फ्रांस की सिविल संहिता

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फ्रांस के सिविल संहिता का पहला पृष्ट

फ्रांस की सिविल संहिता (फ्रेंच आधिकारिक नाम : Code civil des français) नैपोलियन प्रथम द्वारा १८०४ में फ्रांस में लागू की गयी। इसे 'नैपोलियन कोड' भी कहते हैं। इस संहिता द्वारा जन्म के आधार पर दिये गये विशेषाधिकार बन्द कर दिये गये, इसके तहत धर्म की स्वतंत्रता प्रदान की गयी, तथा इसमें कहा गया कि सरकारी नौकरियाँ उनको मिलें जो सर्वाधिक योग्य हों।

यह संहिता चार ज्युरी की एक आयोग द्वारा बहुत जल्दी तैयार किया गया तथा २१ मार्च १८०४ को लागू किया गया। यह स्पष्ट रूप से लिखित था और पहले से चल रहे सामन्ती नियमों के स्थान पर लागू हुआ। इतिहासकार रॉबर्ट होल्टमैन का मानना है कि यह उन गिने-चुने प्रपत्रों में से एक है जिन्होने संसार पर अपनी छाप छोड़ी है।

ज्ञातब्य है कि यह यूरोप के किसी देश में लागू होने वाला पहला सिविल कोड नहीं था बल्कि कुछ देशों में इससे पहले भी सिविल कोड लागू हो चुके थे।