फुसरो

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
फुसरो
Phusro
फुसरो की झारखण्ड के मानचित्र पर अवस्थिति
फुसरो
फुसरो
झारखंड में स्थिति
निर्देशांक: 23°46′N 85°59′E / 23.77°N 85.99°E / 23.77; 85.99निर्देशांक: 23°46′N 85°59′E / 23.77°N 85.99°E / 23.77; 85.99
ज़िलाबोकारो ज़िला
प्रान्तझारखंड
देशFlag of India.svg भारत
जनसंख्या (2011)
 • कुल89,178
भाषाएँ
 • प्रचलितहिन्दी
समय मण्डलभामस (यूटीसी+5:30)
पिनकोड829144
दूरभाष कोड06549
वाहन पंजीकरणJH-09
लोकसभा निर्वाचनक्षेत्रगिरीडीह
विधानसभा निर्वाचनक्षेत्रबेरमो

फुसरो (Phusro) भारत के झारखंड राज्य के बोकारो ज़िले में स्थित एक शहर है।[1][2]

विवरण[संपादित करें]

वर्तमान में झारखण्ड राज्य (पूर्व में बिहार राज्य) के उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल में बोकारो जिला (1 अप्रैल 1991 से, पूर्व में हजारीबाग तत्पश्चात गिरिडीह जिला) के बेरमो अनुमंडल, प्रखंड सह अंचल एवं थाना के अंतर्गत एक छोटा किन्तु तीव्र गति से विकासशील शहर है। बेरमो विधानसभा (वर्तमान विधायक श्री योगेश्वर महतो ‘बाटुल’ जी) एवं गिरिडीह लोकसभा (वर्तमान सांसद श्री रविन्द्र कुमार पाण्डेय जी) क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला फुसरो राजनितिक रूप से भी अत्यंत सक्रीय है, पर फिर भी कई विडम्बनाओं से ग्रसित यह क्षेत्र अपनी सहनशीलता, भाईचारे एवं सौहार्द्रपूर्ण व्यवहार के लिए अपने आप में आसपास के क्षेत्रों के लिए एक मिसाल है।

यह अपने जिला मुख्यालय बोकारो से 35 कि।मी। पश्चिम में अवस्थित है तथा अपनी राजधानी राँची से 120 कि।मी। उत्तर-पश्चिम में स्थित है, यहाँ के डाक-घर (कम्प्यूटरीकृत) फुसरो बाज़ार का पिन कोड 829144 तथा भारत संचार निगम लिमिटेड, बेरमो के अंतर्गत इसका टेलीफोनिक एस।टी।डी। कोड 06549 है तथा फुसरो रेलवे स्टेशन का कोड (PUS) है। बोकारो जिला के अंतर्गत आने से यहाँ की जिन गाड़ियों का पंजीकरण होता है जिला शहर से होता हैं उनका ट्रांसपोर्ट व्हीकल रजिस्ट्रेशन कोड JH09 से शुरू होता है।

वर्ष मार्च 2008 में फुसरो नगर परिषद् के गठन के बाद से शहर में नगरीय प्रणाली के अनुपालन का प्रयास हो रहा है, हालाँकि इसकी गति सरकारी व्यवस्था के कारण कुछ धीमी ही है, परन्तु धैर्य के साथ फुसरो की जनता का साथ प्राप्त हो रहा है, जिससे यह एक बेहतर एवं स्वच्छ नगरीय वातावरण की दिशा में लगातार अग्रसर होता ही जा रहा है। फुसरो नगर परिषद् में बेरमो प्रखंड के छः पंचायत से फुसरो, ढोरी, करगली, अमलो, मकोली व कारो को लेकर वर्तमान में कुल 28 वार्ड बने हैं। जिसके बाद से ही अधिसूचित क्षेत्र समिति फुसरो के स्थान पर नगर परिषद फुसरो कहलाने लगा।

जनसांख्यिकी[संपादित करें]

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार फुसरो नगर परिषद् के अंतर्गत आने वाली कुल आबादी करीब 89,178 है जिसमे से करीब 46,605 आबादी पुरुषों की तथा स्त्रियों की आबादी करीब 42,573 है, तथा जिनमे अनुसूचित जाति की आबादी करीब 13,635 एवं अनुसूचित जनजाति की आबादी करीब 5,109 है। शिक्षित व्यक्तियों की कुल जनसख्या में हिस्सेदारी करीब 61,000 है जिनमे से करीब 35,000 पुरुष एवं करीब 26,000 महिलाएं शामिल हैं।

भौगोलिक स्थिति[संपादित करें]

फुसरो, लगभग 45।22 वर्ग कि।मी। क्षेत्र में फैला है तथा अक्षांश 23।77 डिग्री उत्तर तथा देशांतर 85।99 डिग्री पूर्व में स्थित है। भारतीय मानक समय (नैनी, इलाहाबाद +5:30 मिनट पूर्व) की समय सारणी में इसकी स्थिति +14 मिनट (पूर्व) है। इसके अधिकतर इलाके कोल इंडिया द्वारा वर्तमान व भावी कोयला खदानों को ध्यान में रखते हुए अधिसूचित किये गए हैं। कोयला खदानों में होने वाले बारूदी धमाको से घरों की खिड़कियाँ थर्रा उठती हैं तथा घरों की दीवारों में दरार आना यहाँ आम बात होती है।

परिसीमा[संपादित करें]

  • उत्तर की ओर यह राजमार्ग संख्या-2 (डुमरी) को जोड़ने वाले राज्यमार्ग से जुड़ा है जिसके किनारे मुख्य रूप से चपरी, मकोली, नवाडीह आदि जैसे इलाकों की बसावट है।
  • दक्षिण की ओर यह दामोदर नदी के किनारे बसे जरीडीह बाजार, बालू बंकर, अंगवाली, ढोरी बस्ती, मधुकनारी, राजाबेड़ा आदि जैसे इलाकों से घिरा है।
  • पूर्व में यह दामोदर नदी पर निर्मित हिंदुस्तान पुल, जिस पर से होकर फुसरो-जैनामोर मुख्य मार्ग गुजरती है, से जुड़ा है, जिसके किनारे नया रोड बसा है, जो की फुसरो का सबसे सघन क्षेत्र माना जाता है।
  • पश्चिम में यह जारंगडीह – कथारा – बी।टी।पी।एस। (बोकारो थर्मल पॉवर स्टेशन) – स्वांग – गोमिया व तेनुघाट जाने वाली मुख्य मार्ग से जुड़ा है।
  • उत्तर–पूर्व में यह चंद्रपुरा को जाने वाली सड़क से जुड़ा है जिसके किनारे राजेंद्र नगर, सिंह नगर, फुसरो स्टेशन, शांति नगर, खास ढोरी, शारदा कॉलोनी, कल्याणी व सबसे छोर पर भंडारीदह बसा है।
  • दक्षिण-पूर्व में दामोदर नदी के पूर्वी किनारे पर एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने के लिए बहुप्रतीक्षित “हथिया पत्थर” नामक स्थान से जुड़ा है।
  • दक्षिण-पश्चिम में यह दामोदर के किनारे बसे जरीडीह बाज़ार से जुड़ा है जिसके उत्तर में जारंगडीह रेलवे स्टेशन है।
  • उत्तर-पश्चिम में कुरपनिया से सटे गांधीनगर से लेकर सुभास नगर, बेरमो सीम, 4 व 5 नंबर धौरा, अमलो बस्ती आदि जैसे इलाकों की बसावट है।

जलवायु[संपादित करें]

कर्क रेखा से लगभग 100 किमी दूरी पर उत्तर की ओर स्थित होने के कारण यहाँ की जलवायु उष्णकटिबंधीय श्रेणी में आती है। यहाँ कभी भी मौसम की स्थिति एक सी नहीं रहती। मानसून के आगमन की बात करें तो, यदि अन्य कारक बाधक न हुए हों तो प्रतिवर्ष जून के मध्याह्न में मानसून आ ही जाता है। चारो ओर से छोटी-छोटी पहाडियों से घिरा यह इलाका थोड़ी सी भी अधिक बारिश को नहीं झेल पाता। बरसात के मौसम में लगातार सप्ताहांत तक हुई बारिश में इसके नदी एवं नाले उफन जाते हैं, परन्तु बारिश रुकने के कुछ ही घंटों में पानी उतरने के बाद ऐसा लगता है जैसे यहाँ तो बारिश हुई ही नहीं हो। जाड़ों में दिन काफी सुहाने एवं धूप खिली होती है तथा न्यूनतम तापमान 15 डिग्री तक तथा गर्मियों में अधिकतम पारा 45 डिग्री के पार चला जाता है।

यातायात[संपादित करें]

फुसरो रेलवे स्टेशन से कोलकाता, भोपाल, अजमेर, जबलपुर, उज्जैन तथा पटना आदि स्थानों तक जाने के लिए सीधी रेल सेवा उपलब्ध है। फुसरो अपने निकटतम महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन चंद्रपुरा से जुड़ा है तथा मात्र 14 कि।मी। दूर है। कोयलांचल क्षेत्र के कारण यहाँ की रेल सेवा के अंतर्गत मालगाड़ियों की आवाजाही अधिक है। रेलवे क्रोसिंग की समस्या फ्लाईओवर के शुरू हो जाने से कुछ कम तो हुई है पर बाज़ार में ट्रैफिक की स्थिति में कुछ ख़ास फर्क नहीं पड़ा है, जिसका मुख्य कारण है कोयला लदी भारी वाहनों का परिचालन। कुछ दुर्घटनाओं के बाद प्रशासन द्वारा रात 9:00 बजे तक नो-इंट्री लगाई गयी है। फुसरो से अन्य महत्वपूर्ण स्थानों जैसे जमशेदपुर (टाटा), राँची, धनबाद, गिरिडीह, चास, बोकारो, गोमिया, हजारीबाग तथा उत्तरी बिहार के कई स्थानों जैसे बिहारशरीफ, नवादा, सीवान, छपरा, गया, आरा, औरंगाबाद के लिए बस की सीधी एवं भाया सेवाएँ भी नियमित रूप से चल रही हैं। शहर के अन्दर निकटतम दूरी तय करने के लिए लोग प्रायः निजी वाहनों का प्रयोग जिनमे दुपहिया व चारपहिया वहां का प्रयोग करते हैं, वैसे ऑटो व अन्य कई छोटे वाहन भी उपलब्ध हैं।

स्वास्थ्य[संपादित करें]

फुसरो में कोल इंडिया की अनुषंगी इकाई सी।सी।एल। द्वारा संचालित कुल दो क्षेत्रीय अस्पताल (Regional Hospital) हैं एक ढोरी क्षेत्र के तथा दूसरा बोकारो एवं करगली क्षेत्र के अंतर्गत आतें हैं, जहाँ पर निःशुल्क चिकित्सा सेवाएँ एवं अत्याधुनिक मशीनें और जांच के उपकरण उपलब्ध है, तथा एक अनुमंडलीय अस्पताल (Referral Hospital) भी है जहाँ सरकारी चिकित्सा सेवाएँ एवं दवाईयां निःशुल्क उपलब्ध कराई जातीं हैं। इसके अतिरिक्त कुछ गिने चुने निजी अस्पताल तथा प्रसूति सेवा केंद्र भी हैं, जहाँ पेशेवर सेवाएँ उचित मूल्य लेकर प्रदान की जातीं है।

शिक्षा[संपादित करें]

फुसरो की कुल जनसंख्या में साक्षर व्यक्तियों की संख्या करीब 61000 है जो की कुल जनसंक्या का 67 % है, जिनमे पुरुष सक्षारता दर 57।5% तथा महिला साक्षरता दर 42।5% है। फुसरो में महिला 01 महविद्यालय, 03 उच्च विद्यालय, 11 उत्क्रमित विद्यालय एवं 18 प्राथमिक विद्यालय हैं इसके अतिरिक्त कुल 22 निजी विद्यालय चल रहे हैं, जिनमे से कई विद्यालयों को तो कोल इंडिया के अनुषंगी इकाई सी।सी।एल। से अनुदान भी प्राप्त है। महिलाओं के लिए तो स्नातक शिक्षा के लिए तो एक मात्र झब्बू सिंह मेमोरियल महिला महाविद्यालय है भी जबकि पुरुषों को स्नातक शिक्षा ग्रहण करने के लिए कथारा स्थित श्री कृष्ण बल्लभ महाविद्यालय (18 कि।मी। पश्चिम), पिछरी स्थित बिन्देश्वरी दुबे आवासीय महाविद्यालय (05 कि।मी। पूर्व) पर आश्रित रहना पड़ता है। कुछ विद्यार्थी तो रणविजय महाविद्यालय, चास व सिटी कॉलेज, बोकारो तक में अपना नामांकन मात्र करवाकर मात्र परीक्षा के समय ही सम्मिलित होते हैं। फुसरो में सरकारी विद्यालयों में कमजोर व आर्थिक रूप से निम्न वर्ग के परिवारों के बच्चे ही पढने जाते हैं, जबकि वहां हर प्रकार की सरकारी लाभ मुहैया करने का प्रयास सरकारी कार्यक्रम के अनुरूप निरंतर चलता रहता है। मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चे बमुश्किल निजी विद्यालयों में नामांकन करवा पाते हैं, क्योंकि या तो उच्चवर्गीय परिवारों ने जगह पैरवी के माध्यम से सुरक्षित करा ली होती है या फिर संसाधनों की कमी का हवाला देते हुए विद्यालय प्रशासन कन्नी काट जाता है। वर्तमान सत्र में निजी विद्यालाओं में शुल्क वृद्धि भी दर्ज की गयी है जिसका विरोध तो पुरजोर हुआ पर अंततः विद्यालय प्रशासन ने शुल्क लेने के तरीकों व उनके आधार को बदल कर शुल्क वृद्धि के कारणों को नया रूप दे दिया।

व्यवसाय[संपादित करें]

फुसरो के कोयला बहुल क्षेत्र बेरमो में होने से यहाँ के लोगों की आजीविका पर प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से सी।सी।एल। का प्रभाव रहता ही है, हालाँकि विगत दशकों से हालत पहले जैसे नहीं हैं। यहाँ के लोगों का मुख्य व्यवसाय सी।सी।एल। के अंतर्गत निकलने वाली विभिन्न प्रकार की सिविल, सप्लाई व सेवा सबंधित निविदाओं को समय पर पूरा करना एवं सीसीएल से ही कोयले की खरीद-बिक्री करना है। इसके अलावे यहाँ मुख्य रूप से विभिन्न अनाजों, कपड़ों व अन्य दैनिक जीवन में काम आने वाली वस्तुओं के थोक व्यापर से लोग जुड़े हैं। विभिन्न प्रकार के दुपहिया व चारपहिया वाहनों के तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टी।वी।, मोबाइल, कंप्यूटर आदि के शोरूम्स, सिनेमा हॉल, पेट्रोल पम्पस के साथ-साथ लोहे को गलाने वाली फैक्ट्री भी है। कुल मिला कर यहाँ दैनिक जीवन में उपयोग की जाने वाली वस्तुओं के थोक व्यापार से संबधित लोग कई अन्य लोगों के रोजगार का कारक तो बन ही रहे हैं साथ ही साथ छोटे-छोटे रोजगार भी फल-फूल रहे हैं।

आकर्षण[संपादित करें]

मेघदूत मार्किट का इलाका काफी सघन है, यहाँ लगभग हर प्रकार की चीजों की दुकाने, शोरूम्स, बैंक्स व ओफिसेस हैं। वस्तुतः इस इलाके को फुसरो का ह्रदय (सिटी सेंटर) कहा जाय तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। सुबह करीब आठ बजे से ही लोगो की आवाजाही शुरू हो जाती है तथा चाय-पान आदि की दुकाने सजनी शुरू हो जाती हैं। बैंक मोड़ से पुराना बी।डी।ओ। ऑफिस तक का नजारा शाम के समय देखने योग्य होती है। विभिन्न प्रकार के त्वरित व रेडीमेड व्यंजनों से दुकाने सज जाती हैं और लोगों, विशेष कर महिलाएं एवं बच्चों की भीड़ अधिक होती है, होटलों एवं रेस्तरां से ज्यादा भीड़ चाट पकोड़े व समोसे की छोटी-छोटी दुकानों पर भीड़ अधिक होती है। सब्जी-मंडी में विभिन्न प्रकार की सब्जियां व फल उपलब्ध होते हैं। यदि आप ताजे फल व सब्जियों के शौक़ीन हैं तो आपको यहाँ सुबह-सुबह ही आकर अपनी पसंद की चीजों की खरीदारी कर लेनी होगी, हाँ दाम थोडे अधिक चुकाने होंगे, पर यदि आप शाम के समय खरीदारी करना चाहते हैं तो आपको कुछ कम कीमत पर सुबह की चीजें उपलब्ध हो सकती हैं। प्रायः कहीं काम करने वाले कर्मचारी चाहे वह सरकारी सेवा में हो अथवा निजी सेवा में, वे अक्सर शाम के समय सब्जी व फल खरीदते देखे जा सकते हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Tourism and Its Prospects in Bihar and Jharkhand Archived 11 अप्रैल 2013 at the वेबैक मशीन.," Kamal Shankar Srivastava, Sangeeta Prakashan, 2003
  2. "The district gazetteer of Jharkhand," SC Bhatt, Gyan Publishing House, 2002