बनाफर

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बनाफर भारत में अहीर व राजपूत की उपजाति/गोत्र है।

आल्ह-खण्ड काव्योंके अनुसार आल्हा और ऊदल १२वीं सदी के महान सेनापति थे जिनको इसी गोत्र का माना जाता है। धर्मिक विषयों के प्रोफेसर एल्फर्ड जॉन हिल्टेबीटल के अनुसार ऊदल की जाति स्पष्ट रूप से ज्ञात नहीं है क्योंकि उनकी पृष्ठभुमि मिश्रित है।[1] काव्य में उल्लिखित सामग्री के अनुसार आल्हा और ऊदल मध्यकालीन समय के बहादूर योद्धा थे।

उत्पत्ति और इतिहास

बनाफरों और अहीरों के बीच संबंध कई उदाहरणों में से एक है जो कई राजपूत कुलों की मिश्रित उत्पत्ति को दर्शाता है।[2] कुछ सूत्रों का कहना है कि बनाफरों को यदुवंशी राजपूतों के रूप में माना जाता है माना जाता है कि वे राजपूतों और अहीरों के एक संघ के वंशज थे।[3] यदुवंशी क्षत्रिय मूलतः अहीर थे पुराने साहित्य में क्षत्रिय जाति के छत्तीस वर्गों का उल्लेख किया गया है। चन्द्रबरदाई पृथ्वीराज चौहान के मंत्रिमंडल में प्रतिष्ठित व्यक्तियों में से एक थे और एक प्रसिद्ध कवि थे जिन्होंने पृथ्वीराज रासो को लिखा है, एक स्थान पर उन्होंने क्षत्रिय जाति के एक वर्ग के रूप में अहीर का उल्लेख किया है, उपरोक्त लेखन से पता चलता है कि अहीर क्षत्रिय जाति का एक वर्ग है।[4] सर एच एम एलोइटबुक "भारतीय जाति और जनजाति" का कहना हैं कि यदुवंशी राजपूत यदुवंशी अहीरों से उत्पन हुए हैं।[5]

रसेल और हीरा लाल बनाफरों को यादवों के रूप में पहचानते हैं।[6]

लूसिया मिचेलुट्टी के अनुसार, आल्हा और उदल दो बहादुर यादव और शक्तिशाली पहलवान थे। आल्हा को अक्सर कृष्ण के भाई बलराम के अवतार और उदल को कृष्ण के अवतार के रूप में वर्णित किया जाता है।[7]

इन्हें भी देखें

सन्दर्भ

  1. हिल्टेबीटल, एल्फ़ (1999). Rethinking India's oral and classical epics : Draupadī among Rajputs, Muslims, and Dalits. शिकागो: यूनिवर्सिटी ऑफ़ शिकागो प्रेस. OCLC 368647447. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-226-34055-5.
  2. Crooke, William (1999). The Tribes and Castes of the North-Western Provinces and Oudh (अंग्रेज़ी में). Asian Educational Services. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-206-1210-5.
  3. Kasturi, M.; Kasturi, Malavika (2002). Embattled Identities: Rajput Lineages and the Colonial State in Nineteenth-century North India (अंग्रेज़ी में). Oxford University Press. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-19-565787-6.
  4. Soni, Lok Nath (2000). The Cattle and the Stick: An Ethnographic Profile of the Raut of Chhattisgarh (अंग्रेज़ी में). Anthropological Survey of India, Government of India, Ministry of Tourism and Culture, Department of Culture. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-85579-57-3.
  5. commission, Great Britain Indian statutory (1930). Report of the Indian Statutory Commission ... (अंग्रेज़ी में). H. M. Stationery Office.
  6. Hiltebeitel, Alf (1999-05). Rethinking India's Oral and Classical Epics: Draupadi Among Rajputs, Muslims, and Dalits (अंग्रेज़ी में). University of Chicago Press. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-226-34050-0. |date= में तिथि प्राचल का मान जाँचें (मदद)
  7. Michelutti, Lucia (2020-11-29). The Vernacularisation of Democracy: Politics, Caste and Religion in India (अंग्रेज़ी में). Taylor & Francis. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-1-000-08400-9.