फ्लेमिंग वामहस्त नियम

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फ्लेमिंग वामहस्त नियम चुम्बकीय बल की दिशा बताता है।

फ्लेमिंग वामहस्त नियम या फ्लेमिंग के बायें हाथ का नियम (Fleming's left hand rule (for motors)) एक स्मृतिसहायक विधि है जो चुम्बकीय क्षेत्र में स्थित किसी धारावाही चालक पर लगने वाले चुम्बकीय बल की दिशा बताने के लिये प्रयोग किया जाता है।

चित्र में दिखाया गया है कि यदि बायें हाथ की प्रथम तीन अंगुलियाँ एक-दूसरे के लम्बवत फैलायी जाँय और तर्जनी चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा में हो एवं मध्यमा चालक में बहने वाली धारा की दिशा में हो तो उस चालक पर लगने वाला चुम्बकीय बल अंगुठे की दिशा में होगा।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]