बाढ़, बिहार

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बाढ़
Barh
बाढ़ की बिहार के मानचित्र पर अवस्थिति
बाढ़
बाढ़
बिहार में स्थिति
सूचना
प्रांतदेश: पटना ज़िला
बिहार
Flag of India.svg भारत
जनसंख्या (2011): 3,16,348
मुख्य भाषा(एँ): मगही, हिन्दी
निर्देशांक: 25°29′N 85°43′E / 25.48°N 85.72°E / 25.48; 85.72

बाढ़ (Barh) भारत के बिहार राज्य के पटना ज़िले में स्थित एक नगर है। बाढ़ राज्य के मध्य मे स्थित है। बाढ़ अभी एक अनुमन्डल है। इसे आन्तरिक जिले का दर्जा प्राप्त है। यह पटना जिले के पूर्वी हिस्से मे पड़ता है। पूरे भारत में यह एक ऐसा भुभाग है जिसे एक दिन का जिला घोषित किया गया था। यह गंगा नदी के तट पर बसा हुआ है। इस जिले के उत्तरी भाग में ऊँचे मैदान तथा दक्षिणी भाग मे तालक्षेत्र (टाल) हैं।[1][2]

शब्दार्थ[संपादित करें]

बाढ़ शब्द का उच्चारन- "अमरकोश" दृढ, मजबूत और ऊंचे स्वर वाले के लिए बाढ़ शब्द काम में लेता है। "मुद्राराक्षस" के अनुसार- यकीनन, निश्चय और अवश्य के अर्थ में भी बाढ शब्द का प्रयोग होता है। नाटक में बहुत अच्छा, तथास्तु, हां और अत्यन्त शुभ के अर्थ में बाढ़ शब्द का प्रयोग देखा जा सकता है। "शिशुपाल वध" में इस शब्द के सुन्दर प्रयोग दिखाई देते हैं।

धार्मिक स्थल[संपादित करें]

बाढ़ शहर के एक छोड़ पर एक शिव जी के मन्दिर हैं, जो ऊमा नाथ के नाम से प्रसिद्ध है। यह मन्दिर सात-आठ सौ साल पुरानी है। इस मन्दिर में लगी एक मूर्ति वैशाली ज़िला संग्रहालय में रखी उस मूर्ति से मिलती है जो सात सौ से आठ सौ साल पुरानी बताई जाती है। बाढ़ शहर के मध्य मे एक दुर्गा मन्दिर है। इस मन्दिर के बारे में लोगों का मानना है कि जो औरत सच्चे मन से यहाँ पूत्र की इच्छा लेकर आती है, माँ उसकी गोद भर देती हैं। ये मंदिर भी लगभग १५० से २०० साल पुरानी बताई जाती है, जिसका पुनरुद्धार स्थानीय लोगों द्वारा कुछेक वर्ष पूर्व में किया गया था। एक और प्राचीन मंदिर अलख नाथ है, ये भी गंगा तट पर बसा हुआ एक शिव मंदिर है। और भी कई मंदिर हैं जो कि महत्वपूर्ण एवं दर्शनीय हैं।

यहाँ के सीढ़ी घाट में एक नवनिर्मित शनि मंदिर है। ये मंदिर पूरे भारत वर्ष में अनोखा है। इसका निर्माण शानियंत्र के अनुसार किया गया है।[कृपया उद्धरण जोड़ें]

इतिहास[संपादित करें]

बाढ़ के इतिहास के बारे में कहीं भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती। लेकिन यह माना जाता है की बख्तियार खिलजी अपने बंगाल अभियान के दौरान बाढ़ में ही अपना डेरा डाला था। तुर्की में विश्राम करने के स्थल को बाढ़ कहा जाता था अतः इस स्थल का नाम बाढ़ पड़ा। ज्ञात है की इसी अभियान के दौरान बख्तियार खिलजी ने नालंदा एवं विक्रमशिला विश्वविद्यालय को ध्वस्त किया था एवं कामरूप (असम) में उसे हार का सामना करना पड़ा था।

भूगोल[संपादित करें]

बाढ़ दक्षिण बिहार में स्थित है। गंगा नदी इसकी सीमा को समस्तीपुर से अलग करती है। इसके पूर्व में लखीसराय जिला, पश्चिम में पटना शहर, उत्तर में गंगा नदी एवं समस्तीपुर तथा दक्षिण में नालंदा एवं बरबीघा है। यहाँ की मिट्टी दलहन के लिए उपयुक्त है। यहाँ हर तरह की फसल उगाई जाती है।

अर्थव्यवस्था[संपादित करें]

ग्रामीण अर्थव्यवस्था जहाँ मुख्य रूप से कृषि एवं सब्जी के खेती पर निर्भर है। वहीं शहरी लोग मुख्यतः नौकरी पेशे में हैं। ४०० वर्ग किलोमीटर में फैला टाल क्षेत्र से केवल एक फसल मिलने के बावजूद यहाँ के किसान काफी संपन्न होते हैं।

नगर प्रशासन[संपादित करें]

यहाँ अनुमंडल अधिकारी, एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिनका कार्यालय कचहरी में है। थाना शहर के बीचोबीच है। और थाने के पीछे ही नगर परिषद का कार्यालय भी है।

यातायात[संपादित करें]

यातायात के दृष्टिकोण से बाढ़ रेल एवं सड़क दोनों मार्गों से जुड़ा हुआ है। रेलमार्ग भी काफ़ी उपयोगी है और दिल्ली हावड़ा मुख्य लाइन पर है। ज्यादातर लोग यात्रा के लिए रेल मार्ग का उपयोग करना बेहतर समझते हैं। अभी एक नया सड़क मार्ग निर्माणाधीन है जो की अथमलगोला के नजदीक जमालपुर के पास से सीधा गंगा के ऊपर से होते हुए महनार (वैशाली) को जोड़ेगी। इससे भी लोगों को बहुत फायदा होगा। यहाँ से एक सड़क थाना के नजदीक से शुरू होकर बरबीघा तक जाती है। राष्ट्रीय उच्च पथ ३० ए स्टेशन से शुरू होकर नदवा, सकसोहरा होते हुए हरनौत होते हुए फतुहा में मिलती है।

खानपान[संपादित करें]

बिहार के अन्य भागों की तरह यहां भी दाल-चावल और रोटी-सब्जी मुख्य रूप से खाये जाते है। ताल क्षेत्र होने के कारण दलहन और सत्तु से जुड़ी खाद्य-पदार्थो कि प्रधानता है। दाल के पराठे (दलपुरी), लिट्टी-चोखा लोग शौक़ से खाते हैं। यहाँ की मिठाई "लाइ" आस पास के इलाक़ो में काफ़ी प्रसिद्ध है।

संस्कृति[संपादित करें]

यह एक शांत स्थान है जहाँ सभी धर्म के लोग मिल-जुलकर रहते हैं।

मीडिया[संपादित करें]

मीडिया के दृष्टिकोण से ये पूरा अनुमंडल हमेशा से उपेक्षित रहा है और यहाँ के क्रियाकलाप संसाधन एवं समस्याओं को कभी उचित स्थान नहीं मिल पाया है, जिस कारण ये अनुमंडल उपेक्षित रहा है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Bihar Tourism: Retrospect and Prospect," Udai Prakash Sinha and Swargesh Kumar, Concept Publishing Company, 2012, ISBN 9788180697999
  2. "Revenue Administration in India: A Case Study of Bihar," G. P. Singh, Mittal Publications, 1993, ISBN 9788170993810