बंगाल सेना
| यह लेख अंग्रेज़ी भाषा में लिखे लेख का ख़राब अनुवाद है। यह किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा लिखा गया है जिसे हिन्दी अथवा स्रोत भाषा की सीमित जानकारी है। कृपया इस अनुवाद को सुधारें। मूल लेख "अन्य भाषाओं की सूची" में "अंग्रेज़ी" में पाया जा सकता है। |
| इस लेख में सन्दर्भ या स्रोत नहीं दिया गया है। कृपया विश्वसनीय सन्दर्भ या स्रोत जोड़कर इस लेख में सुधार करें। स्रोतहीन सामग्री ज्ञानकोश के लिए उपयुक्त नहीं है। इसे हटाया जा सकता है। (जून 2025) स्रोत खोजें: "बंगाल सेना" – समाचार · अखबार पुरालेख · किताबें · विद्वान · जेस्टोर (JSTOR) |

बंगाल सेना (अंग्रेज़ी: Bengal Army) बंगाल प्रेसीडेंसी की सेना थी। बंगाल प्रेसीडेन्सी, कंपनी राज की तीन प्रेसीडेंसियों में से एक थी।
बाकी प्रेसीडेंसी सेनाओं के सहित, बंगाल सेना पर नियंत्रण का अधिकार ईस्ट इण्डिया कम्पनी को था। 1857 की क्रांति के बाद ये अधिकार ईस्ट इण्डिया कम्पनी से हटकर ब्रिटिश क्राउन को मिल गया।
1895 में, अन्य प्रेसीडेंसी सेनाओं के सहित, बंगाल सेना को भी ब्रिटिश भारतीय सेना में मिला दिया गया तथा ब्रिटिश राज में एक नई सेना का निर्माण हुआ।
इतिहास
[संपादित करें]उतपत्ति

बंगाल सेना की उत्पत्ति एक यूरोपीय सैन्य-दल (रेजिमेंट) से हुई थी जो कि 1756 में बसाया गया था।
ईस्ट इण्डिया कम्पनी के नियंत्रण में
सन् 1757 में, पहली इकाई बंगाली सिपाहियों से लाल पल्टन बटालियन के रूप में बनाई गई थी। बंगाल सेना में भर्ती किए गए सैनिक बंगाल के नवाब की सेना एवं अवध के नवाब की सेना में पहले ही सेवा में थे जिनको मिला-जुला के "पूरबिया" कहते थे। सारे सैनिकों को ब्रिटिश सेना के साथ ट्रेन कराया जाता था।
| यह पृष्ठ किसी भी श्रेणी में नहीं डाला गया है। कृपया इसमें श्रेणियाँ जोड़कर सहायता करें ताकि यह सम्बन्धित पृष्ठों के साथ सूचीबद्ध हो सके। (जून 2025) |