बिस्मिल अज़ीमाबादी

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बिस्मिल अज़िमाबादी (1901 - 1978) Patna, Bihar  से एक उर्दू कवि थे। 1921 में उन्होंने "सरफरोशी की तमन्ना" नामक  देशभक्ति कविता लिखी थी।यह कविता  राम प्रसाद बिस्मिल, एक भारतीय महान क्रान्तिकारी नेता ने मुकदमे के दौरान अदालत में अपने साथियों के साथ सामूहिक रूप से गाकर लोकप्रिय भी बनाया। बिस्मिल' अज़ीमाबादी ने इसे भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के नौजवान स्वतन्त्रता सेनानियों के लिये सम्बोधि-गीत के रूप में लिखा था। 'बिस्मिल' की शहादत के बाद इसे स्वतन्त्रता सेनानियों की नौजवान पीढ़ी जैसे शहीद भगत सिंह तथा चन्द्रशेखर आजाद आदि के साथ भी जोड़ा जाता रहा है। [1] यह पहली एक जर्नल् "सबाह्" मै दिल्ली से प्रकाशित हुई । [2][3]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Sehgal, Anil, संपा॰ (2001). "Ali Sardar Jafri". Lokodaya granthamala. Bharatiya Jnanpith. 685. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-8-12630-671-8. मूल से 17 नवंबर 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2016-09-20. |accessdate= और |access-date= के एक से अधिक मान दिए गए हैं (मदद); |ISBN= और |isbn= के एक से अधिक मान दिए गए हैं (मदद)
  2. Ulhaque, T. M. Zeya (November 2013). "Bismil Azimabadi : Life Sketch". Spritualworld.com. मूल से 4 मार्च 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2016-09-20.
  3. "Interview of Syed Masood Hasan, Grandson of Bismil Azimabadi". Hindustan Times (Patna). 17 May 2015. |access-date= दिए जाने पर |url= भी दिया जाना चाहिए (मदद)