बनी-ठनी

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बनी-ठनी

बनी-ठनी या (बणी-ठणी) एक भारतीय चित्रकला है जो किशनगढ़ चित्रकला से सम्बन्धित है इनकी रचना निहाल चन्द ने की थी। इसको भारत (राजस्थान) की मोनालिसा भी कहा जाता है। बनी-ठनी किशनगढ़ के प्रसिद्ध साहित्यकार महाराजा सांवतसिंह की भक्त नारी तथा कवयित्री थी। बनी-ठणी तो राजस्थानी शब्द है , इसका हिन्दी में मतलब सजी-धजी होता है। यह एक दासी थी तथा स्वयं रसीक बिहारी के नाम से कविता करती थी। [1] इन्हें आगे लवलीज,उत्सव,प्रिया व नागर रमणी भी नाम मिले।

सन्दर्भ[संपादित करें]