बाज़ीगर

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(बाज़ीगर (1993 फ़िल्म) से अनुप्रेषित)
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बाज़ीगर
बाज़ीगर.jpg
बाज़ीगर का पोस्टर
निर्देशक अब्बास-मस्तान
लेखक रोबिन भट्ट,
आकाश खुराना,
जावेद सिद्दीकी
अभिनेता शाहरुख़ ख़ान,
काजोल देवगन,
शिल्पा शेट्टी,
राखी गुलज़ार,
दलीप ताहिल
संगीतकार अनु मलिक
प्रदर्शन तिथि(याँ) 12 नवंबर 1993
देश भारत
भाषा हिन्दी

बाज़ीगर 1993 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। इसका निर्देशन अब्बास-मस्तान ने किया और मुख्य भूमिकाओं में शाहरुख खान और काजोल है। यह शाहरुख खान पहली सफल भूमिका थी जिसमें वो एकमात्र हीरो थे। यह काजोल की पहली व्यावसायिक सफल फिल्म भी थी। अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी को गाता रहे मेरा दिल के साथ शुरुआत करनी थी, लेकिन वह फिल्म बीच में ही बंद हो गई और यह उनकी पहली फिल्म बन गई।[1] बाजीगर पहली फिल्म थी जिसमें शाहरुख खान ने खलनायक की भूमिका निभाई और पहली बार खान ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार अर्जित किया।[2]

संक्षेप[संपादित करें]

अजय शर्मा (शाहरुख खान) एक जवान लड़का है जो अपने पिता की मौत के लिए बदला लेना चाहता था। उसके पिता के भरोसेमंद कर्मचारी मदन चोपड़ा (दलीप ताहिल) ने उन्हें धोखा दिया था और उनकी सारी जायादाद छीन ली थी। इस कारण उसकी नवजात बहन मर गई, पिता चल बसे और माँ पागल हो गई। चोपड़ा की दो बेटियों है, बड़ी सीमा (शिल्पा शेट्टी) और छोटी प्रिया (काजोल)।

अजय सीमा को लुभाता है और उससे प्यार करने का नाटक करता है। इस बीच, छोटी बेटी प्रिया मद्रास (अब चेन्नई) में अपने पिता मदन चोपड़ा के साथ यात्रा करती है। विकी प्रिया को वहाँ विकि मल्होत्रा बनकर आकर्षित करता है। इस तरह, वह अलग-अलग पहचानों का उपयोग करते हुए सीमा और प्रिया दोनों को फँसाता है। फिर वह सीमा को शादी करने के बहाने रजिस्ट्रार कार्यालय में ले जाता है और फिर उसे छत से नीचे फेंक देता है, जैसे कि उसने आत्महत्या की हो। हालांकि, प्रिया को संदेह है उसकी बहन ने आत्महत्या नहीं की है। वह अपने कॉलेज के मित्र और पुलिस निरीक्षक करण सक्सेना (सिद्धार्थ रे) की गुप्त सहायता के साथ, वह गुप्त रूप से इस मामले की जांच करती है।

जल्द ही विकी और प्रिया शादी की योजना बना रहे हैं। अजय अपनी योजना में एक गड़बड़ कर देता है। प्रिया असली विकी मल्होत्रा ​​(आदि ईरानी) से मिलती है, जो अजय का दोस्त है जिसकी पहचान उसने ली थी। अजय घर आता है, जहां वह उसे सारी सच्चाई बताती है। तभी धातु की छड़ी के साथ मदन अजय को मारता है। बदले में अजय मदन को मार देता है। वह अपनी मां के पास लौटता है और उसकी बाहों में गिर जाता है। प्रिया और करण निराशाजनक रूप से देखते हैं क्योंकि अजय अपनी मां की बाहों में मर जाता है।

मुख्य कलाकार[संपादित करें]

संगीत[संपादित करें]

संगीत अनु मलिक द्वारा प्रदान किया गया।

बाज़ीगर
संगीत अनु मलिक द्वारा
जारी 1993
संगीत शैली फिल्म साउंडट्रैक
लेबल वीनस म्यूज़िक
अनु मलिक कालक्रम
फूल और अंगार
(1993)
बाज़ीगर
(1993)
द जैंटलमैन
(1994)
गीत गायक गीतकार
"बाज़ीगर ओ बाज़ीगर" कुमार सानु और अलका याज्ञनिक नवाब आरज़ू
"ये काली काली आँखें" कुमार सानु, अनु मलिक देव कोहली
"किताबें बहुत सी" आशा भोंसले और विनोद राठोड़ जफर गोरखपुरी
"छुपाना भी नहीं आता" विनोद राठोड़ रानी मलिक
"छुपाना भी नहीं आता" पंकज उधास रानी मलिक
"समझ कर चाँद जिसको" अलका याज्ञनिक और विनोद राठोड़ ज़मीर काज़मी
"ऐ मेरे हमसफर" अलका याज्ञनिक और विनोद राठोड़ गौहर कानपुरी
"तेरे चेहरे पे" कुमार सानु और सोनाली वाजपेई रानी मलिक

परिणाम[संपादित करें]

बौक्स ऑफिस[संपादित करें]

समीक्षाएँ[संपादित करें]

नामांकन और पुरस्कार[संपादित करें]

फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]