बम्बई का बाबू (1996 फ़िल्म)
| बम्बई का बाबू | |
|---|---|
![]() बम्बई का बाबू का पोस्टर | |
| निर्देशक | विक्रम भट्ट |
| लेखक | इक़बाल राज |
| निर्माता | रवि वचानी |
| अभिनेता |
सैफ़ अली ख़ान, अतुल अग्निहोत्री, काजोल |
| संगीतकार | आनंद-मिलिंद |
प्रदर्शन तिथियाँ |
22 मार्च, 1996 |
| देश | भारत |
| भाषा | हिन्दी |
बम्बई का बाबू 1996 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। यह विक्रम भट्ट द्वारा निर्देशित है। इसमें सैफ़ अली ख़ान, अतुल अग्निहोत्री एवं काजोल मुख्य भूमिका में हैं। यह आलोचनात्मक और व्यावसायिक रूप से असफल रही।
संक्षेप
[संपादित करें]विक्रम उर्फ़ विक्की (सैफ़ अली ख़ान) का जन्म एक छोटे से गांव में हुआ है। फिर उसे एक दंपत्ति द्वारा अपनाया गया और पाला गया है। वह अपनी किस्मत आज़माने के लिए बड़े शहर बम्बई आता है। वह जल्द ही अमीर बनना चाहता है और उसे मास्टरजी (दलीप ताहिल) नामक एक राजनेता और अपराधी के यहां नौकरी मिल जाती है। वह अनीता नामक (वैष्णवी महन्त) एक बार डांसर से भी मिलता है। मास्टरजी उसे छोटे-मोटे अपराध करवाते हैं। अपनी कड़ी मेहनत और लगन से विक्की जल्द ही मास्टरजी और उनके साथियों, खासकर मास्टरजी के एक भरोसेमंद व्यक्ति विनायक मोरे (विजू खोटे) का सम्मान जीत लेता है। वह जल्द ही बम्बई का बाबू बन जाता है। फिर विक्की को मास्टरजी के प्रतिद्वंद्वी जया शेट्टी (विश्वजीत प्रधान) को वश में करने का काम सौंपा जाता है।
इस बीच, विक्की का भाई अमित (अतुल अग्निहोत्री) अभी गांव में रहता है। उसे बम्बई में हो रही सारी घटनाओं के बारे में पता चल जाता है और वह विक्की को खोजने और उसे वापस घर लाने का फैसला करता है। उसकी मुलाकात नेहा से होती है (काजोल), जो कि एक स्वतंत्र प्रेस फोटोग्राफर है। उसके साथ उसका प्यार पनपता है और वह विक्की को खोजने लगते हैं। उन्हें जल्द ही पता चलता है कि हर कोई मानता है कि विक्की मर चुका है। लेकिन अमित ये सब नहीं मानता। वे विनायक मोरे और अनीता को ढूंढते हैं। जिनसे उन्हें पता चलता है कि विक्की वास्तव में जीवित है और छिपा हुआ है।
मुख्य कलाकार
[संपादित करें]- सैफ़ अली ख़ान — विक्रम उर्फ़ विक्की
- अतुल अग्निहोत्री — अमित
- काजोल — नेहा
- वैष्णवी महन्त — अनीता
- दलीप ताहिल — मास्टरजी
- विश्वजीत प्रधान — जया शेट्टी
- सईद जाफ़री — विक्की के पिता
- रीमा लागू — बीना, विक्की की माता
- विजू खोटे — विनायक मोरे
- मुशताक ख़ान — कमिश्नर चौहान
संगीत
[संपादित करें]सभी गीत समीर द्वारा लिखित; सारा संगीत आनंद-मिलिंद द्वारा रचित।
| क्र॰ | शीर्षक | गायक | अवधि |
|---|---|---|---|
| 1. | "बम्बई का बाबू" | अभिजीत | 3:21 |
| 2. | "चोरी चोरी इक़रार" | कुमार शानू, अलका यागनिक | 5:53 |
| 3. | "होंगे कभी अब" | कुमार शानू, अलका यागनिक | 5:39 |
| 4. | "हम निकल पड़े" | कुमार शानू, अलका यागनिक, उदित नारायण, बेला सुलखे | 5:09 |
| 5. | "कोई कहे मुझको" | अलीशा चिनॉय | 4:30 |
| 6. | "मेरे घर का पता" | उदित नारायण, कुमार शानू | 5:31 |
| 7. | "सपने हैं यादें हैं" | कुमार शानू, साधना सरगम | 6:08 |
| 8. | "मेरे घर का पता" (उदास संस्करण) | उदित नारायण | 1:34 |
