बगाले थापा

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बगाले थापा/बगाल्या थापा
विशेष निवासक्षेत्र
 नेपाल
भाषाएँ
नेपाली भाषा (खस कुरा)
धर्म
हिन्दु धर्म[1]
सम्बन्धित सजातीय समूह
श्रीपाली बस्नेत, पुँवर थापा, गोदार थापा
बगालेवंशी थापावों के निशानकालिका ध्वज पताका जिसका प्रथम प्रयोग युद्धध्वज के रूपमें किया जाता था

बगाले थापाबगाल्या थापा नेपाल के आर्य क्षत्रिय समुदाय खस क्षेत्री घराना है। ये घरानाके लोग थापा नामका प्रयोग करते है। नेपाल, भारत तथा अन्य स्थानों मे निवास वाले हिन्दू धर्मावलम्बी विशेषतयः नेपाली थर थापा के एक घराना है। ये पूर्णतय क्षेत्री वर्ग के भारोपेली भाषी पर्वते खस हैं। इनके गोत्र आत्रेय है। [2]

ये परिवार ने थापा वंशका उदय कराया। बगाले थापा इतिहाससे सशक्त पदोमें जैसे मुखिया, जिम्मल, पंचप्रधान, बडाहाकिम, काजी आदि से सुशोभित है। ये नेपाली राजनीतिके वृतमे अग्रज है। बस्नेत, पाण्डे, कुँवर और बिष्टके साथ ५ काजी परिवारमे आते हैं। बगाले थापा और पाण्डेके बीच ऐतिहासिक भयंकर दुस्मनी थि। [3] ज्युँदो बाघ नामसे कहलानेवाले बडाकाजी अमर सिंह थापा बगाले थापा है। [4] अमरसिंहके पुत्र रणजोर सिंह थापा भी नेपाल-अंग्रेज युद्धके सर्जक थे।

मुख्तियार जर्नेल प्र.म.भीमसेन थापा गोरखाके बगाले थापा परिवारके है। उनके भतिजा माथवरसिंह थापा भी नेपालका प्रधानमन्त्री रहे। [4] भीमसेनके भाइ नैनसिंह थापा जनरल थे और थापाथली दरबारके मालिक थे। छोटे भाइ रणवीर सिंह थापाने नेपाल-अंग्रेज युद्धमे मकवानपुर से हरिहरपुरतकका मोर्चा सम्हाला था। नैनसिंहके नाति काजी उजीर सिंह थापाने पाल्पामे अंग्रेज विरूद्धके चतुर्याइँ नेपालमें चरितार्थ है। पिछ्ले समयमे नेपाली सेनाके प्रधानसेनापति हुए धर्मपालवरसिँह थापा भी बगाले थापा ही है। [4]

प्रधानमन्त्री माथवरसिंह थापा, एक बगाले थापा क्षत्री

पूर्वज[संपादित करें]

अभयनर राजा कालु थापा क्षत्री, आत्रेयगोत्री बगाले थापाओंके मूलपुरुष (प्रथम पुरुष)

थापा वंशावलीके एक कथनः

... श्रीशाके ११११ सम्वत् १२४६ साल देषि थापाहरूका सन्तति कुलका आदि कालु थापा हुनः। ।१।। कालु थापाका चेला ४ जेठा पुन्याकर थापाः। । माहिँला तारापति थापाः। । साहिँला विरु थापाः। । कान्छा धर्मराज थापाः। । पुलामका जेठा हुनः। । ताकमका माहिँला हुनः। । रुकुमकोटका साहिँला हुनः। । जमरिकका कान्छा जशोधर (धर्मराज) हुनः तिनले जमरिकमा राज्य पनि गर्याः ताहाँ देषि तिनी आयाका हुनः। ।२।।...[5]

उल्लेखनीय बगाले थापाएँ[संपादित करें]

स्रोत[संपादित करें]

  1. "मष्टो देवता पुजा". मूल से 12 अक्तूबर 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2017-03-24.
  2. "संग्रहीत प्रति". मूल से 5 अगस्त 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 12 मार्च 2017.
  3. "पाँच काजी परिवार". मूल से 12 मार्च 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2017-03-11.
  4. "थापा परिवारका व्यक्तित्व". मूल से 12 मार्च 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2017-03-11.
  5. नरहरिनाथ १९५५.

ये भी देखिए[संपादित करें]