फेडरलिस्ट पेपर्स
| लेखक | अलेक्जेंडर हैमिल्टन, जेम्स मैडिसन, और जॉन जे (छद्म नाम: पब्लियस) |
|---|---|
| मूल शीर्षक | The Federalist |
| भाषा | अंग्रेज़ी |
| विषय | राजनीतिक दर्शन, संवैधानिक कानून, संघवाद |
| शैली | राजनीतिक निबंध / लेखमाला |
| प्रकाशन तिथि | 1787–1788 (समाचार पत्रों में) |
| प्रकाशन स्थान | संयुक्त राज्य अमेरिका |
| पृष्ठ | 85 निबंध |
फेडरलिस्ट पेपर्स (अंग्रेज़ी: The Federalist Papers), जिसे मूल रूप से द फेडरलिस्ट के नाम से जाना जाता था, 85 लेखों और निबंधों का एक ऐतिहासिक संग्रह है। इन निबंधों की रचना अमेरिका के 'संस्थापक पिताओं' में से तीन प्रमुख हस्तियों—अलेक्जेंडर हैमिल्टन, जेम्स मैडिसन और जॉन जे-ने मिलकर की थी। ये सभी लेख 1787 और 1788 के बीच न्यूयॉर्क के विभिन्न समाचार पत्रों में पब्लियस के छद्म नाम से प्रकाशित किए गए थे। इन निबंधों का मुख्य और तात्कालिक उद्देश्य न्यूयॉर्क के नागरिकों और मतदाताओं को प्रस्तावित अमेरिकी संविधान का अनुसमर्थन करने के लिए सहमत करना था।[1]
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
[संपादित करें]1787 के फिलाडेल्फिया सम्मेलन से पहले, अमेरिका 'परिसंघ के अनुच्छेदों' के तहत शासित होता था। यह पुरानी व्यवस्था एक बहुत ही कमज़ोर केंद्र सरकार प्रदान करती थी, जिसके पास कर वसूलने या सेना खड़ी करने का कोई वास्तविक अधिकार नहीं था। इस कमज़ोरी को दूर करने के लिए फिलाडेल्फिया में एक नया और मजबूत संघीय संविधान तैयार किया गया।[2]
हालाँकि, इस नए संविधान को लागू होने के लिए 13 में से कम से कम 9 राज्यों की मंज़ूरी (अनुसमर्थन) आवश्यक थी। न्यूयॉर्क राज्य में 'एंटी-फेडरलिस्ट' (संविधान-विरोधी) गुट का बहुत प्रभाव था, जिनका मानना था कि एक मजबूत केंद्र सरकार नागरिकों की स्वतंत्रता और राज्यों के अधिकारों को कुचल देगी। इन्ही विरोधियों के तर्कों का खंडन करने और नए संविधान के लाभों को तार्किक रूप से समझाने के लिए 'फेडरलिस्ट पेपर्स' की शुरुआत की गई।[3]
लेखक और 'पब्लियस' का उपयोग
[संपादित करें]तीनों लेखकों ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए रोमन गणराज्य के संस्थापकों में से एक, पब्लियस वैलेरियस पब्लिकोला के सम्मान में 'पब्लियस' नाम चुना। कुल 85 निबंधों में से लेखकों का योगदान इस प्रकार माना जाता है:
- अलेक्जेंडर हैमिल्टन: 51 निबंध (मुख्य रूप से कार्यपालिका, न्यायपालिका और कराधान के विषयों पर)।
- जेम्स मैडिसन: 29 निबंध (मुख्य रूप से सरकार की संरचना और शक्तियों के पृथक्करण पर)।
- जॉन जे: 5 निबंध (विदेशी संबंधों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर, बीमारी के कारण वे अधिक नहीं लिख सके)।
प्रमुख निबंध और राजनीतिक दर्शन
[संपादित करें]'फेडरलिस्ट पेपर्स' में कई ऐसे निबंध हैं जिन्हें आज राजनीतिक विज्ञान की उत्कृष्ट कृतियाँ माना जाता है:
- फेडरलिस्ट नंबर 10 (मैडिसन): यह सबसे प्रसिद्ध निबंध है। इसमें मैडिसन तर्क देते हैं कि एक विशाल और विविध गणराज्य 'गुटबाज़ी' और बहुसंख्यक वर्ग के अत्याचार को रोकने में छोटे लोकतंत्रों की तुलना में अधिक सक्षम होता है।
- फेडरलिस्ट नंबर 51 (मैडिसन): इसमें 'शक्तियों के पृथक्करण' और 'नियंत्रण और संतुलन' के महत्व को समझाया गया है। इसी में मैडिसन का प्रसिद्ध वाक्य है: "यदि मनुष्य देवदूत होते, तो किसी सरकार की आवश्यकता नहीं होती।"[4]
- फेडरलिस्ट नंबर 78 (हैमिल्टन): यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता की वकालत करता है और 'न्यायिक समीक्षा' के सिद्धांत की नींव रखता है, जिसके तहत अदालतें असंवैधानिक कानूनों को रद्द कर सकती हैं।[5]
ऐतिहासिक प्रभाव और विरासत
[संपादित करें]यद्यपि इतिहासकारों में इस बात पर बहस है कि इन निबंधों ने न्यूयॉर्क के अनुसमर्थन में वास्तव में कितनी बड़ी भूमिका निभाई, लेकिन अमेरिकी 'विधिशास्त्र' में इनका प्रभाव अतुलनीय है। आज 'फेडरलिस्ट पेपर्स' को संविधान निर्माताओं के मूल इरादों को समझने का सबसे प्रामाणिक स्रोत माना जाता है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक व्याख्या के लिए 300 से अधिक बार इन निबंधों का उद्धरण दिया है।[6]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Rossiter, Clinton (2003). The Federalist Papers. Signet Classics. pp. Introduction (vii-x). ISBN 978-0451528810.
- ↑ "Full Text of The Federalist Papers"[मृत कड़ियाँ]
- ↑ Chernow, Ron (2004). Alexander Hamilton. Penguin Books. pp. 247-250. ISBN 978-0143034759.
- ↑ Epstein, David F. (1984). "The Political Theory of The Federalist". University of Chicago Press: 125-128.
- ↑ Federalist Papers, original 1788 printing
- ↑ Bailyn, Bernard (1992). The Ideological Origins of the American Revolution. Harvard University Press. pp. 321-325. ISBN 978-0674443020.