बांकेलाल

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बांकेलाल
Bankelal.jpg
बांकेलाल 2016 की कलेक्शन से, बिना शीर्षक के
प्रकाशक सूचना
प्रकाशक राज कॉमिक्स
प्रथम प्रदर्शन 1987
प्रथम कॉमिक प्रदर्शन बांकेलाल का कमाल
बनाया गया जितेंद्र बेदी, पपिंदर जुनेजा
कहानी की सूचना
प्रजाति मनुष्य
प्रमुख जगह विशालगढ़
योग्यता किस्मत

बांकेलाल एक काल्पनिक कॉमिक पात्र है, जो राज कॉमिक्स द्वारा प्रकाशित कॉमिक्स में आता है। वह एक मध्यकालीन "हस्य सम्राट" के रूप में प्रस्तुत कटूपहास है।[1][2] श्रृंखला मुख्य रूप से विनोदी है, हालांकि इसमें फंतासी और डरावनी तत्व भी शामिल हैं।[3]

2016 में बीबीसी ने बताया कि बांकेलाल भारत में सबसे अधिक बिकने वाली चार कॉमिक्स में से एक है।[4] राज कॉमिक्स ने घोषणा की कि बांकेलाल उन चार कॉमिक्स पात्रों में शामिल होंगे जिनकी एनिमेटेड फिल्में बनेंगी।[5] 2014 में नवभारत टाइम्स ने बांकेलाल को उन शीर्ष 10 कॉमिक्स में सूचीबद्ध किया, जिनके बिना भारतीय बच्चों की गर्मी अधूरी थी।[6]

मूल[संपादित करें]

बांकेलाल को जितेंद्र बेदी ने बनाया था, और पहली बार 1987 में कॉमिक बुक 'बांकेलाल का कमाल' में दिखाई दिया, जिसे पापिंदर जुनेजा ने लिखा था।[2][7]

किताब के मुताबिक वह नंकू नाम के एक किसान का बेटा है। उसकी माँ का नाम गुलाबती था। दंपति के कोई संतान नहीं थी। गुलाबती भगवान शिव की भक्त थी और उन्हें एक बच्चा भगवान के आशीर्वाद के रूप में दिया गया था। उन्होंने बच्चे का नाम बांकेलाल रखा।[1] वह राजा विक्रम सिंह के खिलाफ बुराई करने की साजिश करता है, लेकिन उसकी साजिशें हास्यरूप अक्सर विक्रम सिंह की मदद करती हैं।[8]

कहानी की समीक्षा[संपादित करें]

सीरीज की ज्यादातर कहानियां सिर्फ एक कॉमिक तक ही सीमित होती हैं। अधिकांश कहानियों में बांकेलाल को एक रहस्य या तरकीब के बारे में पता चलता है जिसका उपयोग वह राजा विक्रम सिंह को मारने और सिंहासन को हथियाने के लिए कर सकता है। कहानी के आगे बढ़ने के साथ ऋषि, योगी, देवी-देवता और राक्षस भी शामिल हो जाते हैं, जिनके कारण कहानी में अविश्वसनीय मोड़ आता है। अंत में बांकेलाल की सभी चालें विफल हो जाती हैं और विक्रम सिंह को नुकसान के बजाय बहुत उपकार मिलता है।

हालांकि कुछ कॉमिक हैं जिनकी कहानियाँ एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं जैसे जब बांकेलाल और विक्रम सिंह के साथ विभिन्न लोकों (दुनिया) की यात्रा करता है। इस श्रंखला में बांकेलाल ततैयालोक में, कंकाललोक में, देव लोक में, सर्पलोक में, वानरलोक में जैसे कॉमिक शामिल हैं।[8]

गुण[संपादित करें]

एक दिन भगवान शिव अपनी पत्नी पार्वती के साथ बांकेलाल के घर गए। उसकी माँ ने उन्हें एक गिलास दूध पिलाया, लेकिन उसे पता नहीं था कि उसके शरारती बेटे ने दूध में एक मेंढक डाल दिया था। जब शिव को इसके बारे में पता चला तो उन्होंने बांकेलाल को श्राप दिया कि बांकेलाल जब भी किसी को हानि पहुँचाने का प्रयास किया, तो व्यक्ति को अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे और उसका कुछ भाग बांकेलाल को भी मिल जाएगा।

शक्तियां और क्षमताएं[संपादित करें]

बांकेलाल बेहद बेवकूफ लगता है लेकिन उसके पास शैतान का दिमाग है; जो हमेशा शरारत करने तो तैयार रहता है। लेकिन उस पर लगाए गए "धन्य" शाप के कारण वह जब भी बुरा करना चाहता है, वह अच्छा हो जाता है, जिसके कारण पासे उसके पक्ष में पलट जाते हैं। इसके अलावा उसके पास कुछ भी नहीं है, यहाँ तक कि एक अच्छा चेहरा भी नहीं है, और केवल एक चार्ली चैपलिन स्टाइल वाली मूंछ और उसके दो खरगोश जैसे दांत जो तब दिखाई देते हैं जब वह चिल्लाता या हंसता है। अच्छी बात यह है कि उनकी हर हरकत (शरारत) पाठकों के लिए हास्य का काम करती है।

परिवार, दोस्त और सहयोगी[संपादित करें]

बांकेलाल के पास चेतक नाम का एक घोड़ा है जो कॉमिक्स श्रृंखला में एक और बहुत ही मज़ेदार चरित्र है। बांकेलाल श्रृंखला में कुछ उल्लेखनीय अतिथि भूमिकाओं में तिलिस्मदेव और भोकाल शामिल हैं ।

दुश्मन[संपादित करें]

बांकेलाल राजा विक्रम सिंह को अपना कट्टर दुश्मन मानता है। बांकेलाल हमेशा उन्हें मारने की कोशिश करता है (जिसमें वह कभी कामयाब नहीं हुआ) ताकि वह विशालगढ़ का राजा बन जाए। विशालगढ़ का राजकुमार मोहक सिंह उसकी बुरी योजनाओं से अच्छी तरह वाकिफ है। बांकेलाल की लोकप्रियता से अन्य दरबारियों को भी जलन होती है। इनमें सेनापति मरखप, प्रबंध मंत्री और कई अन्य शामिल हैं। विशालगढ़ की कुछ आस-पास की रियासत वालों को भी विक्रम सिंह को मारना मुश्किल लगता है जब बांकेलाल उनके साथ होता है।

संदर्भ[संपादित करें]

  1. Srivastav, Vaibhav (20 March 2017). "Introducing : Bankelal!". Men of Comics. मूल से 2 सितंबर 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2 September 2019. सन्दर्भ त्रुटि: <ref> अमान्य टैग है; "menofcomics" नाम कई बार विभिन्न सामग्रियों में परिभाषित हो चुका है
  2. Eqbal, Saif; Kaur, Raminder (2018). Adventure Comics and Youth Cultures in India (English में). Taylor & Francis. पपृ॰ 87, 91. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780429784316. अभिगमन तिथि 2019-09-04.सीएस1 रखरखाव: नामालूम भाषा (link)
  3. Lent, John A. (2001). Illustrating Asia: Comics, Humor Magazines, and Picture Books. ConsumAsiaN (English में). University of Hawaii Press. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780824824716. अभिगमन तिथि 2019-09-06.सीएस1 रखरखाव: नामालूम भाषा (link)
  4. "आठ आने की कॉमिक्स अब लाख की". BBC News हिंदी.
  5. "जल्दी ही पर्दे पर आने वाला है 'नागराज'". News18 India. November 4, 2017.
  6. "bankelal". Navbharat Times. April 21, 2014.
  7. "In pics: Top comic characters". post.jagran.com. मूल से 2016-02-16 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2016-02-15.
  8. "इनके बिना अधूरी थीं गर्मी की छुट्टियां... - Navbharat Times". Navbharat Times. 2014-04-21. मूल से 2016-02-23 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2016-02-15.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]