फोरेंसिक भूभौतिकी

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फोरेंसिक भूभौतिकी एक न्यायालयिक विज्ञान की शाखा है। यह अध्ययन, खोज, स्थानीयकरण और दफन वस्तुओं या मिट्टी या पानी के नीचे तत्वों, कानूनी प्रयोजनों के लिए भूभौतिकी उपकरण का उपयोग कर के मानचित्रण करने मे इस्तेमाल होता है।[1] फॉरेंसिक जांच के लिए विभिन्न भूभौतिकीय तकनीक हैं, जिसमें लक्ष्यों को दफन दिया जाता है और विभिन्न आयाम है। भूभौतिकीय तरीकों संभावित खोज और इन लक्ष्यों की वसूली मे सहायता करता है।

फोरेंसिक भूभौतिकी एक उभरती तकनीक है जो कि कानून प्रवर्तन में लोकप्रियता और प्रतिष्ठा प्राप्त कर रहा है।[2] विभिन्न सतह के नजदीक भूभौतिकीय तकनीक है जो कि एक के पास सतह दफन वस्तु है, जो साइट और मामला-विशिष्ट होना चाहिए और पता लगाने के लिए उपयोग किया जा सकता हैं।

तकनीक[संपादित करें]

  • ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रेडार
  • विद्युत प्रतिरोधकता विधि
  • चुंबक मीटर

नियंत्रित अनुसंधान[संपादित करें]

आदेश इष्टतम खोज तकनीक और उपकरण विन्यास में एक अंतर्दृष्टि हासिल करने के लिए जाना जाता है दफन कर दिया और नीचे पानी की सतह नकली फोरेंसिक लक्ष्यों को खत्म करने के लिए अनुसंधान हाल के प्रयासों की गई है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Pringle, JK; Ruffell, A; Jervis, JR; Donnelly, L; McKinley, J; Hansen, J; Morgan, R; Pirrie, D; Harrison, M (2012). "The use of geoscience methods for terrestrial forensic searches". Earth Science Reviews. 114: 108–123. डीओआइ:10.1016/j.earscirev.2012.05.006. बिबकोड:2012ESRv..114..108P.
  2. Larson, DO; Vass, AA; Wise, M (2011). "Advanced Scientific Methods and Procedures in the Forensic Investigation of Clandestine Graves". Journal of Contemporary Criminal Justice. 27 (2): 149–182. डीओआइ:10.1177/1043986211405885.