बहादुर सिंह लोधी

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बहादुर सिंह लोधी[1] मध्य प्रदेश के मंडला जनपद के ही सुकरी बरगी के प्रतिष्ठित जमींदार थे। ठाकुर बहादुर सिंह लोधी जिन्होंने १८५८ की राज्य क्रांति मैं अपनी अद्वितीय बहादुरी का परिचय दिया था। उन दिनों मंडल जनपद के अनेक छोटे बड़े जमीदार और जागीरदार स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े थे। बहादुर सिंह लोधी ने १८५७ में अंग्रेजों की मालगुजारी देना बंद कर दिया। निकटवर्ती क्षेत्रों, मंडला और सिवनी जिलों के लोगों को एकत्रित कर सेना खड़ी की। उसे लेकर स्वतंत्रता के युध्द में कूद पड़े अंग्रेजी सेना के जनरल ह्वित लॉक से उनका कड़ा संघर्ष हुआ। जैसा बहादुर सिंह लोधी को पकड़ लिया गया और टॉप के मुंह से बाँध कर निर्दयता पूर्वक उड़ा दिया गया। भारतीय शहीदों का परिचय पुस्तक में यह अंकित है कि वे युध्द के बाद अंग्रेजों द्वारा पकडे गए और फांसी पर चढ़ा दिए गए।

सन्दर्भ[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

  1. भारतीय शहीदों का परिचय