बंगीय साहित्य परिषद

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बंगीय साहित्य परिषद (०६ दिसम्बर, १९०८)

बङ्गीय साहित्य परिषद, बंगाल की प्रसिद्ध साहित्यिक संस्था है।

१८९३ ई के जुलाई मास की २३ तारिख को 'बेङ्गाल एकेडेमि आफ लिटारेचर' नामक जो सभा स्थापित हुई, उसी का नाम परिबर्तन करके १३०१ बङ्गाब्द को बङ्गीय़ साहित्य परिषत् कर दिया गया।

विभिन्न उपायों द्वारा बांग्ला भाषाबांग्ला साहित्य का अनुशीलन एवं उन्नतिसाधन ही बङ्गीय साहित्य परिषत् का उदे्दश्य है। दुष्प्राप्य बांग्ला ग्रन्थ, साहित्य तथा गबेषणा निय़मित पुस्तकाकार प्रकाशित करना परिषत् का अन्यतम कार्यक्रम है। परिषत द्वारा प्रकाशित ग्रन्थों में योगेशचन्द्र राय बिद्यानिधि का बांग्ला शब्दकोष, श्रीकृष्णकीर्तन, साहित्यसाधक चरितमाला तथा भारतकोष बिशेष रूप से उले्लख योग्य हैं।

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