy of Progress (1948)

बांग्ला[संपादित करें]

  • लोकनीति, बौद्ध धर्माङ्कुर सभा, कोलकाता, १९१२।
  • मणिरत्नमाला, बौद्ध धर्माङ्कुर सभा, कोलकाता, १९१३।
  • गृही बिनय, बौद्ध धर्माङ्कुर सभा, कोलकाता, १९१२।
  • बौद्ध परिणय पद्धति, १९२३
  • बौद्ध ग्रन्थ कोष, प्रथम भाग, इन्डियन रिसर्च इनस्टिट्यूट, १९३६
  • मध्यमनिकाय, योड़ेन्द्र रुपसीबाला त्रिपिटक बोर्ड, १९४०