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बलिस्ता

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बलिस्ता को लोड किए जाने तथा उसे खींचे जाने का चित्र

बलिस्ता लातिन, ग्रीक शब्द βαλλίστρα[1] अर्थात् ballistra तथा βάλλω अर्थात् ballō, से निकला है जिसका शाब्दिक अर्थ है- "फेंकना"। यह एक प्राचीन अस्त्र था, जिसे 'बोल्ट थ्रोअर' (बाण फेंकने वाला) भी कहा जाता था। इसका उपयोग दूरस्थ लक्ष्यों पर भारी बाण या पत्थर फेंकने के लिए किया जाता था। प्राचीन यूनानी अस्त्रों से विकसित होने के बावजूद इसकी तकनीक अलग थी; यह आधुनिक क्रॉसबो की तरह धनुष की कमान के बजाय दो लीवरों और 'टॉर्शन स्प्रिंग' (ऐंठन वाले स्प्रिंग) पर सधा हुआ था। ये स्प्रिंग रस्सी या रेशों के कई गुच्छों को आपस में मरोड़कर बनाए जाते थे।

आरंभिक दौर में बलिस्ता का उपयोग किले की घेराबंदी और युद्ध के दौरान भारी तीर या विभिन्न आकार के गोल पत्थर फेंकने के लिए किया जाता था। धीरे-धीरे इस तकनीक में और सुधार हुआ, जिससे यह 'स्कॉर्पियो'[2] (रोमन हथियार) सरीखे छोटे तथा सटीक निशाना साधने वाले हथियार के रूप में विकसित हुआ। संभव है कि इसी से आगे चलकर 'पॉलीबोलोस' जैसे उन्नत हथियार बने।

यूनानी अस्त्र

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प्राचीन यूनान में शुरुआती बलिस्ता का विकास 'ऑक्सीबेलेस' और 'गास्त्राफेट्स' (हथियार) से हुआ था। गास्त्राफेट्स (जिसे 'पेट-धनुष' भी कहा जाता था) हाथ से चलाया जाने वाला एक क्रॉसबो था। इसमें एक मिश्रित कमान लगी होती थी जिसे तैयार (लोड) करने के लिए इसके अगले हिस्से को ज़मीन पर टिकाया जाता था और पीछे के हिस्से को अपने पेट के सहारे दबाया जाता था। इसके बाद आगे की ओर झुककर ज़ोर लगाया जाता था ताकि हथियार को निशाना साधने के लिए तैयार किया जा सके। इसमें लगा एक 'रैचेट' (एक प्रकार का लॉक) लोडिंग के दौरान इसे अचानक चलने से रोकता था। माना जाता था कि एक औसत ताकत वाला व्यक्ति भी इसे आसानी से चला सकता था, फिर भी यह इतना शक्तिशाली था कि कवच पहने हुए सैनिकों को भी भेद सकता था।

रोमन अस्त्र

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पुनर्निर्मित छोटा रोमन बलिस्ता

146 ईसा पूर्व प्राचीन यूनानी नगर-राज्यों को रोमन गणराज्य में मिलाने के बाद यूनान की तकनीक उन सभी क्षेत्रों में फैलने लगी जहाँ रोम का प्रभाव था। इसमें यूनानियों द्वारा सैन्य यांत्रिकी के क्षेत्र में की गई प्रगति (विशेष रूप से सिराक्यूस के डायोनिसियस द्वारा किए गए सुधार) के साथ-साथ उनके सभी वैज्ञानिक, गणितीय, राजनीतिक और कलात्मक विकास भी शामिल थे। रोम ने इन उन्नत तकनीकों को अपनाकर अपनी सैन्य और सांस्कृतिक शक्ति को और भी ताकतवर बनाया।

इन्हें भी देखें

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  1. "βαλλίστρα" [बलिस्त्रा]. www.perseus.tufts.edu (यूनानी भाषा में). अभिगमन तिथि: 17 फरवरी 2026.
  2. वैरी, जॉन गिब्सन (1995). Warfare in the classical world: an illustrated encyclopedia of weapons, warriors, and warfare in the ancient civilisations of Greece and Rome [क्लासिकल दुनिया में युद्ध: ग्रीस और रोम की प्राचीन सभ्यताओं में हथियारों, योद्धाओं और युद्ध का एक सचित्र विश्वकोश]. नॉर्मन: यूनिवर्सिटी ऑफ़ ऑकलाहोमा प्रेस. p. 178. ISBN 0-8061-2794-5.

बाहरी कड़ियाँ

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