बहिर्मुखता और अंतर्मुखता

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कुछ मानव व्यक्तित्व सिद्धांतों के अंतर्गत बहिर्मुखता और अंतर्मुखता के लक्षण, इनका सबसे महत्वपूर्ण पहलू हैं। बहिर्मुखता और अंतर्मुखता को स्विस मनोवैज्ञानिक कार्ल जंग ने लोकप्रिय बनाया, हालांकि आम समझ और मनोवैज्ञानिक उपयोग दोनों अपने मूल आशय से भिन्न हैं। जहां बहिर्मुखता मिलनसारिता, बातूनीपन और ऊर्जावान व्यवहार में प्रकट होती है, वहीं अंतर्मुखता संकोची और एकान्त व्यवहार से परिलक्षित होती है। पारस्परिक व्यवहार पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, जंग ने अंतर्मुखता को एक "व्यक्तिपरक मानसिक अंतर्वस्तु के माध्यम से जीवन में अनुकूलन द्वारा अभिलक्षित मनोदृष्टि-प्रकार" के रूप में, और बहिर्मुखता को "बाहरी वस्तुओं की चाहत द्वारा अभिलक्षित मनोदृष्टि-प्रकार’’ के रूप में परिभाषित किया।

बहिर्मुखता और अंतर्मुखता को आमतौर पर एकल सातत्य के रूप में देखा जाता है, इसलिए एक में अधिक होने पर दूसरे में कम होना आवश्यक होता है। जंग और मायर्स-ब्रिग्स प्रकार संकेतक के विकासकर्ता एक अलग दृष्टिकोण प्रदान करते हैं और सुझाव देते हैं कि हर व्यक्ति में बहिर्मुखता और अंतर्मुखता दोनों पक्ष होते हैं, जिसमें एक पक्ष दूसरे की तुलना में अधिक प्रभावी होता है। वस्तुतः व्यक्तित्व के सभी व्यापक मॉडल इन अवधारणाओं को विभिन्न रूपों में शामिल करते हैं।

सन्दर्भ[संपादित करें]