बालदड़ा

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बालदड़ा
गांव
काली सिंध नदी
राष्ट्र भारत
राज्यराजस्थान
जिलाबारां
शासन
 • सरपंचविनोद कुमार [1]
 • उप-सरपंचजमना लाल मीणा
भाषाएं
 • Officialहिंदी, हाडोती, उर्दू
समय मण्डलIST (यूटीसी+5:30)
पिन325206
टेलीफोन कोड07457
Er. Rukhsar Ahmed Mahmoodi


बालदड़ा एक गांव है जो कि पश्चिमी भारत के राजस्थान राज्य के बारा जिले में बसा हुआ है। यहाँ आसपास के कई क्षेत्रोँ के ग्राम पंचायत के हेड ऑफिस स्थित हैं।

भूगोल[संपादित करें]

बालदड़ा, राज्य की राजधानी जयपुर से दक्षिणी ओर 310 किलोमीटर (193 मील) की दूरी पर स्थित है और बारां से उत्तर पश्चिमी ओर 32 किलोमीटर (20 मील) की दूरी पर स्थित है और यह कोटा शहर से पश्चिम की ओर 70 किलोमीटर (44 मील) की दूरी पर है।

बालदड़ा जाना जाता है[संपादित करें]

→ बालदड़ा राज्य में सबसे आकर्षक नदियों में से एक कालीसिंध के लिए जाना जाता है।

→ बालदड़ा के पास एक हनुमान मन्दिर है जिसे खेड़ा के बालाजी के नाम से जाना जाता है जो अपनी प्राचीनता व चमत्कार के कारण विख्यात है।

→ यहाँ 2 मन्दिर है जो हिन्दु आस्था का प्रतीक है। ये मन्दिर करीब 100 वर्ष प्राचीन हैं।

→ बालदड़ा हिन्दु-मुस्लिम भाईचारे के कारण आस-पास के क्षेत्र में चर्चित है।

→ यहाँ जंगम बाबा कन्हैया लाल जी महाराज (लोक कल्याण कार्यों के कारण जाने जाते थे) की समाधि है।

→ हजरत दादाजी मौलवी साहब की मजारे शरीफ बालदड़ा के कब्रिस्तान में स्थित है।

→ हजरत सूफी सैयद महमूद शाह कानपुरी सुम्मा बालदड़ी की दरगाह शरीफ जागापूरा और बशीरपुरा के बीच स्थित है।

→ मरहूम हाजी निहाल अहमद बालदड़ा के एक और गतिशील, सामाजिक, राजनीतिक व्यक्तित्व थे। वे तकरीबन 35 सालों तक बालदड़ा के सरपंच रहे। वह समाज के समाज सुधारक थे। हर कोई उन्हें "सरपंच साहब" कहता था।

→ मरहूम हाजी अब्दुल रज्जाक बालदड़ा के गतिशील, यादगार, उदार व्यक्तित्व में से एक थे। उन्होंने शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में इस गांव का माहौल बदल दिया। वह हर जरूरतमंद की मदद किया करते थे। गांव वाले उन्हें गरीबों का मसीहा मानते थे सभी उन्हें भय्या जी कहकर पुकारते थे।

→ मौलाना नामदार अहमद बालदड़ा के गतिशील हस्तियों में से एक थे। वह अच्छी तरह से मौलाना और काजी-ए-बालदड़ा की शक्ल में जाने जाते थे और सैयद महमूद शाह साहब के पहले खलीफा भी थे। वह अच्छे व्यवहार और सादगी के लिए जाने जाते थे। वह पंचगाना नमाजी और प्रसिद्ध समाज सुधारक थे।

→ मरहूम इंजीनियर रुखसार अहमद महमूदी बालदड़ा के एक और गतिशील व्यक्तित्व थे। वह एक अच्छी तरह से शिक्षित, एकीकृत, और एक महान तरह से मानवता के चिंतक थे। रुखसार अहमद ट्रस्ट एवं मेमोरियल भवन का गठन उनकी यादों को कायम रखने के लिए किया गया। यह ट्रस्ट शिक्षा, गरीबों, जरूरतमंद, अनाथ और कई क्षेत्रों में अधिक कल्याण कार्यक्रम के लिए काम करता है।

अन्य[संपादित करें]

बालदड़ा के पास रेलवे स्टेशन[संपादित करें]

बालदड़ा के पास स्कूल[संपादित करें]

  • राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बालदड़ा
  • राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रातड़िया
  • राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अन्ता
  • केन्द्रीय विद्यालय एनटीपीसी अन्ता
  • विवेक वर्धिनी सीनियर सैकेंडरी स्कूल बारां रोड अन्ता
  • जीनियस पब्लिक सीनियर सैकेंडरी स्कूल बारां रोड अन्ता

बालदड़ा के पास कॉलेज[संपादित करें]

  • महात्मा गोपाल राम महाविद्यालय सीसवाली रोड अन्ता
  • विवेक वर्धिनी कॉलेज बारां रोड अन्ता
  • राजकीय आईटीआई कॉलेज एनटीपीसी सड़क अन्ता
  • जी ऐन आईटीआई अनाज मंडी के सामने अन्ता
  • हाडोती आईटीआई सीसवाली रोड अन्ता
  • आर्यभट्ट आईटीआई सीसवाली रोड अन्ता

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Gram Panchayat Sarpanch 2015". Raj Panchayat. मूल से 25 सितंबर 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 20 July 2015.